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Dengue During Corona: कोविड-19 महामारी के दौरान सतर्क रहने वाली वायरल बीमारी है डेंगू, ये है कोरोना और डेंगू के लक्षणों में अंतर

भारत में डेंगू ऐ एजिप्टी (Ae aegypti) या ऐ एल्बोपिक्टस (Ae Albopictus) प्रजाति के जीनस एडीस के संक्रमित मच्छर के काटने से होता है। यही मच्छर जीका और चिकनगुनिया वायरस के एजेंट होते हैं और इनसे वायरस फैलता है।

Dengue During Corona: कोविड-19 महामारी के दौरान सतर्क रहने वाली वायरल बीमारी है डेंगू, ये है कोरोना और डेंगू के लक्षणों में अंतर
डेंगू होने पर बरतें ये सावधानियां।

Written by Anshumala |Published : October 5, 2021 11:44 PM IST

भारत में कोविड-19 को डेढ़ साल से ज्यादा का समय हो गया है और यह महामारी अब भी हमारे बीच है। देश अभी कोरोना से निपट ही रहा है कि अचानक वेक्टर जनित बीमारियों खासकर डेंगू के मामले (Dengue cases) कई राज्यों में बढ़ गए हैं। हाल ही में, आईसीएमआर के अधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में डेंगू के D2 या DENV-2 स्ट्रेन पाए गए हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि डेंगू वायरस सिरोटाइप टू (D2) ज्यादा नुकसानदेह और जहरीला है। अकेले मुंबई में अगस्त में डेंगू के 144 मामले दर्ज किए गए, वहीं सिंतबर की पहली छमाही में 12 सितंबर तक 85 मामले दर्ज हुए थे। आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी 2021 से अभी तक शहर में करीब 305 मामले हुए हैं। डेंगू पर विस्तार से बता रही हैं फोर्टिस हॉस्पिटल्स (कल्याण, मुंबई) की क्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. कीर्ति सबनिस (Dr Kirti Sabnis)....

डेंगू से रहें अलर्ट

ये आंकड़े सिर्फ यह बताते हैं कि हमें इस बीमारी से बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। यह और भी ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण है, क्योंकि हम अभी भी कोरोनावायरस से लड़ रहे हैं और दोहरे संक्रमण की आशंका है। सच तो यह है कि अस्पतालों में बहुत सारे लोग कोविड19 और डेंगू – दोनों के लक्षणों के साथ दाखिल हो रहे हैं और यह जानलेवा हो सकता है।

डेंगू वायरस DENV क्या है?

मानवजाति को डेंगू वायरस (DENV) की चार किस्में ज्ञात हैं। वैज्ञानिक आंकड़ों से पता चलता है कि इस वायरस ने कुछ सदियों पहले बंदरों से मानव आबादी में प्रवेश किया है। फ्लू जैसी यह बीमारी एशिया, अफ्रीका, प्रशांत, अमेरिका और कैरेबियन आदि में स्थानिक हैं।

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कैसे फैलता है डेंगू? (How is dengue spread)

भारत में डेंगू ऐ एजिप्टी (Ae aegypti) या ऐ एल्बोपिक्टस (Ae Albopictus) प्रजाति के जीनस एडीज (Genus Aedes) के संक्रमित मच्छर के काटने से होता है। यही मच्छर जीका और चिकनगुनिया वायरस के एजेंट होते हैं और इनसे वायरस फैलता है। इस तरह, अगर किसी गर्भवती महिला को डेंगू हो जाता है तो वायरस गर्भावस्था या प्रसव के दौरान आसानी से गर्भस्थ भ्रूण में पहुंच जाता है। वैसे तो ऐसा कम होता है लेकिन यह बीमारी अंग दान या खून के ट्रांसफ्यूजन से भी फैल सकती है।

डेंगू के लक्षण (Dengue symptoms in Hindi)

इन दिनों कोविड-19 जब एक वास्तविकता है, तो यह संभव है कि कोई कोविड-19 संक्रमण को डेंगू या डेंगू संक्रमण को कोविड-19 संक्रमण समझे। हालांकि, कुछ लक्षण ऐसे हैं, जो सिर्फ इन्हीं दो बीमारियों में से प्रत्येक के लिए हैं। उदाहरण के लिए, सुगंध नहीं आना कोविड का संकेत है न कि डेंगू का। इसी तरह, डायरिया कोविड-19 के मुकाबले डेंगू में ज्यादा आम है, जबकि कोविड-19 सांस लेने की समस्या या संक्रमण है। डेंगू की गंभीरता इसे हल्के डेंगू बुखार, डेंगू हेमोरैजिक फीवर और डेंगू शॉक सिंड्रोम के रूप में अलग करती है।

हल्के डेंगू फीवर के लक्षणों में जोड़ और मांसपेशियों में दर्द से लेकर तेज बुखार, शरीर में रैशेज (चकत्‍ते या लाल निशान), बार-बार उल्टी आना और तेज सिरदर्द शामिल है। ये लक्षण आमतौर पर उपचार से हफ्ते भर में गायब हो जाते हैं तथा शायद ही कभी घातक हों। डेंगू हेमोरेजिक फीवर में मसूड़ों, नाक, मुंह से खून निकलता है और ब्लड प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं, आंतरिक रक्त प्रवाह होता है। यही नहीं, इस स्थिति में डायरिया, बेहोशी के दौरे पड़ना, त्वचा पर खून के निशान, तेज बुखार, चिपचिपी त्वचा और पेट में दर्द जैसी शिकायतें मिलती रहती हैं। उपयुक्त देखभाल न हो तो स्थिति गंभीर होते हुए घातक हो जाती है।

डेंगू शॉक सिंड्रोम सबसे घातक

डेंगू शॉक सिंड्रोम सबसे गंभीर और अक्सर घातक होता है। यहां दिखाई देने वाले संकेतों में निम्न रक्तचाप, कमजोर और तेजी से नाड़ी चलना, मस्तिष्क में सूजन जिससे देखने/सुनने में बाधा होती है, सेरेब्रल एनोक्सिया (मस्तिष्क तक ऑक्सीजन नहीं पहुंचना), तेज रक्तस्राव, तेज बुखार, उल्टी, पेट में तेज दर्द शामिल हैं।

इस वायरल बीमारी के लिए टीका तो उपलब्ध है, लेकिन इसकी सफलता सीमित है। मरीज को पानी पीते रहना चाहिए। डॉक्टर की सलाह लेते रहना और उपचार जारी रखना सबसे अच्छा है। अगर स्थिति गंभीर हो तो मरीज को अस्पताल में दाखिल करना आवश्यक हो सकता है।

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डेंगू होने पर बरतें ये सावधानियां

  1. गमलों, बाल्टियों या घर की किसी खुली जगह पर पानी इकट्ठा न होने दें। गमलों को एक दिन छोड़कर जरूर साफ करें। मच्छर पानी में अंडे देते हैं, क्योंकि लार्वा एक्‍वेटिक होता है।
  2.  खुले नालों, जमे हुए पानी से दूर रहें, ये मच्छर के प्रजनन के लिए सबसे उपयुक्त जगह होते हैं।
  3.  बाहर निकलें, तो मच्छर भगाने वाली दवा लगाएं या शरीर को अच्छी तरह ढंकने वाले कपड़े पहनें।
  4.  घर में मच्छरदानी और स्प्रे का उपयोग करें। शाम को दरवाजे और खिड़कियां बंद कर दें।
  5.  घर में बना ताजा खाना खाएं। इम्‍यूनिटी मजबूत करने के लिए इसमें हरी पत्तिदार सब्जी शामिल करें।

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