कोरोनावायरस से ठीक होने के बाद 30 फीसदी लोगों को हुआ डिप्रेशन, स्वास्थ्य मंत्रालय के इन 4 गाइडलाइंस को अपनाएं

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में लगभग 30 प्रतिशत लोगों में कोरोना से ठीक होने के बाद डिप्रेशन के लक्षण (Depression Symptoms in hindi) नजर आ रहे हैं। ऐसे में लोगों को मानसिक समस्याएं (Mental problem) ना हों, मंत्रालय ने कुछ नई गाइडलाइंस जारी की हैं।

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Written By: Anshumala | Updated : November 6, 2020 8:53 PM IST

Depression & Coronavirus: कोरोनावायरस का कहर भारत (Coronavirus in india) में जारी है। लगातार देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। जो लोग कोरोना (Coronavirus) से ठीक हो जा रहे हैं, उनमें भी कई शारीरिक समस्याएं देखने को मिल रही हैं। हार्ट, फेफड़े, मेंटल सेहत पर नकारात्मक असर हो रहा है। जब से कोरोनावायरस की महामारी (Coronavirus pandemic) की शुरुआत हुई है अधिकतर लोगों में लॉकडाउन के दौरान मानसिक समस्याएं जैसे चिंता (Anxiety), तनाव (Stress), डिप्रेशन (Depression) जैसी समस्याएं देखने को मिलीं।

लेकिन, हाल ही में हुए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि जो लोग कोविड-19 (Covid-19) से ग्रस्त होने के बाद ठीक हो चुके हैं, उनमें भी डिप्रेशन की समस्या काफी अधिक देखी जा रही हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में लगभग 30 प्रतिशत लोगों में कोरोना से ठीक होने के बाद डिप्रेशन के लक्षण (Depression Symptoms in hindi) नजर आ रहे हैं। ऐसे में लोगों को मानसिक समस्याएं (Mental problem) ना हों, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कुछ नई गाइडलाइंस जारी की हैं।

कोरोनावायरस का मानसिक सेहत पर असर

यह खतरनाक वायरस ना सिर्फ संक्रमित लोगों के फेफड़े, हार्ट आदि पर गहरा असर डाल रहा है, बल्कि कोरोनावायरस से उबर चुके लोगों की मानसिक स्थिति को भी नुकसान पहुंचा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कोविड-19 से संक्रमित हो रहे मरीजों में ठीक होने के बाद 30 फीसदी लोगों में डिप्रेशन और 96 फीसदी लोगों में पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) की समस्या देखने को मिली है।

कुछ कोविड मरीजों में दिखे एंग्जाइटी के लक्षण

कुछ मरीजों में ठीक होने के बाद एंग्जाइटी के लक्षण भी नजर आए। नींद न आना, स्ट्रेस, चिंता, डर, अजीब-अजीब ख्यालों का मन में बार-बार आना जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। कुछ लोग तो इतने घबराए हुए हैं कि उनके मन में सुसाइड का ख्याल भी आता है। जिनकी उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच है, उनमें कोरोना से उबरने के बाद भी डिप्रेशन (Depression), एंग्जाइटी (Anxiety), पैनिक अटैक (Panic attack) के लक्षण देखे गए। साथ ही लगभग 50 % लोगों में अकेलापन, मूड स्विंग्स, एंग्जाइटी, एकाग्रता की कमी देखी गई।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइंस

1 किसी तरह की मानसिक समस्या नजर आने पर मनोचिकित्सक के अलावा डॉक्टर्स की भी मदद लें।

2 जिन लोगों को अवसाद (Depression), स्ट्रेस (Stress), एंग्जायटी, चिंता जैसी मानसिक परेशानी नजर आ रही है, वे अपने दोस्तों, परिवार के सदस्यों के साथ अधिक रहें। अकेले अपने कमरे में बंद रहने से मानसिक परेशानी और बढ़ेगी।

3 दवा का सेवन नहीं करना चाहते हैं, तो साइकोथेरेपी से डिप्रेशन की समस्या दूर करें। इससे मन शांत होता है। व्यक्ति पॉजिटिव होकर सोचना शुरू करता है।

4 ब्रेन फूड्स का सेवन करें। कुछ ऐसे फूड्स जो दिमाग के लिए हेल्दी होते हैं। साथ ही एक्सरसाइज, मेडिटेशन, योग आदि का अभ्यास करें।

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