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Written By: Anshumala | Published : January 28, 2020 7:15 PM IST
जानें, क्या है कोरोना वायरस और इसके लक्षण, कारण और बचने के उपाय।
कोरोना वायरस (Coronavirus) अब चीन के साथ ही दुनिया के दूसरे देशों में भी पैर पसार रहा है। इससे लोगों में दहशत का मौहाल है। कोरोनावायरस से संक्रमित होने की आशंका के चलते तीन लोगों को यहां के राम मनोहर लोहिया (RML hospital) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को इस बात की पुष्टि की। आरएमएल के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) ने कहा, "राष्ट्रीय राजधानी के रहने वाले सभी तीनों लोगों को सोमवार दोपहर को यहां भर्ती किया गया है। वे चीन गए थे।" पीआरओ ने कहा कि उनमें से दो लोगों पर लक्षण पाए गए थे, लेकिन तीनों को ही जांच के लिए अलग से रखा गया है।
उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के माध्यम से जांच करवाई जाएगी और उम्मीद की जा रही है कि जांच रिपोर्ट चार से पांच दिनों के भीतर आ जाएगी।" आरएमएल को अलगाव और उपचार के लिए नोडल केंद्र के रूप में चुना गया है, ताकि संदिग्ध और पुष्टि किए गए कोरोना वायरस मामलों (Coronavirus outbreak) की पुष्टि हो सके। हालांकि, अभी तक किसी भी मामले की पुष्टि नहीं हुई है।
चीन से दुनियाभर में फैल रहा कोरोना वायरस कितना खतरनाक है.? इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय जान लें
चीन में अब तक कोरोना वायरस से लगभग 106 लोगों की मौत हो चुकी है। 1 हजार से भी अधिक लोग इस वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। इस वायरस से बचने के लिए अभी तक कोई इलाज और वैक्सीन नहीं है। कोरोनो वायरस एक तरह का सामान्य वायरस है, जो आपकी नाक, साइनस या ऊपरी गले में संक्रमण का कारण बनता है। अधिकांश कोरोना वायरसखतरनाक नहीं होते हैं। हालांकि, इनमें से कुछ वायरस बहुत ही ज्यादा खतरनाक भी होते हैं।
1960 के दशक में कोरोनावायरस को पहली बार पहचाना गया था, लेकिन ये (वायरस) नहीं पता कि ये आते कहां से हैं। कोरोनावायरस जानवरों और मनुष्यों दोनों को संक्रमित कर सकता है। अधिकांश कोरोनावायरस उसी तरह से फैलते हैं जैसे अन्य सर्दी-जुकाम उत्पन्न करने वाले वायरस करते हैं। आम व्यक्ति किसी संक्रमित लोगों द्वारा खांसने और छींकने, संक्रमित व्यक्ति के हाथों या चेहरे को छूने या दरवाजे की कुंडी जैसी चीजों को छूने से इस वायरस से संक्रमित हो सकता है।
कोराना वायरस के लक्षण (coronavirus symptoms) बहुत कॉमन हैं। डॉक्टर्स के अनुसार, 14 दिनों तक कोरोना वायरस का संक्रमण लोगों में स्पष्ट तौर पर पता नहीं चलता है। अक्सर कोरोना वायरस ऊपरी श्वसन संक्रमण (upper respiratory infection) जैसे स्टफी नाक, खांसी (Cough) और गले में खराश (Sore throat) जैसे के लक्षणों का कारण बनता है। आप इनका इलाज आराम करके और ओवर-द-काउंटर दवाओं के सेवन से कर सकते हैं। कोरोनोवायरस बच्चों में मिडियल ईयर इंफेक्शन का कारण भी बन सकता है।
अधिकांश कोरोना वायरस के लक्षण किसी अन्य ऊपरी श्वसन संक्रमण (upper respiratory infection) के समान होते हैं, जिसमें बहती नाक, खांसी, गले में खराश और कभी-कभी बुखार भी शामिल है। ज्यादातर मामलों में, आपको पता नहीं चलेगा कि आपको कोरोनो वायरस है या कोई अन्य सर्दी पैदा करने वाला वायरस, जैसे कि राइनोवायरस (Rhinovirus)।
कोरोना वायरस से बचने के आसान उपाय जो WHO द्वारा सुझाए गये हैं
इस वायरस से बचने के लिए अब तक कोई भी वैक्सीन नहीं उपलब्ध है। इस इंफेक्शन से बचने का सबसे बेहतर और आसान उपाय है उन बातों और टिप्स को फॉलो करना जो आप सर्दी-जुकाम (Common cold) होने पर करते हैं।
- हाथों को लगातार गुनगुने पानी और साबुन से साफ करते रहें। आप चाहें तो एल्कोहल युक्त हैंड सैनिटाइजर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं
- मुंह, नाक और आंखों से अपनी उंगलियों को दूर रखें।
- कोरोनावायरस से संक्रमित व्यक्ति के नजदीक ना जाएं।
- भरपूर आराम करें और तरल पदार्थों का सेवन भी खूब करें।
- बुखार और गले में खराश होने पर ओवर-द-काउंटर दवाओं का सेवन करें, लेकिन 19 वर्ष से कम उम्र वाले बच्चों को एस्पिरिन (Aspirin) ना दें।
नाक और गले से संबंधित समस्या का लैब टेस्ट करने पर पता चल सकता है कि आप इस वायरस से संक्रमित हैं या नहीं। आपको सर्दी कोरोनो वायरस के कारण हुई है या किसी अन्य कारण से। लेकिन, अगर कोरोनो वायरस संक्रमण (coronavirus infection) निचले रेस्पिरेटरी ट्रैक (आपके विंडपाइप और फेफड़ों) में फैलता है, तो इससे निमोनिया हो सकता है, खासकर बुजुर्गों, हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति या फिर कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वालों को।