सेकेंड वेव के दौरान, अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने की बच्चों के लिए कोविड-19 गाइडलाइन्स जारी, जानें ज़रूरी नियम और सुझाव

इन गाइडलाइंस में बिना लक्षण वाले यानि एसिम्पटोमैटिक, हल्के लक्षण वाले और गम्भीर लक्षणों वाले कम उम्र आबादी यानि बच्चों के लिए अलग-अलग सुझाव दिए गए हैं। (Covid-19 Safety Guideline for Children in Hindi)

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : April 30, 2021 8:04 PM IST

Covid-19 Safety Guideline for Children: कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर ना केवल पहली लहर की तुलना में अधिक संक्रामक और तेज़ी से फैलने वाली है। लेकिन, इस बार संक्रमण को लेकर इस वजह से अधिक चिंता हो रही है क्योंकि, यह लहर कम उम्र की आबादी को प्रभावित कर रही है। आंकड़ों के अनुसार, युवाओं में कोरोना संक्रमण के मामले बहुत अधिक हैं वहीं बच्चों को भी इस लहर के दौरान ख़तरा पहले के मुकाबले बहुत अधिक है।

सेकेंड वेव के दौरान बच्चों को सुरक्षित रखने की सलाह सरकार और हेल्थ एक्सपर्ट्स बार-बार दे रहे हैं। वहीं, अब सरकार ने कुछ विशेष सुरक्षा गाइडलाइंस भी जारी की हैं। इन कोविड-19 गाइडलाइन्स की मदद से बच्चों को कोविड-19 संक्रमण से सुरक्षित रखने और अस्पताल जाने से बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन गाइडलाइंस में बिना लक्षण वाले यानि एसिम्पटोमैटिक, हल्के लक्षण वाले और गम्भीर लक्षणों वाले कम उम्र आबादी यानि बच्चों के लिए अलग-अलग सुझाव दिए गए हैं। (Covid-19 Safety Guideline for Children in Hindi) यहां पढ़ें इन गाइडलाइंस के बारे में विस्तार से-

बच्चों के लिए कोवि़ड सेफ्टी प्रोटोकॉल (Covid-19 Safety Guideline for Children):

बिना लक्षण वाले बच्चे

ऐसे बच्चों के लिए किसी विशेष इलाज की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। लेकिन, इन बच्चों के स्वास्थ्य पर कड़ी नज़र रखें। ताकि, बच्चों में संभावित लक्षण नज़र आने पर डॉक्टर से सम्पर्क करें।

हल्के लक्षण वाले बच्चे

  • ऐसे मरीज़ों में खांसी के साथ, गले में खराश, नाक बहने, सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखायी दे सकते हैं।
  • कुछ मरीज़ों में गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल ट्रैक्ट से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती है।
  • ऐसे बच्चों के लिए किसी मेडिकल चेकअप की सलाह दो नहीं दी गयी। लेकिन, इन बच्चों को घर में एकांत में ( होम आइसोलेशन) रहने की सलाह दी गयी है। (Covid-19 Safety Guideline for Children)

मध्यम लक्षण

  • इस ग्रुप में उन बच्चों को शामिल किया गया है जिनका ऑक्सीजन लेवल कम हो जाता है।
  • कम गम्भीर या मध्यम लक्षण वाले बच्चों को विशेष कोविड हेल्थ सेंटर्स में भर्ती कराया जाना चाहिए।
  • इन बच्चों को अधिक मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। ताकि शरीर में पानी की कमी ना हो।

गम्भीर लक्षण वाले मरीज

  • ऐसे मरीज़ों में निमोनिया, मल्टी ऑर्गन डिस्फंक्शन सिंड्रोम, रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम और सेप्टिक शॉक जैसी बहुत गंभीर समस्याएं दिखाई दे सकती हैं।
  • गाइडलाइंस में कहा गया है कि गम्भीर लक्षण वाले बच्चों में थ्रोम्बोसिस और ऑर्गन फेलियर का पता लगाने के लिए आवश्यक मेडिकल चेकअप कराना चाहिए।
  • साथ ही, गम्भीर लक्षण दिखने पर बच्चों का कंप्लीट ब्लड काउंट, रीनल फंक्शन टेस्ट, चेस्ट एक्स रे और लिवर टेस्ट कराने की बात कही गयी है।
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