
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : May 14, 2026 2:15 PM IST
Dengue and liver
Dengue and Liver : डेंगू को आमतौर पर तेज बुखार और प्लेटलेट्स कम होने वाली बीमारी माना जाता है, लेकिन नई रिसर्च बताती है कि यह इन्फेक्शन लिवर को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकता है। हाल ही में प्रकाशित एक स्टडी में बताया गया है कि डेंगू के लगभग 75–85% मरीजों में किसी न किसी स्तर पर लिवर इंजरी देखी जाती है। हालांकि, ज्यादातर मामलों में यह हल्की होती है, लेकिन कुछ मरीजों में यह गंभीर हेपेटाइटिस और एक्यूट लिवर फेलियर तक पहुंच सकती है, जिसमें मौत का खतरा काफी बढ़ जाता है।
एक्सपर्ट के अनुसार, डेंगू वायरस सीधे लिवर सेल्स पर हमला कर सकता है। इसके अलावा शरीर की इम्यून प्रतिक्रिया, डिहाइड्रेशन और ब्लड प्रेशर गिरने जैसी स्थितियां भी लिवर को नुकसान पहुंचाती हैं। कुछ मामलों में शरीर में ऑक्सीजन की कमी और प्लाज्मा लीकेज के कारण भी लिवर डैमेज बढ़ सकता है।
स्टडी में बताया गया कि गंभीर डेंगू के मरीजों में AST और ALT जैसे लिवर एंजाइम्स तेजी से बढ़ जाते हैं। ये संकेत इस बात की ओर इशारा करते हैं कि लिवर पर असर बढ़ रहा है।
रिसर्च के मुताबिक कुछ लोगों में गंभीर लिवर डैमेज का जोखिम ज्यादा होता है, जिसमें प्रेग्नेंट महिलाएं, डायबिटीज या किडनी रोग वाले मरीज, हार्ट और फेफड़ों की बीमारी वाले लोग, पहले से हेपेटाइटिस B या C इन्फेक्शन से पीड़ित मरीज और बुजुर्ग शामिल हैं।
इन लोगों में डेंगू तेजी से गंभीर रूप ले सकता है और मल्टी-ऑर्गन फेल्योर का खतरा बढ़ सकता है।
डॉक्टर्स के अनुसार अगर डेंगू के दौरान ये लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए। आइए जानते हैं इन लक्षणों को-
ये संकेत इस बात के हो सकते हैं कि लिवर गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।
अध्ययन में पाया गया कि लगभग 75% मरीजों में लिवर एंजाइम बढ़े हुए मिले। गंभीर मामलों में एक्यूट लिवर फेलियर का जोखिम 0.31% से 1.1% तक रहा। वहीं, गंभीर लिवर फेलियर वाले मरीजों में मृत्यु दर 66% तक देखी गई।
शोधकर्ताओं ने कहा कि अगर शुरुआती दिनों में लिवर एंजाइम की जांच कर ली जाए तो गंभीर मरीजों की पहचान समय रहते की जा सकती है।
बता दें कि फिलहाल डेंगू का कोई विशेष एंटीवायरल इलाज उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर मुख्य रूप से सपोर्टिव ट्रीटमेंट देते हैं, जैसे-
विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू से बचने के लिए मच्छरों को पनपने से रोकना सबसे जरूरी है। इसके लिए, घर के आसपास पानी जमा न होने दें, फुल स्लीव कपड़े पहनें, मच्छर रोधी क्रीम का इस्तेमाल करें, जरूरत पड़ने पर मच्छरदानी का उपयोग करें, इत्यादि।
Disclaimer : डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू को केवल प्लेटलेट्स की बीमारी समझना गलत है। अगर समय पर पहचान न हो तो यह लिवर सहित कई अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।