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Diabetes and Potassium: डायबिटीज है तो सीमित मात्रा में करें पोटेशियम का सेवन, जानिए किन चीजों में होता है पोटेशियम

पोटेशियम एक इलेक्ट्रोलाइट और खनिज है जो आपकी बॉडी में तरल पदार्थों को उचित स्तर पर बनाए रखने में मदद करता है।

जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कहा कि टाइप 2 डायबिटीज होने पर शरीर में पोटेशियम की मात्रा (Diabetes and Potassium) को सीमति रखना चाहिए।

Written by Rashmi Upadhyay |Published : February 7, 2021 4:47 PM IST

Diabetes and Potassium: हम जो भी खाते हैं उसे हमारे शरीर शुगर बनाता है, जिसे ग्‍लूकोज भी कहते हैं। हमारा शरीर ग्‍लूकोज का इस्‍तेमाल एनर्जी के लिए करते हैं। इंसुलित एक हॉर्मोन होता है जिसका निर्माण पेनक्रियाज करता है। हमारी बॉडी इंसुलिन का इस्‍तेमाल पूरी बॉडी की कोशिकाओं में ग्‍लूकोज को भेजने के लिए करती है। लेकिन अगर आपको डायबिटीज है तो आपकी बॉडी इंसुलिन का निर्माण नहीं कर पाती है। टाइप 1 डायबिटीज (Type 1 Diabetes) को कंट्रोल करना बहुत मुश्किल है, लेकिन टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) को कंट्रोल किया जा सकता है। आमतौर पर टाइप 2 डायबिटीज 35 साल की उम्र से अधिक के लोगों को होती है। पोटेशियम एक इलेक्ट्रोलाइट और खनिज है जो आपकी बॉडी में तरल पदार्थों को उचित स्तर पर बनाए रखने में मदद करता है। यदि शरीर में तरल पदार्थ सही मात्रा में हैं तो शरीर निम्‍न कार्यों को आसानी से कर लेता है:

  • मसल्‍स में दर्द नहीं होता
  • आपका हार्ट सही तरह से बीट करता है
  • आपका मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य एकदम सही रहता है

diabetes

डायबिटीज है तो कंट्रोल में रखें पोटेशियम लेवल (Diabetes and Potassium)

यदि शरीर में पोटेशियम का स्‍तर बढ़ जाए तो कई तरह की दिक्‍कतें हो सकती हैं। मसल्‍स क्रैम्‍प, बॉडी पेन, सिर में लगातार दर्द होना और थकान आदि लक्षण शरीर में पोटेशियम की कमी का संकेत हो सकते हैं। डॉक्‍टर्स कहते हैं कि टाइप 2 डायबिटीज और लो पोटेशियम में गहरा संबंध हैं। जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कहा कि टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) होने पर शरीर में पोटेशियम की मात्रा (Diabetes and Potassium) को सीमति रखना चाहिए। यदि आप पोटेशियम का ज्‍यादा सेवन कर रहे हैं तो आपका ब्‍लड शुगर लेवल भी बढ़ सकता है।

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इस तरह रखें पोटेशियम के स्‍तर को सामान्‍य

एक्‍सपर्ट कहते हैं कि शरीर में पोटेशियम की मात्रा को सामान्‍य रखने के लिए यह जरूरी है कि आप यह तय करें कि आपको 1 दिन में कितना पोटेशियम लेना है। 14 साल या इससे अधिक उम्र के लोगों को रोजाना 4.7 ग्राम पोटेशियम का सेवन करना चाहिए। अगर आप इससे ज्‍यादा पोटेशियम का सेवन करते हैं तो आपका डायबिटीज अचानक से बढ़ सकता है। पका हुआ आलू, सादी दही, किडनी बींस, सालमन, फिश और टमाटर आदि पोटेशियम रिच फूड्स होते हैं।

Sweet potatoes

सीमित मात्रा में करें इन फूड्स का सेवन

  • स्‍वीट पोटेटो जिसे शकरकंदी भी कहते हैं, पोटेशियम से लैस होता है। यदि आपको डायबिटीज है तो इस फल के सेवन से दूर रहें।
  • पालक को पोटेशियम का पावरहाउस कहा जाता है। शरीर में पोटेशियम की मात्रा सीमित रहे और डायबिटीज भी न बढ़ें इसलिए पालक का सेवन सीमित मात्रा में ही करें।
  • भले ही एवाकॉडो के कई हेल्‍थ बेनिफिट्स हैं लेकिन यह पोट‍ेशियम में उच्‍च होने के चलते आपकी डायबिटीज को बढ़ा सकता है। इसलिए डायबिटीज होने पर एवाकाडो का सेवन सोच समझकर करें।
  • केला, जो अधिकतर लोगों का फेवरेट फ्रूट होता है वह भी पोटेशियम का उच्‍च स्‍त्रोत है।
  • अनार में भी पोटेशियम पाया जाता है। जी हां, तो अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और अपना पोटेशियम लेवल सामान्‍य रखना चाहते हैं तो अनार का सेवन सोच समझकर करें।

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