
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
सेल्फ क्वारंटाइन क्या है? कोरोना वायरस के लिए सुरक्षा टिप ।
Coronavirus and Self Quarantine:कोरोना वायरस अब भारत में भी एक बहुत बड़ी समस्या के तौर पर फैल चुका है। इस वायरस की चपेट में 200 से अधिक भारत में आ चुके हैं। जैसा कि भारत में इस वक़्त कोरोना वायरस स्टेड 3 में प्रवेश करने वाला है। इस स्टेज में सामाजिक मेल जोल से कोरोना वायरस लोगों को बहुत व्यापक स्तर पर प्रभावित कर सकता है और इससे कोरोना वायरस के मरीज़ों की संख्या में बहुत अधिक इज़ाफा हो सकता है।
कोविड-19 वायरस के प्रसार को लेकर उठे इस खतरे को रोकने के लिए सरकार, डॉक्टर्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स ने लोगों से संगरोध यानि सेल्फ क्वारंटाइन (Coronavirus and Self Quarantine) में रहने की अपील की है।
संगरोध यानि सेल्फ क्वारंटाइन एक तरीके से एकांत वास है। जिसमें, कोविड-19 इंफेक्शन का शिकार व्यक्ति खुद को बाकी समाज से अलग-थलग रखता है। क्योंकि, ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आने से बाकी लोगों को भी कोरोना वायरस इंफेक्शन हो सकता है। जैसा कि, कोरोना वायरस एक तरीके से मरीज़ों की श्रृंखला के तौर पर आगे बढ़ता है। इसीलिए, एकांतवास करने से इस इंफेक्शन को रोकने और इस श्रृंखला को तोड़ने में सहायता होती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स सेल्फ क्वारंटाइन के लिए 14 दिनों की अवधि को आवश्यक मानते हैं। (what Self Quarantine)
सेल्फ क्वारंटाइन से इंफेक्शन और लोगों तक नहीं फैलता। इससे, कोविड-19 का कम्यूनिटी स्प्रेड नहीं हो पाता। जैसा कि, भारत में कोरोना वायरस विदेश से यात्रा कर रहे लोगों के साथ आया है। इसीलिए, अभी तक कम्यूनिटी स्प्रेड के तौर पर भारत में स्थिति तैयार नहीं हुई है। जबकि, अमेरिका सहित ईरान, साउथ कोरिया, इटली, जैसे देशों में कोरोना वायरस के बहुत अधिक मामलों की वजह कम्यूनिटी स्प्रेड ही है। इसीलिए, अगर सेल्फ क्वारंटाइन का फैसला कोई व्यक्ति ले रहा है। तो, वह समाज और देश को इस इंफेक्शन की चपेट में आने से रोकने में योगदान करेगा। इसीलिए, कहा जा सकता है कि सेल्फ क्वारंटाइन बहुत ही ज़रूरी और कोरोना से लड़ने में मददगार है।