मानसून के साथ बढ़ सकता है कोरोनावायरस का खतरा, इस तरह रखें अपना ख्याल

मानसून में लोगों की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है, इसलिए इस सीजन में कोरोनावायरस फैलने की संभावना अधिक है। मानसून में बढ़ते खतरे को देखते हुए हम बताने जा रहे हैं कि कैसे आप मानसून में कोरोनावायरस से बचाव कर सकते हैं। ।

WrittenBy

Written By: Kishori Mishra | Updated : June 18, 2020 2:49 PM IST

Coronavirus and Monsoon : मानसून का सीजन जल्द ही शुरू होने वाला है। ऐसे में कई वैज्ञानिकों द्वारा दावा किया जा रहा है कि नमी के कारण कोरोनावायरस के संक्रमण बढ़ने की आशंका है। खासकर ऐसे महानगरों में जहां कोरोनावायरस के मरीजों की संख्या अधिक है, ऐसी जगहों पर अधिक सावधानी बरतने की (Coronavirus and Monsoon) आवश्यकता है। मानसून में लोगों की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है, इसलिए लोगों को मानसून में ज्यादा सावधानी बरतने की (Coronavirus and Monsoon) आवश्यकता है। मानसून में बढ़ते खतरे को देखते हुए हम बताने जा रहे हैं कि कैसे आप मानसून में कोरोनावायरस से बचाव कर सकते हैं।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मानसून के दौरान लोगों को बारिश से भीगने से बचना चाहिए। अगर किसी को सर्दी-जुकाम है, तो उस व्यक्ति से दो गज की दूरी बनाए रखें। इसके साथ ही अपने मास्क को नियमित रूप से बदलें, क्योंकि बारिश के कारण वायरस और बैक्टीरिया (Coronavirus and Monsoon) जल्दी पनपते हैं। इसके अलावा भी आपको कई सावधानियां बरतनी होगी-

हाइजीन

मानसून में हाइजीन का विशेष ख्याल रखना चाहिए। खाने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएं। अगर आपको मानसून में छींक और खांसी अधिक आए, तो टिशू पेपर अपने साथ रखें। इसके साथ ही जैसे ही छींक-खांसी आए, तो तुरंत वॉशरुम जाकर हाथ धोएं।

श्वसन तंत्र करें मजबूत

लॉकडाउन के कारण आप ज्यादा वक्त अपने घर में बिता रहे हैं। ऐसे में अपने घर के वातावरण को जीवाणु रहित बनाएं। घर के इंडोर एयर क्वालिटी यानी आईएक्यू को अच्छे से बनाकर रखें। ध्यान रखें कि आपके घर में कहीं भी फंगस या काई न जमें। घर में काई या फंगस होने से नमी बढ़ती है, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका अधिक होती है। एक्सपर्ट के मुताबिक,  बारिश के कारण आसपास के वातावरण और हवा में धूलकण कम हो जाते हैं। ऐसे समय में प्रदूषण कम होता है और इससे श्वसन संबंधित बीमारी से पीड़ित होने का खतरा कम होता है।

सतह पर ना होने दें नमी

बारिश के कारण नमी काफी ज्यादा होती है। ऐसे में अपने घरों की सतहों को नम होने से बचाएं। क्योंकि इससे हवा की गुणवत्ता खराब होती है। मानसून में फर्नीचर और घर के किसी सामान में नमी बढ़ने से केमिकल और जैविक क्रियाएं होती है। इसके कारण हवा दूषित होने की संभावना बढ़ सकती है। बारिश शुरू होने से पहले  घर में चेक करें कि कहीं  छत से पानी का रिसाव तो नहीं हो रहा है, क्योंकि इससे जीवाणु पनपने की आशंका अधिक होती है। एयर कंडिशन के फिल्टर को  बीच-बीच में साफ करते रहें। घर के अंदर स्मोकिंग ना करें। इसके साथ ही जूते-चप्पलों को भी घर से बाहर रखें।

पर्याप्त वेंटिलेशन का रखें ख्याल

मानसून के सीजन में घर में पर्याप्त धूप आनी चाहिए। इसलिए धूप जैसे ही निकले अपने घर की खिड़कियों को खोल दें। इससे घर के अंदर शुद्ध हवा आती रहेगी। साथ ही घर में होने वाली नमी भी दूर होगी।

घर का खाना खाएं

मानसून के सीजन में बाहर खाने से बचें। इस दौरान ऐसा भोजन करें, जो आपकी इम्यूनिटी को बढ़ाता है। बरसात में बाहर का खाना  अनहाइजिनिक हो सकता है। इसके साथ ही पहले से कटे हुए फल और सब्जी को बिल्कुल भी ना खाएं। फल और सब्जियों को हमेशा धोकर खाएं।

पानी पीते रहें

बहुत से लोग सोचते हैं कि गर्मी के सीजन में ही डिहाइड्रेशन की समस्या होती है, लेकिन आपको बता दें कि मानसून में भी आपको अपने शरीर को हाइड्रेट करने की आवश्यकता होती है। मानसून में भी बीच-बीच में पानी पीते रहें। इससे आप सेहतमंद महसूस करेंगे और बीमारी से भी बचाव होगा। इसके साथ ही अदरक, दालचीनी, मुलेठी, लहसुन, शहद, काली मिर्च, बड़ी इलायची, लौंग, पीपली, गिलोय आदि की चाय बनाकर पीते रहें।

दिल्ली में आज से घटी कोरोनावायरस टेस्ट की कीमत, अब जल्द मिलेंगे टेस्ट के नतीजे

टॉयलेट सीट फैला सकता है कोरोनावायरस, फ्लश करने से पहले रखें इस बात का ख्याल

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source