घर में बिना मास्क से 90 फीसदी बढ़ रहा है कोरोना का खतरा, इन 5 उपायों से बचाएं अपना परिवार

सरकार ने एक बयान जारी कर कहा है कि अब वक्त आ चुका है कि महामारी से पूरी तरह से बचाव के लिए अपने घरों में भी मास्क पहना जाए। इन 5 तरीकों से बचाएं अपना परिवार।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : May 5, 2021 4:18 PM IST

जैसा की हम सभी जानते हैं कि साल 2021 कोरोना वायरस की दूसरी लहर (Coronavirus second wave) अपने साथ लेकर आया है, जिसमें म्यूटेशन के बाद कोरोना के नए-नए वेरिएंट सामने हैं, जो पहले से भी कई ज्यादा खतरनाक साबित हो रहे हैं। यही कारण है कि केंद्र सरकार सभी लोगों से घर में भी मास्क लगाने को कह रही है। सरकार ने एक बयान जारी कर कहा है कि अब वक्त आ चुका है कि महामारी से पूरी तरह से बचाव के लिए अपने घरों में भी मास्क पहना जाए। ऐसा तब और महत्वपूर्ण हो जाता है जब घर में बुजुर्ग या फिर छोटे-छोटे बच्चे रह रहे हों। आखिर घर में क्यों जरूरी है मास्क आइए जानते हैं।

घर में मास्क पहनने से क्या होगा

​सेफ रहेगा परिवार और टूटेगी ट्रांसमिशन चेन

सरकार द्वारा दिए गए इस दिशा-निर्देश का लक्ष्य ये है कि कोरोना की बढ़ती ट्रांसमिशन चेन को कैसे भी करके तोड़ा जाए। कम्युनिटी हेल्थ डिपार्टमेंट ने एक स्टडी में इस बात की ओर इशारा किया है कि 56 फीसदी लोग ही बीते वर्ष अपने परिवार के लोगों को संक्रमित करने के जिम्मेदार थे। इसलिए अपने परिजनों की सुरक्षा के लिए घर में मास्क पहनना जरूरी हो जाता है।

​इस तरह फैलता है घर में वायरस

सभी जानते हैं कि ये बीमारी आपके मुंह से निकलने वाली श्वसन बूंदों से फैलती है और जब कोई पीड़ित व्यक्ति खांसता या छींकता है या फिर बातचीत, चिल्लाने या फिर गाने के दौरान निकली बूंदें हवा में घुल जाती हैं और दूसरे व्यक्ति के मुंह और नाक में चली जाती हैं। इसलिए घर में भी 6 फीट की दूरी रखना जरूरी हो गया है।

​बुजुर्गों और बच्चों की रहती है सेफ्टी

अगर आप आय-दिन घर से बाहर आते-जाते रहते हैं तो घर पर मास्क पहनना आपके लिए बहुत ही जरूरी है क्योंकि इस तरह से आप अपने बड़े-बुजुर्गों को कोरोना वायरस दे सकते हैं। भले ही आप हेल्दी हों लेकिन मास्क न पहनकर आप इनमें लक्षणों को ट्रांसफर जरूर कर सकते हैं।

​मास्क न पहनने पर 90 फीसदी बढ़ जाता है कोरोना का जोखिम

घर में मास्क न पहनने से कोरोना का खतरा 90 फीसदी तक बढ़ जाता है। अगर आप लोग घर में रहने वाले दो ही शख्स हैं और दोनों ही मास्क पहनने तो जोखिम मात्र 1.5 फीसदी रहता है। अगर आपके परिवार में कोविड मरीज है और उसने मास्क नहीं पहना तो दूसरे लोगों को खतरा 30 फीसदी तक बढ़ जाता है।

​घर में भी रखें सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल

नीति आयोग के मुताबिक, पीड़ित व्यक्ति अगर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करें तो वह 30 दिन में 406 लोगों तक वायरस फैला सकता ह। लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग के पालन से ये खतरा 50 फीसदी तक थम जाता है और तो और केवल 15 लोगों तक ही वायरस फैला सकता है। इसलिए घर में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी हो जाता है।