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भारत के शहरों में रहने वाले लोगों में हो रही विटामिन D की कमी, इसे कैसे पूरा किया जा सकता है

Vitamin D deficiency: भारत के शहरों में रहने वाले लोगों में विटामिन डी की कमी ज्यादा पाई जाती है, जिससे उनके स्वास्थ्य को काफी नुकसान हो सकता है। इस लेख में जानें विटामिन डी की पूर्ति कैसे की जा सकती है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : November 6, 2025 7:21 PM IST

Causes of Vitamin D Deficiency in Urban Areas in India: विटामिन हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी होते हैं और इन विटामिनों में कुछ विटामिन होते हैं जो अन्य से जरूरी होते हैं। विटामिन डी भी ऐसा ही एक विटामिन है, जो शरीर के लिए बेहद जरूरी माना जाता है और इसे सबसे अलग प्रकार का विटामिन इसलिए भी माना जाता है क्योंकि धूप के संपर्क में आने के बाद शरीर इसे खुद भी बनाने लगता है। लेकिन फिर भी देखा जा रहा है कि भारत के लोगों में विटामिन डी की कमी हो रही है, जिससे स्वास्थ्य पर क्या विपरीत प्रभाव पड़ रहे हैं। बहुत ही कम लोगों को लगता है कि शरीर में विटामिन की कमी होना कई बार गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार खासतौर पर भारत के शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों में विटामिन डी की कमी हो रही है, जिसके नुकसान हम आपको इस लेख में बताएंगे और साथ ही यह भी बताएंगे कि किस तरह से आप अपने शरीर में विटामिन डी की पूर्ति कर सकते हैं।

(और पढ़ें - विटामिन डी की कमी के लक्षण)

शहरों में रहने वाले लोगों में विटामिन डी की कमी

कुछ रिपोर्ट्स दावा करती हैं कि भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की तुलना में शहरों में रहने वाले लोगों में विटामिन डी की कमी के मामले ज्यादा देखे जा रहे हैं। ऐसा होने के पीछे आमतौर पर कुछ फैक्टर हैं, जिनके कारण उनके शरीर में विटामिन डी की कमी हो सकती है।

धूप के संपर्क में कम आना - शहरों में रहने वाले लोग अक्सर धूप के संपर्क में नहीं आ पाते हैं, क्योंकि से सुबह ऑफिस के लिए निकल लेते हैं और अपना दिनभर ऑफिस में ही बिताते हैं। वहीं गांव में रहे वाले लोग सुबह ही खेत व अन्य अपने काम पर निकल जाते हैं और धूप में भी काम करते हैं, जिससे उनके शरीर को विटामिन डी बनाने के लिए काफी धूप का संपर्क मिल जाता है।

डाइट अच्छी‌‍‌ न होना - यह सच है कि शहरों में रहने वाले लोगों की तुलना में गांवों में रहने वाले लोगों की डाइट में विटामिन डी ज्यादा पाया जाता है। यह भी कहा जाता है कि गांव के लोग अपनी डाइट में ज्यादातर ऐसे फूड्स शामिल करते हैं, जिनमें ज्यादा मात्रा में विटामिन डी पाया जाता है। क्योंकि गांव में लोग खुद अपने घर या खेतों मे उगी हुई सब्जियों व फलों का सेवन करते हैं, वे पैकिंग वाले फूड्स की बजाय खुद उगाए हुए साबुत अनाज का सेवन करते हैं।

विटामिन डी की कमी को कैसे पूरा करें

अगर आपके मन में भी यही सवाल है कि विटामिन डी की कमी को पूरा कैसे करें तो इसके लिए कई अलग-अलग तरीके अपनाए जा सकते हैं। लेकिन यह निर्भर करता है कि शरीर में विटामिन डी की कमी कितनी है और उससे स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ रहा है। आमतौर पर शरीर में विटामिन डी की कमी की पूर्ति करने के लिए विटामिन डी से रिच फूड्स जैसे ऑयली फिश, रेड मीट और एग योग (अंडे का पीला भाग) आदि का सेवन करने की सलाह दी जाती है। अगर आप वेजिटेरियन हैं, तो आपके लिए यह थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन आप फोर्टिफाइड फूड्स का सेवन कर सकते हैं। साथ ही आप डॉक्टर की सलाह के अनुसार विटामिन डी के सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं।

विटामिन डी की कमी से क्या होगा

अगर शरीर में विटामिन डी की कमी होती है, तो उससे स्वास्थ्य से जुड़ी कई अलग-अलग समस्याएं हो सकती हैं। विटामिन डी शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करने के लिए बहुत जरूरी होता है। सरल भाषा में कहें तो अगर शरीर में विटामिन डी की कमी है, तो हड्डियों को कैल्शियम का फायदा नहीं मिल पाएगा और हड्डियां कमजोर पड़ने लगती हैँ। अगर लंबे समय से विटामिन डी की कमी है, तो इससे बोन फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है और हड्डियों व मांसपेशियों में दर्द रहने लगता है।

इन सब स्थितियों के अलावा अगर लंबे समय से शरीर में विटामिन डी की कमी है, तो ऐसे में हार्ट से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा ज्यादा रहता है, इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है और शरीर में दिनभर थकान रहने लगती है। कुछ दुर्लभ मामलों में विटामिन डी की कमी से कुछ प्रकार के कैंसर विकसित होने का खतरा भी बढ़ सकता है।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।