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डायबिटीज में इस गलती के कारण कोमा से जा सकता है मरीज, जानें डायबिटिक कीटोएसिडोसिस के बारे में

Diabetic Ketoacidosis: डायबिटीज के मरीज अगर समय रहते देखभाल न पाएं तो कई गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं जिनमें से एक डायबिटिक कीटोएसिडोसिस भी है, जिसके कारण मरीज की जान भी जा सकती है या वह कोमा में भी जा सकता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : December 10, 2025 4:04 PM IST

Diabetes Complication in Hindi: डायबिटीज तो हम भारतीयों के लिए बेहद आम समस्या बन चुकी है, असल में तो आपके परिवार में कोई न कोई डायबिटीज का मरीज मिल जाएगा और अगर ऐसा नहीं है तो आपके आस-पड़ोस में एक-दो डायबिटीज के मरीज जरूर मिल जाएंगे। आजकल हर कोई डायबिटीज के बारे में इतना जान चुका है और इंटरनेट पर डायबिटीज की इतनी जानकारी मिल जाती है कि ज्यादातर लोग खुद को डायबिटीज का एक्सपर्ट समझने लगे हैं। लेकिन खुद से बने उन एक्सपर्ट्स को शायद डायबिटीज कीटोएसिडोसिस (DKA) के बारे में नहीं पता होगा। बहुत ही कम लोग जानते हैं कि डीकेए एक ऐसी कंडीशन है, जो जानलेवा है और यहां तक कि मरीज इसके कारण कोमा में भी जा सकता है। इस लेख में हम आपको इसी बारे में बताएंगे कि अगर डायबिटीज के मरीज अपना खास ध्यान नहीं रखते हैं तो डायबिटीज कीटोएसिडोसिस जैसी कॉम्प्लिकेशन बन सकती हैं जो जानलेवा हो सकती हैं और इनके कारण मरीज कोमा में भी जा सकता है।

डायबिटीज के मरीजों की लापरवाही

डायबिटीज के कुछ मरीज खासतौर पर जो बुजुर्ग नहीं होते यानी जिनकी उम्र 40 से 50 साल की होती है, वे अक्सर शुरुआत में लापरवाह होते हैं। कई बार उनका ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, लेकिन उनके शरीर में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती है और यही कारण है कि वे कई बार इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं। बहुत से ऐसे मरीज देखे जा चुके हैं जिनका ब्लड शुगर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, लेकिन वे अपने लाइफस्टाइल पर इतना ध्यान नहीं दे पाते हैं। ऐसी स्थितियों के कारण ही डायबिटीज कीटोएसिडोसिस जैसी जटिलताएं पैदा होती हैं।

(और पढ़ें - डायबिटीज के लक्षण)

क्या है डायबिटिक कीटोएसिडोसिस

यह एक जानलेवा स्थिति है और तब होती है जब लंबे समय से ब्लड शुगर कंट्रोल न हो और इंसुलिन कम होने के कारण शरीर एनर्जी के लिए ग्लूकोज का इस्तेमाल करने लगे। इस दौरान शरीर फैट को तोड़ना शुरू करता है, जिससे कीटोन बनते हैं और ये कीटोन ब्लड में मिलने लगते हैं। जब ब्लड में कीटोन बहुत ज्यादा हो जाते हैं जो डायबिटिक कीटोएसिडोसिस हो जाती है।

(और पढ़ें - क्या है डायबिटिक कीटोएसिडोसिस)

जानलेवा है डायबिटिक कीटोएसिडोसिस

बहुत ही कम लोगों को डायबिटिक कीटोएसिडोसिस के बारे में पर्याप्त जानकारी है, लेकिन यह एक जानलेवा स्थिति है। अगर शुरुआत में ही इसकी देखभाल करके ट्रीटमेंट शुरु न किया जाए तो मरीज की जान भी जा सकती है या फिर मरीज कोमा में जा सकता है। इसलिए अगर डायबिटीज के मरीज को निम्न लक्षण दिखते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए -

  • मुंह से अजीब बदबू आने लगना
  • पेट में दर्द रहने लगना
  • उलझन महसूस होना या फॉकस न कर पाना
  • बहुत ज्यादा प्यास लगना और बार-बार पेशाब आना
  • बार-बार सांस फूलना या सांस लेने में दिक्कत होना

किन बातों का ध्यान रखें डायबिटीज के मरीज

डायबिटीज के मरीजों के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि वे अपने ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखें। क्योंकि जब ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है, तो हो सकता है आपको कोई परेशानी महसूस ना हो रही है, लेकिन वह अंदर ही अंदर आपके शरीर को नुकसान पहुंचा रहा होता है। ऐसे में शरीर कमजोर पड़ता रहता है और एक समय में आकर डायबिटिक कीटोएसिडोसिस जैसी जटिलताएं पैदा हो जाती हैं। इसलिए अपने ब्लड शुगर लेवल का खासतौर पर ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी है।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।