
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Published : March 18, 2020 11:49 AM IST
कोरोना वायरस का टेस्ट किसे कराना चाहिए?
Coronavirus precautions and risk factors: नोवेल कोरोनावायरस की वजह से देश में 3 लोगों की मृत्यु हो गयी है। तो वहीं बुधवार 18 मार्च तक भारत में 143 लोगों को कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया। कोरोना वायरस के डर के साथ, अलग-अलग तरह की भ्रांतियां भी फैली हुई हैं। जिससे, लोगों की चिंता और घबराहट और अधिक बढ़ रही हैं। ऐसी ही कुछ बातों के पीछे का सच लिख रहे हैं हम यहां- (Coronavirus precautions and risk factors in hindi)
अगर आपको हल्का बुखार या खांसी है, गला ख़राब है तो, उसके बावजूद कोरोना टेस्ट कराने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। जी हां, इन दोनों हेल्थ प्रॉब्लम्स के साथ, 2 स्थितियों का ध्यान में रखते हुए नोवेल कोरोना का टेस्ट कराया जाता है। जैसे, क्या बीमार व्यक्ति ने पिछले 14 दिनों में कोई विदेश यात्रा की है। खासकर, उन देशों में जो कोरोना वायरस प्रभावित हैं।दूसरा, क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आए हैं, जिसे लैब टेस्ट में कोविड-19 यानि कोरोना वायरस पॉजिटिव बताया गया है।
यह एक वायरल इंफेक्शन है। लेकिन एच1एन1 औऱ स्वाइन फ्लू जैसे इंफेक्शन्स से अलग भी है। लेकिन, एक बार जब कोई व्यक्ति इसकी चपेट में आ जाता है। तो, इसके दोबारा होने की संभावना भी बहुत अधिक बढ़ जाती है। क्योंकि, इंफेक्शन होने पर शरीर में मौजूद एंटी-बॉडीज़ इंफेक्शन से बचने और उसके प्रभाव को कम करने के लिए काम करती हैं। इसीलिए, अगर किसी व्यक्ति को नोवेल कोरोना वायरस इंफेक्शन का इलाज करने के बाद स्वस्थ घोषित किया जाता है। तो, उसके बाद भी अगर दोबारा यह इंफेक्शन हुआ तो, वह माइल्ड या कमज़ोर हो गा।