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Written By: Anshumala | Published : April 13, 2020 9:15 PM IST
Covid-19 Face Mask : कोविड-19 से बचाव के लिए मास्क से जुड़े डूज एंड डोंट्स।
Covid-19 Face Mask : कोरोनावायरस संक्रमण दुनिया भर में तबाही मचा रहा है। भारत में भी इस वायरस का कहर लगातार जारी है। देश में बहुत तेजी से संक्रमित लोगों का आंकड़ा बढ़ रहा है। हेल्थ मिनिस्ट्री के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोरोनावायरस (Covid-19 updates in india) के मरीजों की संख्या पहुंचकर 9,352 हो चुकी है, जिसमें कुल एक्टिव केसेज हैं 8,048 हैं। चूंकि, इस वायरस से लड़ने के लिए अब तक कोई दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, ऐसे में इससे बचने का सिर्फ एक ही तरीका है सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing)। साथ ही घर से बाहर जाते वक्त मास्क (Covid-19 Face Mask) का इस्तेमाल करना भी जरूरी है। भारत के कुछ राज्यों में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। जानें, मास्क पहनने को लेकर लोगों के मन में उठने वाले सवालों के जवाब (Dos and don'ts of wearing mask)...
कोरोनावायरस से बचाव के लिए कैसा मास्क पहना जाए, इसे लेकर आज भी लोगों में सही जानकारी नहीं है। आप डिस्पोजेबल मास्क जो एक सर्जिकल मास्क है, पहन सकते हैं। इसे 5-8 घंटों से ज्यादा नहीं पहनना चाहिए। यह मास्क मुंह या सांस से निकलने वाले बड़े ड्रॉपलेट्स को दूसरे लोगों तक पहुंचने से रोकता है। एन95 (N95) कोरोनावायरस संक्रमण को रोकने के लिए काफी हद तक सुरक्षित माना गया है, क्योंकि ये मुंह एवं नाक में सही तरह से फिट होते हैं। हवा में मौजूद छोटे पार्टिकल्स को भी अंदर जाने से रोकता है।
आज भी लोग जब घर से बाहर जाते हैं, तो मास्क नहीं पहनते हैं। उन्हें लगता है मास्क से कुछ नहीं होगा। अधिकतर लोगों के मन में आज भी ये सवाल उठता है कि क्या मास्क पहनने से कोविड-19 से बचाव संभव है? कई विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग कोविड-19 से संक्रमित नहीं हैं, उन्हें मास्क पहनना जरूरी नहीं। जो लोग कोरोना संदिग्ध हैं, वो मास्क पहननें, जो किसी बीमार की देखभाल या इलाज कर रहे हैं, उनके लिए मास्क पहनना बेहद ही अनिवार्य है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का भी कहना है कि स्वस्थ लोग मास्क ना पहनें। लेकिन, अब कुछ देशों जैसे स्पेन, इटली, अमेरिका, जर्मनी, भारत में इसके मरीज इतने बढ़ गए हैं कि घर से बाहर जाते वक्त मास्क पहनना ही फायदेमंद है।
कई शोधों के अनुसार, कोरोनावायरस से संक्रमित व्यक्ति यदि छींक या खांस दे, तेज सांस ले, तो उसके जरिए भी वायरस हवा में 6 से 8 मीटर की दूरी तक जा सकता है। डब्लूएचओ के अनुसार, जो भी व्यक्ति खांसता या छीकता है, उससे एक मीटर की दूरी बनाकर रहना ही उचित है। जिनमें कोरोना के लक्षण नजर आएं, उन लोगों को मास्क पहनना अनिवार्य है। हालांकि, जिन देशों में कोरोना महामारी (Corona pandemic) कम्युनिटी स्प्रेड लेवल पर पहुंच चुका है, वहां मास्क पहनकर ही बाहर निकलना आपकी सेहत के लिए सही होगा। हॉट स्पॉट घोषित एरिया में भी मास्क पहनकर निकलना चाहिए।
कुछ लोग एक ही मास्क को बार-बार पहनते और छूते रहते हैं। ऐसा करना खतरे से खाली नहीं है। मास्क पहनने का फायदा तभी होगा, जब आप मास्क को बार-बार ना छुएं। यदि आप घर का बना मास्क पहनते हैं, तो उसे दो-तीन बार से अधिक इस्तेमाल ना करें। सर्फ, डेटॉल के पानी में अच्छी तरह से साफ करें। उसे धूप में सुखाएं। किसी व्यक्ति को खांसी-सर्दी के लक्षण हैं, तो मास्क पहनना दूसरों के लिए फायदेमंद हो सकता है। यदि आप संक्रमित भी हैं, तो ऐसा करके आप इसे फैलने से रोक सकते हैं।
अधिकतर लोगों को आज भी मास्क पहनने का सही तरीका नहीं पता है। मुंह और नाक के पास मास्क अच्छी तरह से फिट होना चाहिए, नहीं तो हवा अंदर जा सकती है। मास्क को नम होने से बचाना चाहिए, खासकर नाक वाले हिस्से को वरना ड्रॉपलेट्स अंदर जा सकती हैं। मास्क को उतारते समय भी खास सावधानी बरतें। मास्क में लगे बैंड या पट्टी को पकड़कर ही मास्क उतारें। सामने वाले भाग को हाथों से छुएंगे, तो उस पर लगे वायरस हाथों पर चिपक सकते हैं। सावधानी से उतारेंगे, तो मास्क को दोबारा पहना जा सकता है। सिंगल-यूज मास्क को दोबारा ना पहनें।
1 स्वस्थ हैं तो मास्क पहनने की जरूरत नहीं। हां, जब किसी संक्रमित व्यक्ति की देखभाल कर रहे हैं, तो जरूर अच्छी क्वालिटी का मास्क पहनें।
2 सर्दी, खांसी होने पर मास्क पहनें, क्योंकि इसके लक्षणों को सामने आने में 5 से 14 दिन का समय लगता है।
3 मास्क पहनते समय अपने हाथों को सैनिटाइजर या साबुन से साफ कर लें।