
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
diabetes and skin infection
डायबिटीज में सिर्फ ब्लड शुगर नहीं बढ़ता है, यह कई तरह की समस्याओं का कारण भी बनता है। डायबिटीज रोगियों में हृदय और किडनी रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, यह त्वचा संबंधी समस्याओं के जोखिम को भी बढ़ाता है। डायबिटीज रोगियों में स्किन इंफेक्शन का खतरा ज्यादा बना रहता है। आमतौर पर इनमें बैक्टीरियल इंफेक्शन, फंगल इंफेक्शन और त्वचा में खुजली जैसी समस्याएं होना शामिल हैं। लेकिन, कुछ त्वचा संबंधी समस्याएं ऐसी होती हैं, जो सिर्फ डायबिटीज रोगियों में ही देखने को मिलती है। जैसे- डायबिटिक डर्मोपैथी (Diabetic Dermopathy), नेक्रोबायोसिस लिपोइडिका डायबिटिकोरम (Necrobiosis Lipoidica Diabeticorum), डायबिटिक ब्लिस्टर्स (Diabetic Blisters) और इरप्टिव जैंथोमैटोसिस (Eruptive Xanthomatosis) आदि।
डायबिटीज रोगियों में बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा काफी ज्यादा बना रहता है। इसकी वजह से त्वचा पर फोड़े-फुंसियां नजर आ सकती हैं। इतना ही नहीं, नाखूनों के आस-पास और पलकों की ग्रंथियों में भी संक्रमण नजर आ सकता है। कुछ डायबिटीज रोगियों को बालों की जड़ों में भी संक्रमण हो सकता है। इससे संक्रमण से प्रभावित हिस्सों पर गर्मी, सूजन, रेडनेस और दर्द जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। आपको बता दें कि बैक्टीरियल इंफेक्शन का सबसे आम कारण स्टैफिलोकोकस (Staphylococcus) नामक बैक्टीरिया होता है। इनका इलाज डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाइयों के जरिए करते हैं। अगर आप डायबिटीज रोगी हैं और बैक्टीरियल इंफेक्शन से परेशान हैं, तो इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखने की कोशिश करें।
American Diabetes Association के अनुसार, डायबिटीज मरीजों में फंगल इंफेक्शन का जोखिम भी ज्यादा रहता है। फंगल इंफेक्शन का सबसे आम कारण कैंडिडा एल्बिकन्स (Candida albicans) नामक यीस्ट होता है। इस संक्रमण के संपर्क में आने से त्वचा पर रेडनेस और चकत्ते नजर आ सकते हैं। छोटे-छोटे फफोले और पपड़ी भी दिखाई दे सकती है। आमतौर पर यह संक्रमण स्तनों के नीचे, नाखूनों के आसपास, हाथ और पैरों की उंगलियों के बीच, मुंह के किनारों पर, बगल या कमर और जांघों के आस-पास हो सकता है। डायबिटीज रोगियों में सबसे आम फंगल संक्रमण रिंगवर्म (दाद) और योनि में यीस्ट संक्रमण है। अगर आपको फंगल संक्रमण का कोई भी लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
ADA के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों को त्वचा पर खुजली की समस्या हो सकती है। अगर डायबिटीज की वजह से शरीर में रक्त संचार खराब है, तो इसकी वजह से आमतौर पर पैरों के निचले हिस्से में ज्यादा खुजली महसूस हो सकती है। यह आमतौर पर फंगल इंफेक्शन, स्किन ड्राईनेस और खराब ब्लड सर्कुलेशन की वजह से हो सकता है। इससे बचाव के लिए त्वचा को जरूरत पड़ने पर मॉइश्चराइज जरूर करें। अगर खुजली लंबे समय तक बनी रही, तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
Disclaimer: डायबिटीज रोगियों में ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। लेकिन, डायबिटीज रोगियों में त्वचा संबंधी समस्याओं का जोखिम भी बढ़ जाता है। अगर आपको डायबिटीज है और त्वचा पर रैशेज, लालिमा या चकत्ते नजर आ रहे हैं, तो इन स्थितियों को नजरअंदाज न करें और एक बार डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करें।