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फि‍लीपींस में 622 की मौत के बाद डेंगू महामारी घोषित, रहें सावधान!

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जनवरी से जुलाई तक मच्छर जनित वायरस के लगभग 146,000 मामले सामने आए।

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Written By: Yogita Yadav | Published : August 7, 2019 9:39 AM IST

फिलीपीन सरकार ने जनवरी से अब तक 622 रोगियों की मौत के बाद अपने देश में डेंगू के प्रकोप को एक राष्ट्रीय महामारी (Dengue epidemic) घोषित किया है। फि‍लीपीन के स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार देर रात इसकी घोषणा की। स्वास्थ्य विभाग के सचिव फ्रांसिस्को ड्यूक तृतीय ने इन हालात से निपटने के लिए स्थानीय सरकारों को विशेष क्विक रिस्पांस फंड के साथ तैयार रहने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जनवरी से जुलाई तक मच्छर जनित वायरस के लगभग 146,000 मामले (Dengue epidemic) सामने आए।

पिछले साल से ज्‍यादा खराब हैं हालात (Dengue epidemic)

सरकार की ओर से मिल रहे आंकड़ों के मुताबिक फिलीपींस में इस साल जनवरी से 20 जुलाई तक डेंगू के 146,062 मामले दर्ज किए गए हैं। जो 2018 में इसी अवधि की तुलना में 98 प्रतिशत अधिक है। हर हफ्ते लगभग 5,036 मामले सामने आ रहे हैं।

खतरनाक है डेंगू (Dengue epidemic)

ये मच्छर रात की जगह दिन में काटते हैं। डेंगू होने पर शरीर में तेज बुखार के साथ-साथ जोड़ों, मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द होता है। जी मिचलाना, शरीर पर छोटे लाल चकत्ते और आंख के पीछे दर्द की शिकायत बढ़ जाती है। इसलिये बेहतर है कि इस बीमारी को होने से रोका जाए। साथ ही अगर किसी को डेंगू हो गया है तो फौरान हॉस्पिटल ले जाना चाहिए। हालांकि भारत में डेंगू के इलाज में कई पारंपरिक तरीकों का भी इस्‍तेमाल किया जाता है। इसमे प्‍लेटलेट्स बढ़ाने के लिए गिलोय और पपीते के पत्‍तों का इस्‍तेमाल शामिल है। इसके लिए आयुर्वेद के अनुसार नीम का इस्तेमाल करना चाहिये। नीम के लगभग हर हिस्से में कई औषधीय लाभ हैं।

बिना बुखार के भी हो सकता है डेंगू (Dengue epidemic)

अकसर डेंगू को बुखार के तौर पर पहचाना जाता है। पर यह जरूरी नहीं है कि बुखार से ही डेंगू की पहचान हो। कई बार बिना बुखार के भी डेंगू हो सकता है। जिसे एफेब्रिल डेंगू (Afebrile Dengue) कहा जाता है। यह डेंगू बुखार से ज्‍यादा खतरनाक है क्‍योंकि लक्षण न होने के कारण मरीज इसे साधारण थकान या वायरल समझ लेता है। ‘एफेब्रिल डेंगू’ यानी बिना बुखार वाला डेंगू। मधुमेह के मरीज़ों, बूढ़े लोगों और कमज़ोर इम्यूनिटी वाले लोगों में बुखार के बिना भी डेंगू हो सकता है। ऐसे मरीज़ों को बुखार तो नहीं होता, लेकिन डेंगू के दूसरे लक्षण ज़रूर होते हैं। ये लक्षण भी इतने हल्‍के होते हैं कि मरीज इस ओर ध्‍यान ही नहीं दे पाता। इस तरह का डेंगू ख़तरनाक हो सकता है, क्योंकि मरीज को पता ही नहीं होता कि उसे डेंगू हो गया है। कई बार वो डॉक्टर के पास भी नहीं जाते।

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