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Medically Verified By: Dr. Sagar Chandrashekaraiah
TB Na Hone Par Khansi Ho To Kya Kare: अक्सर जब किसी व्यक्ति को दो या तीन हफ्ते से ज्यादा खांसी रहती है, तो सबसे पहला डर 'टीबी' का होता है। लेकिन जब डॉक्टर टीबी की जांच (बलगम टेस्ट या X-ray) करते हैं और रिपोर्ट 'नॉर्मल' आती है, तो मरीज राहत की सांस तो लेता है, लेकिन साथ ही उलझन में पड़ जाता है कि ‘अगर टीबी नहीं है, तो यह खांसी जा क्यों नहीं रही?’
ऐसा कई लोगों के साथ होता है और चिकित्सीय भाषा में इस तरह की पुरानी खांसी के कई कारण हो सकते हैं जो सीधे तौर पर टीबी से नहीं जुड़े होते। हमने नारायणा हेल्थ सिटी, बेंगलुरु के पल्मोनोलॉजी कंसल्टेंट डॉक्टर सागर सी से पूछा की लोगों को ऐसी परेशानियां क्यों होती हैं? इसे लेकर उन्होंने कई कारण बताएं और अधिक जानकारी शेयर की। आइए आपको बताते हैं डॉक्टर ने क्या कहा।
यह खांसी के सबसे आम कारणों में से एक है। इसमें आपकी नाक और साइनस में अत्यधिक बलगम बनने लगता है, जो गले के पीछे के हिस्से में टपकता रहता है। यह गले की नसों में जलन पैदा करता है, जिससे लगातार सूखी खांसी आती है। यह आमतौर पर एलर्जी या साइनस संक्रमण के कारण होता है।
सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन आपके पेट की समस्या आपकी खांसी का कारणहो सकती है। जब पेट का एसिड वापस भोजन नली में आता है, तो यह गले तक पहुंच कर खांसी की प्रतिक्रिया (Reflux) पैदा करता है। इसे 'साइलेंट रिफ्लक्स' भी कहते हैं क्योंकि मरीज को जलन महसूस नहीं होती, बस लगातार खांसी आती है।
अस्थमा का मतलब हमेशा घरघराहट या सांस फूलना नहीं होता। 'कफ-वैरिएंट अस्थमा' में मुख्य लक्षण केवल खांसी होती है। यह खांसी अक्सर रात के समय, ठंडी हवा के संपर्क में आने पर, या व्यायाम करने पर बढ़ जाती है।
कभी-कभी कोई वायरल इन्फेक्शन (जैसे फ्लू या ब्रोंकाइटिस) तो ठीक हो जाता है, लेकिन वह श्वसन नली में सूजन या संवेदनशीलता छोड़ जाता है। इसके कारण हफ्तों तक खांसी बनी रह सकती है क्योंकि आपके फेफड़े पूरी तरह रिकवर होने में समय लेते हैं।
आजकल के बढ़ते प्रदूषण और धूल-मिट्टी के कारण हमारे फेफड़े लगातार उत्तेजित होते रहते हैं। यदि आप ऐसी जगह रहते हैं जहाँ धुआं या धूल ज्यादा है, तो यह 'क्रोनिक ब्रोंकाइटिस' का रूप ले सकता है, जिससे टीबी न होने पर भी खांसी बनी रहती है।
यदि आप उच्च रक्तचाप के मरीज हैं और दवाएं ले रहे हैं, तो यह सूखी खांसी का एक बड़ा साइड इफेक्ट हो सकता है। बाजार में मिलने वाले कफ सिरप मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं, और दोनों का काम बिल्कुल उल्टा होता है-
यदि आपको फेफड़ों में इन्फेक्शन (बलगम) है और आप सूखी खांसी का सिरप ले लेते हैं, तो बलगम अंदर ही जमा रह जाएगा, जिससे निमोनिया जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। वहीं, सूखी खांसी में आप बलगम वाली खांसी का सिरप लेने का कोई फायदा नहीं होता।
टीबी की रिपोर्ट का नॉर्मल आना सिर्फ यह बताता है कि आपको 'माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस' का संक्रमण नहीं है। लेकिन खांसी शरीर का एक अलार्म सिस्टम है। यह संकेत दे सकता है कि आपके फेफड़ों की नलियों में सूजन है, आपके दिल की कार्यक्षमता में कोई कमी आ रही है (कभी-कभी दिल की समस्याओं में भी खांसी होती है), पर्यावरण में मौजूद कोई खास तत्व आपके श्वसन तंत्र को नुकसान पहुंचा रहा है।
जब आप डॉक्टर के पास जाते हैं, तो वे केवल खांसी नहीं दबाते, बल्कि उसकी जड़ खोजते हैं। सही समय पर इलाज न मिलने से साधारण खांसी निम्नलिखित समस्याओं में बदल सकती है:
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।