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कुछ लोगों को किसी विशेष मौसम (मौसमी अवसाद) में अवसाद महसूस होता है, जबकि कुछ लोगों को उनके जीवन में घटी किसी दुर्घटना के बाद अवसाद होता है। © Shutterstock
आज अधिकतर लोगों में अवसाद यानी डिप्रेशन की समस्या देखने को मिलती है। डिप्रेशन मस्तिष्क से संबंधित एक रोग है। कोई भी व्यक्ति जब उदासी, लाचारी, अपराध और निराशा की भावनाओं के साथ घिर जाता है, तब उसे उदासी महसूस होती है। इससे मनोदशा में स्वाभाविक रूप से परिवर्तन होता है। इससे दिमाग की शारीरिक और मानसिक स्थिति प्रभावित होती है। आमतौर पर डिप्रेशन से घिरे लोग चिड़चिड़े हो जाते हैं। उन्हें अकेले रहना अधिक पसंद होता है।
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कब होता है डिप्रेशन
कुछ लोगों को किसी विशेष मौसम (मौसमी अवसाद) में अवसाद महसूस होता है, जबकि कुछ लोगों को उनके जीवन में घटी किसी दुर्घटना के बाद अवसाद होता है। हालांकि, इसका सही समय पर इलाज न करवाया जाए, तो व्यक्ति के जिंदगी भी पूरी तरह से बर्बाद हो सकती है। कई केसेज में व्यक्ति आत्महत्या का भी प्रयास करता है। डॉक्टर से दिखाने के साथ-साथ आप इसका इलाज आयुर्वेदिक तरीके से भी कर सकते हैं।
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अवसाद को दूर करने के आयुर्वेदिक उपचार
तुलसी
तुलसी की पत्तियों में थोड़ी सी चीनी, दालचीनी और सूखे अदरक जड़ों के साथ गर्म पानी में डालकर मिश्रण तैयार करें। इसे एक दिन में 5 से 6 बार पिएं। इससे आपकी मनोदशा पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।
इलायची
सुबह जब आप चाय पिएं, तो इलायची डालकर पिएं। यह चाय अपको मानसिक रूप से शांति प्रदान करने में मदद करेगी।
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अदरक
कुछ लोगों को इलायची पसंद नही होती है। ऐसे में आप अदरक का इस्तेमाल कर सकते हैं। चाय बनाएं, तो अदरक के टुकड़े डालकर अच्छी तरह से चाय को उबालें। अदरक के अवसाद विरोधी गुण आपको खुश करने में मदद करेंगे। जल्द राहत पाने के लिए अपने खाने में सूखी अदरक की जड़ का कुछ पाउडर मिलाएं।
काली मिर्च
काली मिर्च अवसाद के लिए उपचार में उपयोग की जाने वाली एक अन्य महत्वपूर्ण जड़ी बूटी है। यह अवसाद के मुख्य कारणों को दूर करता है।
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ब्राह्मी
ब्राह्मी एक बहुत लोकप्रिय आयुर्वेदिक पौधा है, जिसमे दिमाग को शांत करने वाले गुण होते हैं। ब्राह्मी तेल का नियमित रूप से इस्तेमाल करने से दिमाग शांत रहता है।
हल्दी
हल्दी मौसमी अवसाद पर प्रभावी ढंग से उपचार करने में मदद करती है। यदि आपको मौसम में परिवर्तन के साथ उदास लगता है, तो गर्म दूध में चीनी और कुछ हल्दी डाल कर ले सकते हैं। इस उपचार का सकारात्मक प्रभाव महसूस करने के लिए इस मिश्रण को कम से कम एक सप्ताह तक लें।
योग- इन तमाम उपायों के अलावा आप नियमित रूप से योग करें। योग अवसाद को दूर करने के लिए बेहतर और आसान उपचार है। एक शोध में पाया गया है कि जो लोग प्राणायाम और योगासन नियमित रूप से करते हैं, वह अवसाद और निराशा की भावना के लिए कम संवेदनशील होते हैं। सुबह की सैर पर जाएं और फिर लाभ देखें।