दिमाग के अंदर चुपचाप भी पड़ सकता है मिर्गी का दौरा, एक्सपर्ट्स से जानें क्या महसूस होता है?
Silent Epilepsy in Hindi: मिर्गी के दौरान व्यक्ति को न सिर्फ दौरा पड़ता है, बल्कि साथ ही साथ उसे कई अन्य लक्षण भी महसूस होते हैं जैसे कंपकंपी महसूस होना, दिन में ही सपना देखना और अचानक से डर लगने लगना आदि।
Symptoms of Epilepsy in Hindi: मिर्गी के बारे में ज्यादातर लोगों को यही लगता है कि इसमें व्यक्ति को दौरा पड़ता है और व्यक्ति जमीन पर गिर जाता है और कांपने लगता है। लेकिन इसके अलावा भी मिर्गी के दौरान व्यक्ति को बहुत कुछ महसूस हो रहा होता है। कभी-कभी दौरा दिमाग के अंदर चुपचाप पड़ता है और बाहर कोई लक्षण प्रकट नहीं करता है। इस स्थिति में कुछ पल के लिए व्यक्ति का ध्यान अपने चारों ओर के वातावरण से हट जाता है और वह दिन में सपने देखने लगता है। ऐसी स्थिति में कोई भी शारीरिक लक्षण दिखाई नहीं देता है, इसलिए मरीज के आसपास उसके परिवारजनों या दोस्तों को भी इसका पता नहीं लग पाता है। इन परिस्थितियों में मरीज का जीवन और अधिक मुश्किल हो जाता है क्योंकि अगर मरीज को कंपकंपी नहीं छूट रही है, तो लोग अक्सर यह मान लेते हैं कि वह पूरी तरह से ठीक है। डॉ. स्वप्निल जैस, कंसल्टैंट - न्यूरोलॉजी, मणिपाल हॉस्पिटल, जयपुर ने इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी जिनके बारे में आपको जरूर जानना चाहिए।
अक्सर इग्नोर किए जाने वाले लक्षण
कभी-कभी दौरा पड़ने पर शरीर में कंपकंपी नहीं होती है, बल्कि यह बहुत मामूली लक्षणों के साथ शुरू होता है। इन पलों में मरीज शिथिल नहीं पड़ता और न ही उसका ध्यान भटकता है, बल्कि उसके दिमाग में एक शॉर्ट सर्किट होता है, जिसे एक निश्चित समय के लिए मरीज संभाल नहीं पाता है। इस दौरान कुछ इस तरह के लक्षण देखे जा सकते हैं -
1. आकाश में देखना
यह मिर्गी के दौरे के दौरान मरीज को महसूस होने वाले सबसे आम लक्षणों में से एक है। इसमें अक्सर मरीज बात करते-करते रुक जाता है और कुछ समय के लिए आकाश में देखने लगता है। अगर आप उनका नाम पुकारते हैं, तो वो कोई प्रतिक्रिया नहीं देते हैं, फिर अचानक वापस होश में आ जाते हैं। यहां तक कि कुछ मरीजों को तो यह भी पता नहीं चल पाता कि वे बात करते-करते अचानक से रुक गए थे।
2. पहले हुई घटना जैसा महसूस होना
आपने भी डेजा वू (Deja vu) के बारे में सुना ही होगा, जिसमें व्यक्ति को वर्तमान में हो रही स्थिति के बारे में ऐसा लगता है कि यह उसके साथ पहले भी हो चुका है। इसके लक्षण लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं जैसे कुछ लोगों को कोई विशेष गंध महसूस होती है, जो कि वास्तव में वहां पर नहीं नहीं होती है। वहीं कुछ लोगों को अलग-अलग लक्षण महसूस होते हैं जैसे पेट में सनसनी जैसा महसूस होना।
3. अचानक डर या खुशी महसूस होना
खुशी या डर महसूस हमारे दिमाग की सामान्य प्रतिक्रियाएं होती हैं, लेकिन बिना किसी कारण से अचानक से किसी व्यक्ति को खुशी या डर जैसा महसूस होना भी इस मिर्गी के दौरे का एक संकेत हो सकता है। यह एक मिनट तक बनी रहती है और उसके बाद उतनी ही तेजी से खत्म हो जाती है। हालांकि, इसके बने रहने की अवधि हर व्यक्ति व उसकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग भी हो सकती है।
4. छोटे-छोटे मूवमेंट
इस मिर्गी के दौरे के दौरान कुछ मरीजों में शरीर के कुछ छोटे-छोटे मूवमेंट नोटिस किए जा सकते हैं, जैसे होंठों को चबाना, अपने कपड़े खींचना या अचानक से चलने लगना या कोई अन्य गतिविधि करना। इसमें ध्यान देने की बात यह है कि इस समय मरीज पूरे होश में नहीं होता है और कई बार उसे होश आने के बाद पता भी नहीं चलता कि अभी कुछ पल पहले वह क्या कर रहा था।
निदान व इलाज
जब शरीर के अंदर इस तरह की अजीब गतिविधियां होती हैं, तब डॉक्टर दिमाग की इलेक्ट्रिकल गतिविधि को शांत करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। इन सिग्नलों को नियंत्रण में रखने के लिए कुछ लोग रोज दवाएं लेते हैं। लेकिन अगर दौरे रुक न रहे हों, तो डॉक्टर अन्य ट्रीटमेंट स्टार करते हैं। कुछ मामलों में स्किन के अंदर एक छोटी सी डिवाइस लगा दी जाती है, जो दौरे की शुरुआत से पहले ही उसे रोकने के लिए पल्स भेजती है। अगर दौरा हमेशा दिमाग के अंदर एक ही छोटे से स्पॉट से शुरू होता है, तो उस छोटे से टिश्यू को हटाने से स्थायी आराम मिल सकता है, जो लेजर एब्लेशन या डीप ब्रेन स्टिमुलेशन द्वारा किया जाता है। इनसे दिमाग को अपनी प्राकृतिक रिद्म में लौटने और दैनिक जीवन में पड़ने वाली बाधाओं को रोकने में मदद मिलती है।
जीवन में होने वाली जटिलताएं
इस साइलेंट मिर्गी के दौरे की सबसे बड़ी जटिलता यह है कि कई बार मरीज और उसके घर वालों को इस बारे में पता भी नहीं होता है कि उसे इस तरह की कोई बीमारी भी है। इस तरह की एपिलेप्सी के साथ जीवन जीना मुश्किल होता है क्योंकि यह दिखाई नहीं देती है। ऐसे में मीटिंग या क्लासरूम के दौरान बहुत सी चीजें आपके छूट जाती हैं और आपको पता भी नहीं चलता है और लोगों को ऐसा लगता है कि आप लापरवाह हैं और आपमें वह योग्यता नहीं है।
मिर्गी का दौरा पड़ना सिर्फ कंपकंपी नहीं
ऐसा होने पर अपने आप को साबित करने का भारी दबाव आप पर बना रहता है। इसलिए इस बारे में जागरुकता का होना बहुत जरूरी है कि दौरे बिल्कुल चुपचाप भी पड़ सकते हैं। इस तरह से हर किसी के लिए एक सकारात्मक वातावरण का निर्माण किया जा सकेगा। इसलिए, इस वास्तविकता की जागरुकता का बढ़ाया जाना भी जरूरी है कि दौरा पड़ने पर जरूरी नहीं कि शरीर में कंपकंपाहट दिखाई ही दे। दिमाग कैसे काम करता है, यह समझकर सभी के लिए सहयोगपूर्ण दुनिया का निर्माण करने में मदद मिलती है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।