
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Diabetes
Covid-19 and Diabetes: कोविड-19 महामारी के कारण टाइप 2 डायबिटीज़ का रिस्क बढ़ने के दावे किए गए हैं। कुछ रिसर्च और स्टडीज़ इस् बात का दावा कर रही हैं कि, कोरोना वायरस की वजह से स्वस्थ लोगों में भी डायबिटीज़ की स्थिति बन रही है। हाल ही में कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं। जिनमें, कोविड-19 की वजह से डायबिटीज की बीमारी डेवलप होते पायी गयी। वहीं, यह भी देखा गया कि इससे इंसुलिन उत्पादन में भी रूकावट आ रही है। (Covid-19 and Diabetes Risk in hindi)
ह्यूमन सेल्स की जांच करते हुए, की गयी एक हालिया स्टडी में कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आयी हैं। इन फाइडिंग्स के अनुसार कोविड-19 के चलते शरीर में इंसुलिन का निर्माण करने वाली कोशिकाओं को हानि होती है। इसीलिए, टाइप-1 डायबिटीज के मरीज़ों में इंसुलिन हार्मोन का प्रॉडक्शन बहुत कम होता है। टाइप-1 डायबिटीज वाले ज़्यादातर लोगों की बॉडी में इम्यून सेल्स पैनक्रियाज में इंसुलिन हार्मोन का प्रॉडक्शन करने वाली बीटा-सेल्स को धीरे-धीरे डैमेज़ करना शुरु कर देती है। (Covid 19 and Diabetes new updates)
मोनाश यूनिवर्सिटी, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया के रिसर्चर्स ने बताया कि, मेटाबॉलिक डिजीज कोविड-19 वाले मरीज़ों के लिए डायबिटीज एक बड़े खतरे के तौर पर उभरकर सामने आ रहा है। इस स्थिति को बहुत खतरनाक माना जा रहा है। क्योंकि, कोविड-19 की तरह ही डायबिटीज़ भी एक बड़ी महामारी है। इन दोनों का संयोजन किसी की भी सेहत के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित हो सकता है। गॉरवन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च, सिडनी के शोधकर्ताओं के मुताबिक, कोरोना वायरस पैनक्रियाज़ की उस क्षमता को कमज़ोर कर देता है। जिसमें वह ग्लूकोज और इंसुलिन बनाने वाले हार्मोन्स की पहचान करता है। साथ ही वायरस से लीवर और मसल्स भी कमज़ोर हो जाते हैं। जिससे, डायबिटीज की समस्या बढ़ सकती है।
इस बारे में पैनक्रियाज ऑर्गेनाइड्स ने बताया कि, सार्स-सीओवी-2 बॉडी ऑर्गन्स को बहुत बुरे तरीके से नुकसान पहुंचा सकते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, वायरस ऑर्गेनाइड्स की अल्फा और बीटा सेल्स तक इंफेक्शन को फैला सकता है। संक्रमण के कारण कुछ सेल्स पूरी तरह से नष्ट भी हो सकती है। जैसा कि, बीटा सेल्स शरीर में इंसुलिन बनाने का काम करती हैं। जबकि, अल्फा सेल्स ब्लड शुगर लेवल बढ़ाने वाली ग्लूकागॉन हार्मोन्स के निर्माण में मदद करती हैं। ऐसा ही एक दावा सेल स्टेम सेल जर्नल में छपी एक रिसर्च रिपोर्ट में भी किया गया। जिसके मुताबिक, नोवेल कोरोना वायरस के कारण शरीर में चेमोकिंस और किटोकिंस प्रोटीन्स का उत्पादन बढ़ा देते हैं। यह इम्यून सेल्स को नष्ट करने का काम करता है।