
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 20, 2021 2:18 AM IST
Coronavirus and TB Risk : कोरोना वायरस संक्रमण ना केवल लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है बल्कि, इस वैश्किव महामारी ने कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ा दिया है। महामारी की शुरूआत के बाद डायबिटीज और मोटापे की समस्या में लगातार इजाफा देखा गया है वहीं, समय-समय पर एक्पर्ट्स और यहां तक कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कोरोना काल में विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के बढ़ने की आशंका जतायी है। अब, शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से टीबी ( Tuberculosis) के मरीजों में यह बीमारी दोबारा उभर सकती है। (Coronavirus and TB Risk in Hindi)
हाल ही में एक स्टडी के परिणामों के आधार पर दावा किया गया है कि, सार्स कोवि-2 SARS-CoV-2 जो कोविड-19 संक्रमण का कारण है,यह वायरस निष्क्रिय टीबी को दोबारा सक्रिय करने में सक्षम होता है। इस स्टडी का आयोजन मैसैचुसेट्स यूनिवर्सिटी और भारत के गुवाहाटी शहर में स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, के रिसर्चर्स ने मिलकर किया है। स्टडी के अंत में शोधकर्ता जिन निष्कर्षों पर पहुंचे उसके अनुसार, सार्स कोवि-2 टीबी के निष्क्रिय को दोबारा सक्रिय कर सकता है। इस स्टडी के लिए विशिष्ट कोरोना वायरस वायरस के संक्रमण ने चूहों में निष्क्रिय माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस (MTB) को फिर सक्रिय कर दिया। (Coronavirus and TB Risk )
स्टडी के परिणाम द अमेरिकन जर्नल ऑफ पैथोलॉजी (The American Journal of Pathology) में प्रकाशित किए गए। इस स्टडी के परिणामों के आधार पर कहा गया है कि,कोरोना वायरस महामारी के लिए जो वैक्सीन्स तैयार की जा रही हैं उनकी मदद से टीबी की बीमारी से भी सुरक्षा मिलती है। इसीलिए, ऐसा कहा जा सकता है कोविड वैक्सीनेशन ना केवल कोरोना संक्रमण बल्कि, टीबी से भी बचाता है।
स्डटी करनेवाली टीम के सदस्यों के अनुसार यह स्टडी भारत के लिए महत्वपर्ण है क्योंकि, भारत जैसे विकासशील देशों में टीबी की बीमारी एक बड़े बोझ के तौर पर देखी जाती रही है। वहीं, कोरोना काल में भी भारत में टीबी के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गयी है। इनमें से ज़्यादातर लोग ऐसे हैं जिनमें टीबी पहले निष्क्रिय था लेकिन कोविड संक्रमण के बाद यह सक्रिय हो गया।
बता दें कि, आंकड़ों के अनुसार, भारत में 40 फीसदी से अधिक लोगों को निष्क्रिय टीबी की समस्या है। ऐसे में वैज्ञानिक इस स्टडी के परिणामों को गंभीरता से लेने और आगे भी इस दिशा में कुछ कार्य करने की सलाह देते हैं।
Preventing Black Fungus in Diabetes: डायबिटीज में ब्लैक फंगस से बचने के लिए रखें इन बातों का ध्यान
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.