... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
अचानक ब्लड शुगर बढ़ने के हैं ये 5 बड़े कारण, जानिए शुगर कंट्रोल करने के 5 आसान तरीके
Diabetes and Ayurveda : शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ने से व्यक्ति डायबिटीज का शिकार हो जाता है। डायबिटीज दो तरह की होती है- टाइप-1 डायबिटीज और टाइप 2 डायबिटीज। 90 प्रतिशत मामले दुनियाभर में इसी तरह के हैं। मधुमेह का तीसरा प्रकार है जेस्टेशनल डायबिटीज़, जो गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को हो सकता है। स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित भोजन और एक्सरसाइज के जरिए डायबिटीज को कंट्रोल कर सकते हैं। यदि डायबिटीज की समस्या को नियन्त्रण में ना रखा जाए, तो व्यक्ति दिल, गुर्दे, पैर, आंखें एवं तंत्रिका संबंधी कई तरह की बीमारियों से प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा (Diabetes and Ayurveda) आयुर्वेद में कुछ ऐसे हर्ब्स के बारे में बताया गया है , जिससे आप डायबिटीज को कंट्रोल में रख सकते हैं। इन जड़ी-बूटियों को आप घर में भी आजमा सकते हैं।
सहाबहार बहुत ही साधारण सा फूल है। यह आपको बहुत ही आसानी से मिल सकता है। इसमें कई औषधिय गुण होते हैं। सदाबहार का अंग्रेज़ी नाम पेरिविंकल है। भारत में यह सबसे ज्यादा पाया जाता है। सदाबहार के फूल और हरी पत्तियां टाइप- 2 डायबिटीज (Type-2 Diabetes) के लिए रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद होती हैं। डायबिटीज से छुटकारा पाने के लिए आप रोजाना इसकी कुछ पत्तियों को चबाएं। इससे डायबिटीज की समस्या को कंट्रोल किया जा सकता है। इसके अलावा सदाबहार के फूलों को पानी में उबालकर पिएं। इस पानी को खाली पेट सुबह-शाम लेने से आपको काफी आराम मिलेगा।
ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए विजयसार काफी असरदार माना जाता है। इसमें मौजूद एंटी-हाइपरलिपेडिक गुण शरीर में कोलेस्ट्रॉल, सीरम ट्राइग्लिसराइड और लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन के लेवल को कम करने में हमारी मदद करते हैं। इसके साथ ही विजयसार डायबिटीज के लक्षणों को भी कम करने में काफी मददगार होता है। इसके सेवन से बार-बार पेशाब आना, ओवर इटिंग और पेशाब करते समय जलन जैसी समस्याएं कम होती हैं।
गिलोय का वैज्ञानिक नाम टिनोस्पोरा कॉर्डिफोलिया है। यह कई बीमारियों के लिए अमृत के समान कार्य करता है। इसकी पत्तियां ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में सहायक हैं। इसके सेवन से इम्यूनिटी बेहतर होती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट हानिकारक कणों से लड़ने में हमारी मदद करता है। इसका सेवन करने के लिए इसकी जड़ों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इसमें, गिलोय और बेल के एक पत्ते के साथ थोड़ी सी हल्दी मिलाकर पीसें। इस रस का एक चम्मच रोजाना सेवन करना चाहिए। इससे डायबिटीज की समस्या नियंत्रित हो जाती है।
गुड़मार का वैज्ञानिक नाम है जिमनेमा सिल्वेस्टर (Gymnema sylvestre)। ये औषधिय गुणों से भरपूर सदाबहार बेल है। गुड़मार भारत के अलावा अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में पाई जाती है। डायबिटीज के रोगियों के लिए गुड़मार काफी फायदेमंद होती है। गुड़मार की पत्तियों को चबाने से आपको कुछ घंटों तक मीठा सा अनुभव होगा। दोपहर और रात में खाने के कुछ घंटे बाद एक गिलास पानी के साथ गुड़मार का सेवन करें। इससे डायबिटीज की समस्या से राहत मिलेगी। आयुर्वेद के अनुसार, गुड़मार शरीर में कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को कंट्रोल करने का काम करती है।
आंखों की खूबसूरती और रोशनी बढ़ाने के लिए अपनाएं ये टिप्स, चश्मा लगाने से भी मिलेगा छुटकारा
विटामिन ई की कमी से शरीर को होती हैं ये परेशानियां, जानें इसका कैप्सूल कैसे करें इस्तेमाल
पुरुषों को अंडरवियर से जुड़ी इन बातों की होनी चाहिए जानकारी वरना हो सकता है नुकसान