Coronavirus Vaccine: कोरोना वायरस वैक्सीन का हुआ सफलतापूर्वक ट्रायल, जानें तैयार होने में लगेगा कितना समय

Coronavirusn Vaccine:  कोरोना वायरस  को लेकर  एक बहुत ही बड़ी खबरे सामने आई है। अमेरिका के वैज्ञानिकों ने इस वायरस के वैक्सीन को (Coronavirus Vaccine) तैयार कर लिया है। इसका ट्रायल सोमवार वॉशिंगटन स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान में किया गया।

WrittenBy

Written By: Kishori Mishra | Updated : March 17, 2020 11:06 AM IST

Coronavirusn Vaccine:  कोरोना वायरस  को लेकर  एक बहुत ही बड़ी खबरे सामने आई है। अमेरिका के वैज्ञानिकों ने इस वायरस के वैक्सीन को (Coronavirus Vaccine) तैयार कर लिया है। इसका ट्रायल सोमवार वॉशिंगटन स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान में किया गया। वैज्ञानिकों ने पहले ट्रायल में 45 स्वस्थ युवाओं को लिया। ये युवा कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं थे। वैज्ञानिकों ने इन युवाओं पर ट्रायल इसलिए किया ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि इस वैक्सीन से क्या साइड इफेक्ट होते हैं।

इस ट्रायल से अब पता चल गया है कि वैक्सीन से कोरोना वायरस (Coronavirus Vaccine) से संक्रमित होने के खतरे से बचा जा सकता है। इस वैक्सीन में वायरस से कॉपी किए गए हानिरहित जेनेटिक कोड होते हैं। वैजानिकों का कहना है कि इस वैक्सीन के परीक्षण में अभी कई महीने लगेंगे।

Delhi police : पुलिस आयुक्त की हिदायत, अफसर मास्क, सैनिटाइजर का करें इंतजाम

मालूम हो कि दुनियाभर के वैज्ञानिक कोरोना वायरस के वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) की शोध में जुटे हुए हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (National Institute of Health) ने इस वैक्सीन को तैयार करने के लिए फंड दिए हैं।  लेकिन इस कार्य में लगी बायोटेक्नोलॉजी कंपनी मॉडर्न थेरेप्यूटिक्स का कहना है कि इस वैक्सीन को परीक्षण प्रक्रिया के जरिए बनाया गया है।

ब्रिटेन के इंपीरियल कॉलेज लंदन में संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ जॉन ट्रेगोनिंग ने कहा, "यह वैक्सीन में पहले से मौजूद तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।" उन्होंने कहा, "यह एक बहुत ही उच्च मानक के तहत बनाया गया है। इसमें उन चीजों का इस्तेमाल किया गया है, जिसे हम लोगों के उपयोग के लिए सुरक्षित समझते हैं और परीक्षण में भाग ले रहे लोगों पर बहुत ही नजदीकी से नजर रखी जाएगी।"

Coronavirus Latest News: दिल्ली के 3 लग्जरी होटलों में एकांतवास की सुविधा

वैक्सीन की कुछ खास बातें-

  • अमेरिकी फार्मा कंपनी मॉडर्मा ने इस वैक्सीन को तैयार किया है। ट्रायल में सफलता मिलने के बाद भी इस वैक्सीन को तैयार होने में करीब 18 महीने लगेंगे।
  • कोरोना वायरस वैक्सीन जेनेटिक इंजीनियरिंग पर आधारित है। यह वैक्सीन जब मरीजों को दिया जाता है, तो इससे शरीर की कोशिकाएं वायरस को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटती हैं। इससे ही इम्यून सिस्टम कोरोना वायरस की पहचान करना शुरू करता है।
  • वैक्सीन में मौजूद दवा आरएनए को प्रभावित करने का काम करती है, जो इम्यून सिस्टम को अपना टार्गेट पकड़ने का आदेश देता है।
Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source