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कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों को इस बात का भी डर सताता है कि कहीं वह दोबारा से इंफ्केशन (Covid-19 infection) का शिकार न हो जाए। ऐसा कहा भी जा रहा है कि जो लोग पहले कोरोना का शिकार हो चुके हैं उनके दोबारा संक्रमित होने की संभावना बरकरार है लेकिन एक नए अध्ययन में ये बात सामने आई है कि जो लोग कोरोना संक्रमण से उबर चुके हैं उनकी इम्यूनिटी कम से कम पांच महीने तक हाई रहती है। हालांकि अध्ययन में इस बात के भी सबूत मिले हैं कि एंटीबॉडी वाले लोग अभी भी वायरस (Covid-19 infection) को फैला सकते हैं।
पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड पत्रिका में प्रकाशित प्रारंभिक निष्कर्षों से इस बात का पता चला है कि जो लोग कोरोना संक्रमण (Covid-19 infection) का शिकार हुए थे और उन्हें एंटीबॉडी दी गई थी उन्हें दोबारा संक्रमण का खतरा बहुत कम था। अध्ययन के मुताबिक, 6,614 संक्रमित लोगों में से केवल 44 मामलों में ही रोगी को फिर से संक्रमण पाया गया।
हालांकि वैज्ञानिकों ने इस बात को लेकर आगाह किया कि इन निष्कर्षों से ये संकेत मिलता है कि जिन लोगों को 2020 की शुरुआत में कोरोना हुआ था उनके दोबारा से संक्रमण का शिकार (Covid-19 infection) होने की संभावना अधिक है। अध्ययन में यह भी चेतावनी दी गई है कि जिन लोगों को संक्रमण के माध्यम से इम्यूनिटी प्राप्त हुई है उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं है कि वे अभी भी अपने नाक और गले में कोरोना वायरस लिए हुए घूम रहे हैं और अनजाने में ही इसे दूसरे लोगों तक फैला रहे हैं।
अध्ययन की सह लेखक और पीएचई की सीनियर मेडिकल एडवाइजर सुजैन हॉपकिंस का कहना है कि इस बात को हम अब सभी जानते हैं कि जिन लोगों को कोरोना हुआ था और जिन लोगों में एंटीबॉडीज विकसित हुई थी उनमें से अधिकांश दोबारा संक्रमण होने से बच सकते हैं लेकिन कब तक इसका अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है।
उन्होंने कहा, "इसका मतलब यह है कि आपको अतीत में कोरोना हुआ तो आप ये मान रहे हैं कि आप अब सुरक्षित हैं। साथ ही आपको गंभीर रूप से संक्रमण का शिकार (Covid-19 infection) होने की संभावना भी नहीं है। लेकिन अभी भी जोखिम बरकरार है, कि आप संक्रमण का शिकार हो सकते हैं और दूसरे लोगों को फैला सकते हैं।
इस अध्ययन के लिए ब्रिटेन में मौजूद हजारों हेल्थ वर्कर्स को शामिल किया गया था, जिन्हें पिछले साल जून से ही नहीं कोरोना इंफ्केशन के लिए टेस्ट किया जा रहा था क्योंकि इनमें एंटीबॉडी की मौजूदगी थी। 6614 लोगों में जिन 44 लोगों को दोबारा संक्रमण हुआ वे इस बात की ओर इशारा करते हैं कि 83 प्रतिशत लोग दोबारा से संक्रमण (Covid-19 infection) होने के प्रति सुरक्षित हैं।
भले ही दोबारा संक्रमण का खतरा कम हो लेकिन यह सभी के लिए जरूरी है कि वह स्वच्छता नियमों का पालन करें।