
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Medically Verified By: Dr. Sharad Malhotra
Yashasvi Jaiswal Ko Kya Hua: यशस्वी जायसवाल भारतीय क्रिकेट टीम के वो जांबाज बल्लेबाज खिलाड़ी हैं, जो कुछ ही मैचेस में अपना जलवा दिखाकर सितारे की तरह उभरे हैं। इन दिनों को जबरदस्त फॉर्म में चल रहे हैं और पूरी उम्मीद है कि आने वाले दिनों में वो भारत को नाम खूब रोशन करेंगे। फिल्हाल यशस्वी जायसवाल चर्चा में इसलिए हैं क्योंकि वह अस्पताल में भर्ती हैं। क्यों? आइए घटना के बारे में विस्तार से बताते हैं।
दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यशस्वी जायसवाल पुणे में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी मुंबई से राजस्थान के खिलाफ खेल रहे थे। इस दौरान उनके पेट में बहुत दर्द होने के बाद, उन्हें तुरंत आदित्य बिरला हॉस्पिटल ले जाया गया। जांच के दौरान पता चला कि उन्हें एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस है। अब यह एक्यूट गैस्ट्रोएन्टराइटिस क्या होता है? किन कारणों से होता है और इसके लक्षण क्या है? यह हमने जाना आकाश हेल्थकेयर के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर शरद मल्होत्रा से। आइए बताते हैं उन्होंने इस बीमारी के बारे में क्या बताया।
डॉक्टर ने बताया कि 'एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस एक आम लेकिन गंभीर पाचन संबंधी बीमारी है, जो अचानक शुरू होती है और खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों व कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को ज्यादा प्रभावित करती है। इसमें पेट और आंतों में सूजन आ जाती है, जिससे दस्त, उल्टी और पेट दर्द जैसी समस्याएं होती हैं। यह बीमारी अक्सर दूषित भोजन या पानी के सेवन से होती है।
थोड़ा विस्तार से समझने की कोशिश करें तो एक्यूट गैस्ट्रोएन्टराइटिस का अर्थ है पेट (गैस्ट्रिक) और आंतों (एंटेरिक) में होने वाली अचानक सूजन होता है। यह बीमारी कुछ दिनों तक रहती है, लेकिन सही समय पर इलाज न होने पर शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की भारी कमी हो सकती है, जो जानलेवा भी साबित हो सकती है।
डॉक्टर का कहना है कि 'एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस को आमतौर पर ‘स्टमक फ्लू’ समझकर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह फ्लू नहीं बल्कि संक्रमण से होने वाली गंभीर बीमारी है।'
एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस को अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है जैसे स्टमक फ्लू , इनफेक्शियस डायरिया, ट्रैवलर्स डायरिया, पेट का संक्रमण, आंत्रशोथ। हालांकि 'स्टमक फ्लू' एक प्रचलित नाम है, लेकिन इसका इन्फ्लूएंजा वायरस से कोई सीधा संबंध नहीं होता।
इस बीमारी के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें मुख्य रूप से संक्रमण जिम्मेदार होता है।
रोटावायरस, नोरोवायरस और एडिनोवायरस एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस के सबसे आम कारण हैं, खासकर बच्चों में। एक्सपर्ट बताते हैं कि वायरल गैस्ट्रोएंटेराइटिस तेजी से फैलता है, इसलिए साफ-सफाई और हाथ धोना बेहद जरूरी है।
साल्मोनेला, ई.कोलाई, शिगेला और कैंपाइलोबेक्टर जैसे बैक्टीरिया दूषित भोजन या पानी से शरीर में प्रवेश करते हैं। बाहर का अधपका खाना इसका बड़ा कारण हो सकता है।
अमीबा और जिआर्डिया जैसे परजीवी भी लंबे समय तक चलने वाले दस्त और पेट दर्द का कारणबन सकते हैं, खासकर गंदे पानी के सेवन से।
साफ पानी न मिलना, खुले में रखा खाना, बासी भोजन और खराब स्वच्छता इस बीमारी के खतरे को बढ़ा देते हैं। एक्सपर्ट के अनुसार 'खाने से पहले हाथ धोना और उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीना गैस्ट्रोएंटेराइटिस से बचावका सबसे सरल उपाय है।'
कुछ एंटीबायोटिक्स और दर्द निवारक दवाएं आंतों की प्राकृतिक बैक्टीरिया संतुलन को बिगाड़ देती हैं, जिससे दस्त की समस्या हो सकती है।
एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस भले ही आम बीमारी लगे, लेकिन इसे हल्के में लेना सही नहीं है। समय पर तरल पदार्थ, ओआरएस और डॉक्टर की सलाह से इसका इलाज जरूरी है। साफ-सफाई, सुरक्षित भोजन और स्वच्छ पानी ही इससे बचाव का सबसे अच्छा तरीका है। डॉक्टर ने बताया कि 'अगर दस्त और उल्टी 24 घंटे से ज्यादा रहें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।'
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस (पेट फ्लू) के मुख्य लक्षण हैं पतला, पानी जैसा दस्त (डायरिया), पेट में ऐंठन और दर्द, मतली, उल्टी, और कभी-कभी बुखार, ठंड लगना, और शरीर में दर्द।
एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस पेट और आंतों की एक आम, संक्रामक सूजन है, जिसे अक्सर 'पेट फ्लू' (Stomach Flu) भी कहते हैं।
गैस बनने या एसिडिटी की वजह से खाली पेट दर्द हो सकता है।
पेट दर्द होने पर सबसे पहले शरीर को आराम दें। हल्का और आसानी से डाइजेस्ट होने वाला भोजन खाएं। साथ ही, पानी खूब पिएं।