कोरोनावायरस की रोकथाम है संभव, लेकिन इलाज के लिए वैक्सीन है बेहद जरूरी

देशभर में कोरोनावायरस के मामलों में कमी आने का कोई संकेत नजर नहीं आने के बीच बेंगलुरु की प्रख्यात पीडिएट्रिक कॉर्डियोलॉजिस्ट विजयलक्ष्मी आई. बालेकुंद्री ने कहा कि कोरोनोवायरस से बचा जा सकता है, लेकिन इसका टीका आने तक यह उपाचारात्मक नहीं है।

WrittenBy

Written By: Anshumala | Updated : July 27, 2020 1:06 PM IST

Coronavirus treatment and vaccine: देशभर में कोरोनावायरस के मामलों में कमी आने का कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में लगभग 50 हजार कोरोना के नए मामले सामने आए हैं, जो अब तक का एक नया रिकॉर्ड है। अब देश में कोरोना से पीड़ित कुल लोगों की संख्या 14.35 लाख तक पहुंच गई है। बेंगलुरू की पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट विजयलक्ष्मी आई. बालेकुंद्री ने कहा है कि कोरोनोवायरस (Coronavirus) से बचा जा सकता है, लेकिन इसका टीका (Vaccine) आने तक यह उपाचारात्मक नहीं है।

कोरोना से बचने का एकमात्र इलाज है बचाव

बेंगलुरु मेडिकल कॉलेज और रिसर्च इंस्टीट्यूट की एमेरिटस प्रोफेसर आई. बालेकुंद्री ने कहा कि संक्रमित होने से बचने का एकमात्र तरीका मास्क पहनना, हाथ धोना और शारीरिक दूरी बनाए रखना है, क्योंकि जब तक वैक्सीन नहीं मिलती है, तब तक इलाज से बेहतर है कि घातक बीमारी से बचाव किया जाए।

कोरोनावायरस दूसरे वायरसों से कैसे है अलग?

आई. बालेकुंद्री ने कहा, अन्य वायरस से कोविड-19 वायरस (Covid-19 virus) काफी अलग है। कोरोनावायरस (Coronavirus in hindi) बैक्टीरिया या फंगस की तरह एक जीवित जीव नहीं हैं। वे नॉन-लिविंग (निर्जीव) बड़े, लिपिड कैप्सूल एनवेलप्ड और पॉजिटिव, स्ट्रेन्डेड आरएनए वायरस है। अन्य वायरस की तरह, कोरोनवायरस एक सेल में समाहित होने की कोशिश करता है और इसे वायरस-रेप्लिकेटिंग फैक्ट्री में बदल देता है। यदि यह सफल होता है, तो यह गले, श्वसन प्रणाली, हृदय, मस्तिष्क, रक्त वाहिकाओं और मानव शरीर में सभी 100 ट्रिलियन कोशिकाओं में संक्रमण पैदा कर सकता है।

कोरोनावायरस शरीर में किन कोशिकाओं को बनाता है निशाना

यह वायरस किस प्रकार की कोशिकाओं को निशाना बनाता है और कैसे उनमें प्रवेश करता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि यह कैसे बना है। आनुवांशिक रूप से यह एक वेक्टर के बिना मानव से मानव में फैलता है और एक वायु संक्रमण के रूप में नाक, गले और आंखों के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। यह रक्त वाहिकाओं के माध्यम से शरीर में महत्वपूर्ण अंगों और कोशिकाओं को प्रभावित करता है।

नया कोरोनावायरस एक इंसान को संक्रमित करने के लिए एक व्यक्ति की कोशिकाओं में प्रवेश करता है, रेप्लिकेट होने के लिए अपनी मशीनरी का इस्तेमाल करता है, उनमें से बाहर फैलता है और अन्य कोशिकाओं में फैलता है। सार्स-कोव-2 (SARS-CoV-2) पर छोटा मॉलीक्युलर की सेल में वायरस को प्रवेश देता है। इस की को स्पाइक प्रोटीन कहा जाता है।

कैसी होती है कोरानावायरस की संरचना?

कोरोनावायरस की संरचना एक की (चाबी) की तरह है और कोशिकाओं पर रिसेप्टर्स एक लॉक (ताला) की तरह हैं। सैद्धांतिक रूप से, वे एक चोर (वायरस) को एक घर (शरीर की कोशिकाओं) में एक लॉक (रिसेप्टर्स) के माध्यम से प्रवेश बिंदु मार्ग करते हैं।"

कोरोना को फैलने से रोकने के उपाय

दुनियाभर में लाखों लोगों को संक्रमित कर चुके कोरोनावायरस को आगे फैलने से रोकने के लिए मास्क पहनना, हाथों को बार-बार धोना, दूसरों से 4-6 फीट की दूरी रखने, टॉयलेट हाइजीन बरतने और यात्रा करने से बचना चाहिए।

कोरोना के कौन से लक्षण हैं सबसे घातक

यदि कोई व्यक्ति किसी चीज को सूंघने या चीनी या नमक का स्वाद नहीं ले पाता है और कड़वापन महसूस होने के साथ बुखार होता है, तो उसे तुरंत कोरोना जांच (Corona test) करानी चाहिए, क्योंकि ये सभी कोरोना संक्रमण के लक्षण (Symptoms of coronavirus in hindi)। अगर जांच पॉजिटिव है, तो इस बात का संकेत है कि वायरस ने नाक, आंखों या मुंह के माध्यम से म्यूकस मेमब्रेन की कोशिकाओं में प्रवेश किया है और शरीर की कोशिकाओं के अंदर रेप्लिकेट हो गया है।

रोगी को बिना गंध और स्वाद के 3-4 दिनों तक हल्का बुखार, शरीर में दर्द, गले में जलन और सूखी खांसी होगी। वायरस नाक या गले के माध्यम से फेफड़ों या पेट में प्रवेश करता है और 5-7 दिनों से वायरल निमोनिया, पेट दर्द का कारण बनता है। 8 से लेकर 10वें दिन से सांस की तकलीफ, थकान होती है। इस स्तर पर, नेजल स्प्रे उपयोगी होते हैं। जैसे ही वायरस 14 वें दिन तक फेफड़े से हृदय, मस्तिष्क, किडनी और सभी रक्त वाहिकाओं में फैलता है, यह कई अंगों के काम करना बंद करने और अंतत: मौत का कारण बनता है।

सीने में दर्द, भूख ना लगना और महक समझ ना आना भी हो सकते हैं कोविड-19 इंफेक्शन के लक्षण

अब आवाज सुनकर और लार के सैंपल से जान जाएंगे कोरोना है या नहीं, जानिए कैसे

भारत में बनने वाली कोरोना वैक्सीन में कौन आगे, किसका सफल रहा ह्यूमन ट्रायल, वॉलंटियर्स पर वैक्सीन के साइड इफेक्ट, जानें सबकुछ