Depression से बढ़ती है महिलाओं में Heart Attack की संभावना

स्टडीज़ में यह बात सामने आयी है कि डिप्रेशन से होने वाली हृदय की समस्याएं पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में अधिक होती हैं।

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Written By: Anshumala | Published : April 25, 2018 1:19 PM IST

डिप्रेशन की वजह से कई गंभीर बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। उनमें से एक है दिल से संबंधित समस्या जैसे हार्ट अटैक। डिप्रेशन से होने वाली हृदय की कई समस्याएं व्यक्तित्व कारणों से जुड़ी हो सकती हैं जैसे की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति, आनुवांशिकता, नशा करना, कड़वे अनुभव, किसी करीबी की मृत्यु, तनाव और हार्मोन में बदलाव आदि। इसके साथ ही गुस्सा व झगड़ा करना, चीजों में नकारात्मकता ढूंढना आदि व्यवहार भी आपके दिल के लिए अच्छा नहीं है। आज से कुछ समय पहले तक ब्लड प्रेशर और असंतुलित जीवनशैली को हृदय रोग का मुख्य कारण माना जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। डिप्रेशन में होने की वजह से हार्ट वेसल्स में बाधा उत्पन होने लगती है, जिस वजह से हृदय रोग की समस्याएं हो सकती हैं।

लाइफलाइन लेबोरेटरी, दिल्ली की को-फाउंडर डॉ. अंजलि मिश्रा कहती हैं कि कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि डिप्रेशन से होने वाली हृदय की समस्याएं पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में अधिक होती हैं। महिलाओं को डिप्रेशन सिर्फ मानसिक रूप से ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसमें होने वाले शारीरिक परिवर्तनों से हृदय रोग से जुडी संभावनाएं भी बढ़ती चली जाती हैं। डिप्रेशन तनाव के हार्मोन के उत्पादन को बढ़ा देता है, जो रक्त प्रवाह की बढ़ती मांग के लिए दिल और धमनियों की प्रतिक्रिया को सुस्त कर देता है। यह रक्त कोशिकाओं के प्लेटलेट्स के रूप में जाने वाले टुकड़ों को सक्रिय करता है, जिससे खून गाढ़ा होने लगता है और थक्के जमने की संभावना भी अधिक होती जाती है।

अध्ययनों से यह भी पता चला है कि उदास महिलाओं में उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन, जिसे गुड कोलेस्ट्रॉल माना जाता है, उसका स्तर कम होता है। पीरियड्स के समय हार्मोन में होने वाले उतार-चढ़ाव के कारण मनःस्थिति में होने वाले बदलावों की वजह से महिलाएं अक्सर पारिवारिक व सामाजिक कार्यक्रमों में जाना, किसी से मिलना आदि पसंद नहीं करती। इससे उदासी व निराशा बढ़ती है, जो हृदय समस्याओं के जोखिम को भी बढ़ा देती है। व्यस्त जीवनशैली होने के कारण आठ घंटे नींद न लेना, वर्किंग वुमन होने के कारण घर और ऑफिस के कामों में संतुलन बनाए रखने के दबाव से भी डिप्रेशन हो सकता है। इन्हीं सभी चीजों के कारण होने वाले तनाव, उदासी और अवसाद को दूर करने और जीवन को संतुलित बनाए रखने के लिए कई महिलाएं बिना किसी डॉक्टर की राय लिए दवाइयों का सेवन करने लगती हैं। ऐसा करने से दिल का दौरा पड़ने की संभावनाएं भी बढ़ती चली जाती हैं। ऐसे में जीवनशैली में बदलाव लाकर ही आप डिप्रेशन से होने वाले दिल से संबंधित समस्याओं जैसे हार्ट अटैक को रोक सकती हैं।

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जीवनशैली में बदलाव लाकर देखें

डाइट में शामिल करें स्वस्थ आहार- आप जितना संतुलित आहार लेंगी, आपके शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए उतना ही फायदेमंद साबित होगा। तेल और वसा युक्त भोजन को खाने से बचें। कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन से भरपूर भोजन करें।

नियमित एक्सरसाइज करने से होगा लाभ- नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से आप शारीरिक रूप से फिट रहेंगी और मानसिक संतुष्टि का भी अहसास होगा। दिनभर के हमारे विचारों को विराम की आवश्यकता होती है, जिससे की हमारी मनःस्तिथि एकाग्र रहे। मन शांत होने से आप डिप्रेशन से मुक्त हो सकती हैं।

शराब व धूम्रपान से बचें- डिप्रेशन से ग्रस्त होने पर व्यक्ति बहुत जल्दी गलत चीजों का सेवन करना शुरू कर देता है। यदि आप दिल की समस्याओं से बचना चाहती हैं, तो शराब व धूम्रपान से परहेज करें।

लें पर्याप्त नींद- रात में प्रतिदिन कम से कम 8 घंटे की नींद जरूर लें। अधूरी नींद मानसिक सेहत को प्रभावित करती है, जिससे व्यक्ति तनाव में रहने लगता है। अधूरी नींद के कारण व्यवहार चिड़चिड़ा हो जाता है। व्यक्ति किसी से मिलने-जुलने से कतराने लगता है। ऐसी स्थिति में डिप्रेशन का शिकार होने का खतरा बढ़ जाता है। रात को सही समय पर सोने और सुबह जल्दी उठने से आप कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं से बची रह सकती हैं।

चित्रस्रोत-Shutterstock.

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