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दिल्ली में कोरोनावायरस के साथ-साथ बढ़ रहे हैं डेंगू के भी मामले। © Shutterstock.
Dengue in Delhi: एक तरफ पूरा देश जहां कोरोनावायरस (Coronavirus) से लड़ाई लड़ रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ मच्छर जनित रोग जैसे मलेरिया, डेंगू का भी खतरा मंडराने लगा है। यह खतरा खासकर देश की राजधानी दिल्ली में अपने पैर धीरे-धीरे पसारता दिख रहा है। दिल्ली में जहां कोविड-19 मामलों (Coronavirus in Delhi) से निपटने की हर संभव कोशिशें की जा रही हैं, तो उधर मलेरिया (Malaria) और डेंगू (Dengue) के मामले भी धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (SDMC) द्वारा तैयार साप्ताहिक रिपोर्ट से पता चलता है कि मलेरिया के 18 मामले अब तक सामने आ चुके हैं। पिछले साल, इस समय तक केवल चार मामले दर्ज किए गए थे। डेंगू के 10 और चिकनगुनिया के 10 मामले सामने आए हैं। दिल्ली में कई लोगों में डेंगू के लक्षण (Symptoms of Dengue) नजर आए हैं।
नॉर्थ एमसीडी में बुधवार को मच्छरों से होने वाली बीमारियों (Mosquito-borne diseases) के खिलाफ अभियान चलाया गया था। स्थायी समिति के प्रमुख जय प्रकाश ने कहा है कि हमने सभी निवारक उपाय करने शुरू कर दिए हैं। घरेलू ब्रीडिंग चेकर्स और मलेरिया विभाग के अधिकारी अब बीमारियों को रोकने की दिशा में काम करेंगे।
दिल्ली में डेंगू से लोग बीमार होने लगे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां का मौसम हर दिन बदल रहा है। कभी गर्मी, तो कभी बारिश। मच्छर जनित रोग जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया बारिश होने पर अधिक होते हैं। जून-जुलाई में ये और अधिक बढ़ जाते हैं, क्योंकि तब तक बारिश होने लगती है। बारिश में मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे डेंगू, मलेरिया रोगों से लोग अधिक ग्रस्त होने लगते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप अभी से ही अपने घर की साफ-सफाई, अपने खानपान का ध्यान, मच्छरों को फैलने से बचने के उपाय आजमाना शुरू कर दें।
यह वायरस की वजह से होने वाला एक वायरल बुखार है। डेंगू के वायरस मच्छरों द्वारा इंसानों तक पहुंचते हैं। भारत में कुछ जगहों पर इसे हड्डी-तोड़ बुखार भी कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि डेंगू होने पर हड्डियों, जोड़ो में काफी दर्द होता है। ऐसा लगता है सारी हड्डियां टूट गयी हों। डेंगू का वायरस इंसान में एडीज एजिप्टी मच्छर (Aedes aegypti mosquitoes) के काटने से पहुंचता है। इस वायरस का असर शरीर में लगभग 7 दिनों तक रहता है। शुरुआत के तीन दिन अधिक गंभीर होते हैं, जिसमें तेज बुखार बना रहता है।
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इस मच्छर जनित रोग (डेंगू) का सबसे मुख्य लक्षण है तेज बुखार (Dengue fever symptoms) होना। बुखार होने पर शरीर का तापमान 103 से 104 तक जा पहुंचता है।
इसके अलावा हाथ-पैरों, जोड़ों, हड्डियों में दर्द रहना।
भूख ना लगना, बार-बार उल्टी जैसा महसूस होना
सिर और आंखों में तेज दर्द होना, गंभीर स्थिति में आंख और नाक से खून आना।
त्वचा पर लाल निशान पड़ना, जोड़ों में दर्द, कमजोरी होना।
शरीर में प्लेटलेट्स काउंट कम होना (symptoms of Dengue)। ब्लड प्लेटलेट्स काउंट 40 हजार से नीचे होने पर हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ता है।
किसी भी तरह के बुखार को दो दिन से अधिक नजरअंदाज ना करें।
डेंगू बुखार में ऐसी किसी विशेष दवा का सेवन नहीं किया जाता है, क्योंकि अभी तक डेंगू के लिए कोई स्पेशल दवा या वैक्सीन नहीं बनाई गयी है। डेंगू के कारण जो भी शारीरिक समस्याएं होती हैं, उन्हें दूर करने के लिए दवाएं दी जाती है। डेंगू बुखार होने पर आप पैरासिटामोल का सेवन कर सकते हैं। दर्द दूर करने के लिए खुद से कोई दवा नहीं खानी चाहिए, क्योंकि पेनकिलर लेने से डेंगू के मरीज का प्लेटलेट्स कम होने लगता है।