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ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) एक ऐसी बीमारी है, जिसमें आपकी हड्डियां बनने के मुकाबले तेजी से कमजोर होना शुरू हो जाती है। ओस्टियो का मतलब होता है हड्डी और पोरोसिस का मतलब होता है छेद से भरा हुआ। ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) के कारण होने वाले हड्डियों के नुकसान से आपकी हड्डियां कमजोर और नाजुक हो जाती है, जिसके कारण उनमें फ्रेक्चर आसानी से हो जाता है। आइए जानते हैं आखिर ऐसा होता क्यों है।
एस्ट्रोजन एक हार्मोन है, जो हड्डियों के निर्माण और उन्हें सुरक्षित रखने में मदद करता है। जब आपके शरीर में एस्ट्रोजन लेवल लो हो जाता है जो आपकी हड्डियों काय घनत्व कम होना शुरू हो जाता है। महिलाओं में मेनेपॉज के बाद और उसके दौरान हड्डियां कमजोर हो जाती है। ये स्थिति तब आती है जब ओवरी एस्ट्रोजन का निर्माण करना बंद कर देती है। अगर आप बचपन में ऐसे बच्चे रहे हैं, जिसे ईटिंगह डिसऑर्डर रहा हो तो भी आपको ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) होने का खतरा रहता है क्योंकि आपका हड्डियां पर्याप्त रूप से नहीं बन पाती हैं। इसके अलावा विटामिन डी और कैल्शियम की कमी, एक्सरसाइज की कमी या फिर अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी ऐसा होता है।
जैसे-जैसे उम्र बढ़ने पर आपके सेक्स हार्मोन (टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन) कम होना शुरू हो जाते हैं ये खतरा बढ़ता जाता है। कुछ प्रकार के कैंसर उपचार के कारण भी ये हार्मोन कम हो जाते हैं। बहुत ज्यादा थायराइड हार्मोन का निर्माण या फिर ओवरएक्टिव पैराथायराइड और एडर्नल ग्लैंड भी ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) का खतरा बढ़ाते हैं। इसके अलावा सीलिएक, किडनी, लिवर, ल्यूप्स, इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज और रूमेटाइड अर्थराइटिस, स्टोरॉयड, भी इसके जोखिम को बढ़ाते हैं।
अगर आप पर्याप्त रूप से शारीरिक गतिविधियां नहीं करते हैं तो समय के साथ आपकी हड्डियां कमजोर होना शुरू हो जाती हैं। दिन में 2 ड्रिंक से ज्यादा पीने पर भी ऐसा होता है और तंबाकू का सेवन आपकी हड्डियों को कमजोर करने का काम करता है।
अगर आप डॉक्टर को बताएंगे कि आपको ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) है तो आपका डॉक्टर आपको बोन मिनरल डेंसिटी टेस्ट कराने की जरूरत बताएगा। ये टेस्ट बीएमडी जांचने का सबसे आम तरीका है। ये एक विशेष प्रकार का एक्स-रे है, जो आपके डॉक्टर को आपकी बोन डेंसिटी के बारे में बताता है।
आपका डॉक्टर आपको एक ऐसी दवा लिख सकता है, जो हड्डियों को होने वाले नुकसान (Osteoporosis) को कम करे और नई हड्डियां बनाए। इसके अलावा आपका डॉक्टर आपको एक विशेष प्रकार के हार्मोन सहित इम्यून थेरेपी भी दे सकता है। इसके साथ-साथ आपका डॉक्टर आपको ज्यादा से ज्यादा कैल्शियम और विटामिन डी लेने की सलाह देता है साथ ही एक्सरसाइज करने को कहता है।