आइसोलेशन में 5 दिन बिताने के बाद फिर हुआ कोरोना तो क्या करें? जानें कितने दिन बाद नहीं होता आपको इंफेक्शन

संक्रामक रोग विशेषज्ञ बताते हैं कि बहुत से कोरोना मरीज कुछ सप्ताह या फिर महीनों बाद फिर से पॉजिटिव हो जा रहे हैं लेकिन क्या वो वाकई में संक्रामक हैं, ये जानना जरूरी है।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : February 8, 2022 6:39 PM IST

कोरोनावायरस की शुरुआत से ही कोविड टेस्टिंग को इसे फैलने से रोकने की दिशा में एक अहम हथियार माना जा रहा है, जो न सिर्फ शरीर में वायरस की मौजूदगी का पता लगाने में मदद करता है बल्कि आपके आइसोलेशन पीरियड को भी तय करता है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की हालिया गाइडलाइन्स के मुताबिक, वे कोरोना पॉजिटिव लोग, जिनमें लक्षण नहीं हैं उन्हें 5 दिन तक आइसोलेशन में रहना होता है। वहीं जिनमें लक्षण हैं उन्हें भी आसोलेशन में 5 दिन तक रहना होता है और अगर उन्हें बुखार और दूसरे लक्षण नहीं है तो उन्हें 24 घंटे और रहकर फ्री कर दिया जाता है। लेकिन तब क्या हो, जब वे 7 से 10 दिन बाद दोबारा पॉजिटिव हो जाएं? आइए जानते हैं क्या करना होगा उन्हें?

क्यों रिकवर होने के बाद भी लोग हो रहे पॉजिटिव ?

संक्रामक रोग विशेषज्ञ बताते हैं कि बहुत से कोरोना मरीज कुछ सप्ताह या फिर महीनों बाद फिर से पॉजिटिव हो जा रहे हैं। पीसीआर टेस्ट शरीर में होने वाले वायरल बदलावों का पता लगाते हैं। अगर कोई इस बीमारी से रिकवर हो चुका है और उसमें कोई लक्षण नहीं है फिर भी उसका रिजल्ट पॉजिटिव आता है तो ये उसके शरीर में वायरल पार्टिक्ल के कारण होता है। हालांकि, ये कहना मुश्किल है कि वायरस शरीर में कितने दिन तक एक्टिव रहता है और व्यक्ति संक्रामक है या नहीं।

इंफेक्शन के बाद पॉजिटिव मतलब संक्रामक?

एक्सपर्ट का मानना है कि अगर कोई व्यक्ति संक्रमित होने के बाद फिर से पॉजिटिव हो जाता है तो ये जरूरी नहीं है कि वो फिर से उतना ही संक्रामक है। अगर आप कोविड से पूरी तरह उबरने और अपना आइसोलेशन पीरियड पूरा करने के बाद भी कोरोना पॉजिटिव हो जाते हैं तो इसके पीछे दूसरे कारक भी जिम्मेदार हो सकते हैं। फ्लो टेस्ट, जिसे एंटीजन टेस्ट भी कहते हैं ये थोड़ा कम संवेदनशील होता है। इसलिए इंफेक्शन होने के बाद भी आपका रिजल्ट पॉजिटिव आता है।

हालांकि अच्छी बात ये है कि अगर पीसीआर टेस्ट पॉजिटिव आता है तो इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं है कि आप संक्रामक हैं। कई शोध बताते हैं कि कोरोना के लक्षण दिखने के 5 से 6 दिन बाद आप संक्रामक नहीं रहते हैं। कुछ अध्ययन बताते हैं कि कोरोना से संक्रमित होने वाले लोग लक्षण दिखाई देने से 2 से 3 दिन पहले और लक्षण दिखने के बाद 8 दिन तक बहुत ज्यादा संक्रामक होते हैं।

भले ही पीसीआर टेस्ट कोविड का पता लगाने में बहुत ज्यादा सटीक हों लेकिन फिलहाल रेपिड एंटीजन टेस्टभी हाई वायरल लोड का पता लगा सकता है और सटीकता से बता सकता है कि व्यक्ति उतना संक्रामक है या नहीं।

कितने दिन बाद नहीं रहता व्यक्ति संक्रामक

अमेरिकी सीडीसी के मुताबिक, लक्षण दिखाई देने के 10 दिन बाद तक एक व्यक्ति वायरस फैलाने की क्षमता रखता है और उसकी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आ सकती है। इस तरह के मामलों में विशेषज्ञ लोगों से बार-बार टेस्ट न कराने की सलाह देते हैं खासकर तब तक जब उनकी इम्यूनिटी ठीक नहीं हो जाती।

एक्सपर्ट की मानें तो शरीर से वायरस को खत्म होने में 10 दिन से ज्यादा का समय लगता है। भले ही उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आए लेकिन वो संक्रामक नहीं रहता है। हालांकि, मास्क पहनना, जरूरी उपाय करना और उच्च जोखिम समूह के लोगों से दूरी बनाए रखना जरूरी है अगर आपका रिजल्ट पॉजिटिव आता है।

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