
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Medically Verified By: Dr. Vineeta Singh Tandon
qdenga in india (AI generated image)
मानसून और बारिश का मौसम शुरू हो चुका है, जिससे मच्छरों का आतंक शुरू हो जाता है और डेंगू जैसी मच्छर जनित बीमारियों के मामले भी तेजी से बढ़ने लगते हैं। लेकिन इस बीच एक अच्छी खबर आ रही है, ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (GCGI) को देश की पहली डेंगू वैक्सीन ‘क्यूडेंगा (QDENGA)’ को मार्केट में मंजूरी दे दी है। इस खास वैक्सीन को जापान की एक बायोफार्मास्यूटिकल कंपनी टाकेडा ने बनाया है। इस वैक्सीन की खास बात यह है कि इसे 4 से 60 साल तक की उम्र के लोगों को लगाया जा सकता है, न्यू ड्रग एंड क्लिनिकल ट्रायल्स रूल 2019 के अनुसार है। टाकेडा इंडिया के हेड डॉ. महेंद्र नायक के अनुसार क्यूडेंगा को वर्ल्डवाइड 2022 में मार्केट में उतार दिया गया था उसके बाद उसे 43 देशों में मंजूरी मिल चुकी है। दुनियाभर में अब तक इसकी 3.2 करोड़ से भी ज्यादा डोज लग चुकी हैं। भारत में क्यूडेंगा वैक्सीन को मंजूरी मिलना डेंगू की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी ने जानकारी दी है कि क्यूडेंगा वैक्सीन को 2 डोज में लगाया जाएगा, जिसकी एक डोज 0.5 ml की होगी। यह एकक्यूटेनियस वैक्सीन होगी यानी इसे त्वचा के नीचे लगाया जाएगा न कि मसल या नस में। क्यूडेंगा की पहली खुराक लगने के 3 महीने के बाद दूसरी खुराक दी जानी है।
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यह सवाल काफी सारे लोगों को मन में होगा कि अगर किसी ने क्यूडेंगा कि एक डोज लगवा ली है, लेकिन समय पर दूसरी डोज नहीं लगवा पाएं हैं, तो क्या पहली डोज का असर खत्म हो जाएगा या फिर पहली डोज फिर भी काम करेगी? इस पर डॉ. विनीता सिंह टंडन, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, ISIC मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने बताया कि भारत में हाल ही में लॉन्च हुई डेंगू की वैक्सीन 2 डोज में दी जाएगी और पहली लगने के बाद अगर दूसरी डोज मिस हो जाती है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि पहली डोज भी व्यर्थ जाएगी। पहली डोज तब भी व्यक्ति के शरीर में अपना काम करेगी जो उसे करना होता है। हालांकि, दूसरी डोज के बिना हो सकता है डेंगू से बचाने में वैक्सीन का प्रभाव कम हो जाए और इसलिए इस खुराक को दो अलग-अलग डोज बनाकर दिया जाता है, ताकि यह शरीर में अच्छे से काम कर पाए।
भारत में अगर डेंगू की वैक्सीन लॉन्च हो गई तो इसका मतलब यह नहीं है कि अब मच्छरों से कोई डर ही नहीं है, क्योंकि मच्छर सिर्फ डेंगू नहीं बल्कि अन्य कई बीमारियां भी फैला सकते हैं। इसलिए सबसे जरूरी है कि -
अगर आपको बुखार, बदन दर्द या फिर स्वास्थ्य से जुड़ा कोई भी ऐसा लक्षण महसूस हो रहा है जिससे आपको बीमार जैसा महसूस होता है, तो ऐसे में बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि डेंगू या किसी भी बीमारी का इलाज अगर समय रहते किया जाए तो बिना किसी जटिलता के उसका इलाज करने में मदद मिल सकती है।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य भारत में लॉन्च हुई नई डेंगू वैक्सीन के बारे में जानकारी देना है। और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है