
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Medically Verified By: Dr. Aseem Dhall
cardio for health (AI generated image)
आजकल लंबे समय तक बैठकर काम करना, तनाव, गलत समय पर खाना-पीना और काम के प्रेशर के कारण शारीरिक गतिविधियां कम कर पाना एक सामान्य जीवन बन चुका है, लोगों को अब यह अब महसूस होना ही बंद हो गया है कि इस तरह की ज्यादातर आदतें हेल्थ को नुकसान पहुंचाती हैं। बेशक लोगों को अब यह नॉर्मल लगने लगा हो, इससे हमारी हेल्थ पर क्या असर पड़ता है इस फैक्ट को छुपाया नहीं जा सकता है। डॉ. असीम ढल्ल, डायरेक्टर एवं एचओडी, कार्डियक साइंसेज, ISIC Multi-Specialty Hospital के अनुसार इस तरह के गलत आदतों के कारण आजकल हार्ट डिजीज का खतरा तेजी से बढ़ रहा है और यहां तक कि युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले देखे जा रहे हैं। पहले जहां हार्ट अटैक को बढ़ती उम्र की समस्या माना जाता था, वहीं अब कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में रोजाना किया जाने वाला कार्डियो एक्सरसाइज दिल को स्वस्थ रखने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका माना जाता है।
हालांकि, ऐसा नहीं है अपनी हार्ट हेल्थ को लेकर लोग अब काफी जागरूक भी होने लगे हैं और अक्सर देखा जाता है कि लोग कार्डियो एक्सरसाइज पर काफी ध्यान देते हैं। लेकिन ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सिर्फ कार्डियो एक्सरसाइज करने से हार्ट डिजीज का खतरा पूरी तरह से खत्म हो सकता है? या फिर इसे कुछ हद तक कुछ हद तक कम किया जा सकता है। ऐसे में डॉक्टर असीम ढल कहते हैं कि नियमित रूप से कार्डियो करना हार्ट के लिए बेहद फायदेमंद है और इससे हार्ट डिजीज का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है, लेकिन पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता है।
कार्डियो के नाम से ही पता चल जाता है, कि यह हमारी कार्डियक हेल्थ यानी हृदय के स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। कार्डियो एक्सरसाइज में तेज चलना, जॉगिंग, साइकिल चलाना, तैराकी, डांस या सीढ़ियां चढ़ना जैसी गतिविधियां शामिल हैं। सरल शब्दों में कहें तो ऐसी गतिविधियां जिन्हें करने से दिल की धड़कन बढ़ती है और हृदय की कार्यक्षमता बेहतर होती है। अगर आप रोजाना 30 से 45 मिनट की कार्डियो एक्टिविटी करते हैं, तो उससे निम्न फायदे हो सकते हैं -
ये सभी चीजें कंट्रोल रहने से हार्ट अटैक का रिस्क भी काफी हद तक कम हो सकता है और इसलिए कार्डियो एक्सरसाइज को हार्ट अटैक का खतरा कम करने वाली खास एक्सरसाइज या एक्टिविटी के रूप में जाना जाता है।
यह सवाल बेहद जरूरी है और इस बारे में हर किसी को जानना चाहिए। अगर हां और ना में जवाब देना हो तो इसका जवाब नहीं है, क्योंकि सिर्फ कार्डियो एक्टिविटी करने से हार्ट अटैक के रिस्क को कम नहीं किया जा सकता है। हार्ट डिजीज व अन्य बीमारियों के खतरा कम करने के लिए कार्डियो के साथ-साथ निम्न बातों का ध्यान रखना जरूरी है जैसे -
इसके अलावा, सप्ताह में कम से कम 2 दिन हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम भी करने बेहद जरूरी हैं। इससे शरीर की ओवरऑल फिटनेस बेहतर होती है और हृदय पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। हालांकि, अगर किसी व्यक्ति को पहले से हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या अन्य गंभीर बीमारी है, तो उसे किसी भी नई एक्सरसाइज की शुरुआत डॉक्टर की सलाह के बाद ही करनी चाहिए।
अगर आप पहली बार कार्डियो एक्सरसाइज शुरु कर रहे हैं, तो ध्यान रहे कि इसकी शुरुआत धी-धीरे करनी चाहिए और अपनी क्षमता के अनुसार कार्डियो करने का समय और तीव्रता बढ़ानी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि अचानक बहुत ज्यादा या बहुत तेज व्यायाम करना नुकसानदायक हो सकता है। यदि व्यायाम के दौरान सीने में दर्द, सांस फूलना, चक्कर आना या अत्यधिक थकान महसूस हो, तो तुरंत रुक जाएं और डॉक्टर से संपर्क करें।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल कार्डियो के फायदों के बारे में बताने के लिए है और यह हार्ट डिजीज या किसी भी बीमारी का इलाज नहीं है। उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।