पेट में तेज दर्द को गैस समझकर न करें नजरअंदाज, गाल ब्लैडर स्टोन का हो सकता है खतरा

क्या आप भी पेट के दाहिने हिस्से में होने वाले दर्द रहता है और आप इसे नजरअंदाज कर रहे हैं तो यह आपके लिए खतरनाक स्थिति हो सकती है। पेट में होने वाला तेज दर्द गाल ब्लैडर स्टोन भी हो सकता है।

WrittenBy

Written By: Ashu Kumar Das | Published : August 6, 2026 5:46 PM IST

अक्सर जब पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द होता है, तो ज्यादातर लोग सोचते हैं कि शायद गैस बन गई है या कुछ उल्टा-सीधा खा लिया होगा। पेट में होने वाले इस तरह के दर्द से राहत पाने के लिए अक्सर लोग मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खा लेते हैं। वहीं, कुछ लोग घर में मां- दादी के हाथ से बना हुआ देसी काढ़ा बनाकर पी लेते हैं। पेट में होने वाला यह दर्द हल्का-फुल्का या कभी-कभार होता है तो ठीक है, लेकिन अगर यह दर्द बार-बार होने लगे, खासकर तला-भुना या भारी खाना खाने के बाद, तो इसे हल्के में लेना बड़ी गलती साबित हो सकता है।

मणिपाल हॉस्पिटल्स, सिलीगुड़ी की कंसल्टेंट जनरल सर्जन डॉ. पेंजिन दिचेन भूटिया बताती हैं कि गाल ब्लैडर के दर्द को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पेट में बार- बार होने वाला यब दर्द गाल ब्लैडर (पित्ताशय) की समस्या का संकेत हो सकता है। अगर समय रहते इसका इलाज नहीं कराया गया, तो यह इंफेक्शन, पित्ताशय में सूजन और यहां तक कि पैंक्रियाटाइटिस (अग्न्याशय की सूजन) जैसी गंभीर बीमारी का कारण भी बन सकता है।

गाल ब्लैडर स्टोन गंभीर बीमारी है। गाल ब्लैडर स्टोन गंभीर बीमारी है।

गाल ब्लैडर में दर्द क्यों होता है?

डॉ. पेंजिन दिचेन बताते हैं कि हमारे शरीर में लिवर के नीचे एक छोटा-सा अंग होता है, जिसे गाल ब्लैडर यानी पित्ताशय कहा जाता है। इसका काम पित्त (बाइल) को जमा करके रखना होता है, जिससे खाना पचाने में मदद मिलती है। लेकिन कई बार इसमें गॉल स्टोन (पित्त की पथरी) बन जाती है। जब ये पथरी पित्त के रास्ते को रोक देती है, तो गाल ब्लैडर में सूजन और तेज दर्द शुरू हो जाता है। अगर यह रुकावट लंबे समय तक बनी रहे, तो इंफेक्शन भी हो सकता है। डॉक्टर के अनुसार- कुछ मामलों में पित्त की पथरी आगे जाकर अग्नाशय की नली (पैंक्रियाटिक डक्ट) को भी ब्लॉक कर देती है। इससे पैंक्रियाटाइटिस हो सकता है, जो एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी मानी जाती है। इस स्थिति में कई बार मरीज को तुरंत हॉस्पिटल में एडमिट करवाना पड़ सकता  है।

File Photo

किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

डॉक्टर बताते हैं कि किसी व्यक्ति में लंबे समय तक नीचे बताए गए लक्षण नजर आते हैं, तो उसे तुरंत डॉक्टर से इस बारे में बात करनी चाहिए।

  1. पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में तेज या बार-बार दर्द होना।
  2. पेट से दर्द का पीठ या दाहिने कंधे तक पहुंच जाना।
  3. दर्द के साथ जी मिचलाना या बार-बार उल्टी होना।
  4. पेट फूलना या भारीपन महसूस होना।
  5. पेट दर्द की समस्या के साथ बुखार आना और शरीर का तापमान बढ़ना।
  6. आंखों या त्वचा का पीला पड़ना (पीलिया)
  7. इनमें से कोई भी लक्षण लगातार बने रहें, तो इसे सिर्फ गैस या बदहजमी समझकर नजरअंदाज न करें।

कब करनी चाहिए डॉक्टर से बात ?

अगर दर्द बहुत तेज हो, कई घंटों तक बना रहे, बार-बार लौटकर आए या उसके साथ बुखार और उल्टी भी हो रही हो, तो बिना देर किए डॉक्टर से बात करनी चाहिए। डॉक्टर कहते हैं पेट दर्द का कारण क्या है, इसकी जांच जितनी जल्दी होगी, इलाज जल्दी और आसान हो जाएगा।

कैसे पता चलता है कि गाल ब्लैडर में समस्या है?

डॉक्टर बताते हैं कि अच्छी बात यह है कि गाल ब्लैडर की ज्यादातर समस्याओं का पता अल्ट्रासाउंड से चल जाता है। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट पर पथरी या पित्त की थैली में किसी प्रकार की सूजन है तो तुरंत जानकारी मिल जाती है। डॉक्टर मरीज की स्थिति को देखते हुए सर्जरी, दवाएं और इलाज तय करते हैं।

गाल ब्लैडर का इलाज कैसे होता है?

इस सवाल का जवाब देते हुए डॉ. पेंजिन दिचेन कहते हैं कि गाल ब्लैडर की समस्या के शुरुआती मामलों में दवाइयों से आराम मिल सकता है। लेकिन अगर बार-बार दर्द हो रहा है, पथरी बड़ी है या इंफेक्शन का खतरा बढ़ गया है, तो डॉक्टर मिनिमली इनवेसिव लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की सलाह दे सकते हैं।  डॉ. पेंजिन दिचेन भूटिया का कहना है कि जितनी जल्दी बीमारी की पहचान होगी, उसका इलाज उतना ही आसान होगा। लेकिन अगर इलाज में देरी की जाए, तो एक साधारण-सी दिखने वाली समस्या भी मेडिकल इमरजेंसी का रूप ले सकती है। इसलिए अगर आपको बार-बार पेट के दाहिने हिस्से में दर्द होता है, खासकर तला-भुना खाना खाने के बाद, तो इसे सिर्फ गैस समझकर नजरअंदाज न करें।

Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। अगर आपको पेट में दर्द की परेशानी या पित्त की थैली में स्टोन है तो इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। गाल ब्लैडर से जुड़ी किसी भी परेशानी का इलाज करवाना बहुत जरूरी है।