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माउथवॉश से कोरोना की गंभीरता को किया जा सकता है कम! जानें क्या कहती है रिसर्च

इस नए रिसर्च के मुताबिक, माउथवॉश से कोरोनावायरस के फैलते संक्रमण को रोका जा सकता (Coronavirus and Mouthwash) है। नियमित अंतराल में अगर माउथवॉश किया गया, तो इससे कोरोनावायरस की गंभीरता को कम किया जा सकता है।

माउथवॉश से कोरोना की गंभीरता को किया जा सकता है कम! जानें क्या कहती है रिसर्च
Gargling with mouthwash can reduce the viral load in the oral cavity and throat, says new study.

Written by Kishori Mishra |Updated : May 16, 2020 1:54 PM IST

Coronavirus and Mouthwash : कोरोनावायरस से निपटना विश्वभर के वैज्ञानिकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती हो गई है। इस फैलते संक्रमण (Coronavirus) से निपटने के लिए दुनियाभर के डॉक्टर्स और वैज्ञानिक दवाई को (Research on Coronavirus) तैयार करने में जुटे हैं। फिलहाल अभी तक कोई ऐसा उपाय सामने नहीं आया है, जिससे कोरोनावायरस से पूरी तरह से निपटा जा सके। इस वजह से कोरोनावायरस का संक्रमण काफी तेजी से (Coronavirus and Mouthwash) दुनियाभर में फैल रहा है।

कोरोनावायरस नाक, मुंह और आंख के रास्ते गले तक पहुंचता है, जो फेफड़ों को संक्रमित करता है। फेफड़ों में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से मरीज को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है, जिसके कारण मरीज की हालत गंभीर हो जाती है। इस भयावह स्थिति से निपटने के लिए आए दिन वैज्ञानिकों द्वारा नए-नए उपाय बताए जा रहे हैं। इसी बीच वैज्ञानिकों का एक और रिसर्च सामने ( New Research on Coronavirus ) आया है।

कोरोनावायरस की गंभीरता को किया जा सकता है कम

इस नए रिसर्च के मुताबिक, माउथवॉश से कोरोनावायरस (Coronavirus) के फैलते संक्रमण को रोका जा सकता (Coronavirus and Mouthwash) है। नियमित अंतराल में अगर माउथवॉश किया गया, तो इससे कोरोनावायरस की गंभीरता को कम किया जा सकता है। बताया गया है कि माउथवॉश (Coronavirus and Mouthwash) से आप कोरोनावायरस को नष्ट कर सकते हैं।

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डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, शोधकर्ताओं ने बताया कि माउथवॉश करने से कोरोनावायरस को फैलने से पहले खत्म कर सकते हैं। इनका तर्क है कि कोरोनावायरस के बाहरी हिस्से पर फैट की लेयर होती है, जिसे माउथवॉश के केमिकल्स से खत्म कर सकते हैं। माउथवॉश करने से वायरस मुंह और गले में फैलता नहीं है।

यह रिसर्च टेस्ट ट्यूब और सीमित रूप से किया गया है। रिसर्चर्स के अनुसार, माउथवॉश में मौजूद केमिकल्स, लिपिड्स को टारगेट करते हैं। कोरोना वायरस की बाहरी परत को लिपिड्स कहते हैं,  जिन्हें माउथवॉश से आसानी से नष्ट किया जा सकता है। हालांकि, इस बात का अबतक कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि माउथवॉश से कोरोनावायरस के लेयर जड़ से खत्म कर सकते हैं या नहीं?

अभी और अधिक रिसर्च की है जरूरत (New Research on Coronavirus)

अपने इस रिसर्च के बारे में शोधकर्ताओं का कहना है कि कोरोनावायरस के लेयर को माउथवॉश (Research on Coronavirus) से किस स्तर तक नष्ट किया जा सकता है, इसके बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है। अभी शोधकर्ताओं को माउथवॉश में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स पर रिसर्च करने की जरूरत है। ताकि इस बात को स्पष्ट किया जा सके कि कोरोनावायरस के लेयर को किस स्तर तक नष्ट कर सकते हैं।

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शोधकर्ताओं की इस टीम में हेल्थकेयर एक्सपर्ट्स, लिपिड साइंटिस्ट और वायरोलॉजिस्ट शामिल थे। इस रिसर्च को नॉटिंघम, ओटावा,  कोलोराडो,  बार्सिलोना,  कार्डिफ यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मेडिसिन और कैंब्रिज इंस्टिट्यूट ने मिलकर किया है।

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