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Coronary Artery Calcium Scan क्या है और ये आने वाले सालों में Heart Attack का खतरा कैसे बताता है?

आज के समय में हार्ट अटैक का खतरा काफी ज्यादा बढ़ रहा है और ऐसे में डॉक्टर सीएसी स्कैन जैसे खास तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं जिनकी मदद से हार्ट अटैक के खतरे का सालों पहले पता लगाया जा सकता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : June 18, 2026 1:57 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Amar Singhal

ऐसा नहीं है कि हमारे देश में लोग हार्ट हेल्थ को लेकर जागरूक नहीं हैं, पिछले एक दशक की अगर बात की जाए तो जैसे-जैसे कम उम्र में हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं लोग अपनी हार्ट हेल्थ के लेकर जागरूक हुई हैं। लेकिन हमारे शरीर का एक बहुत ही यूनिक अंग है और हमारे जीवित रहने के लिए जितना जरूरी है, इसका ध्यान रखना उतन ही मुश्किल भी है क्योंकि यह एक जटिल मशीन से कम नहीं है। हार्ट अटैक के ऐसे मामले होते हैं, जिनमें कई बार मरीज को पहले ही लक्षण महसूस होने लगते हैं, जबकि कुछ लोगों को हार्ट अटैक आने के बाद ही पता चलता है कि उन्हें हार्ट से जुड़ी भी कोई समस्या है। लेकिन आज मेडिकल साइंस बहुत आगे बढ़ गया है और कुछ ऐसे टेस्ट भी हैं, जिनकी मदद से हार्ट अटैक के खतरे का कई सालों पहले पता लगाया जा सकता है। दिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट में कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर, डॉ. अमर सिंघल ने इस बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं जिनके बारे में हम इस लेख में जानेंगे।

हार्ट अटैक के खतरा बताने वाले टेस्ट व स्कैन

हार्ट अटैक व हार्ट से जुड़ी अन्य समस्याओं का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है और इसलिए ऐसी समस्याओं का पता लगाने के लिए डॉक्टर आमतौर पर ऐसे टेस्ट कराने पर जो देते हैं जो भविष्य में हार्ट अटैक के खतरे को बता सकें। कोरोनरी आर्टरी कैल्शियम स्कैन (Coronary Artery Calcium Scan या CAC Scan) इन्हीं में से एक है।

सीएसी स्कैन आमतौर पर एक खास तरह का सीटी स्कैन होता है, जो यह पता लगाता है कि हार्ट को खून पहुंचाने वाली धमनियों कितनी मात्रा में कैल्शियम जमा हुआ है। कैल्शियम की मौजूदगी इस बात का संकेत हो सकती है कि धमनियों में फैट और कोलेस्ट्रॉल की परत यानी प्लाक जमा हो चुका है, जिससे आगे चलकर हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ सकता है।

सीएसी टेस्ट कैसे किया जाता है

यह एक नॉन-इनवेसिव स्कैन है यानी इस स्कैन को करने के लिए किसी प्रकार का चीरा लगाने या इंजेक्शन से खून आदि निकालने की जरूरत नहीं है। इसमें मरीज को कुछ मिनट के लिए सीटी स्कैन मशीन में लिटाया जाता है, जिसके बाद मशीन हार्ट की अलग-अलग एंगल के साथ तस्वीरें लेती हैं। यह पूरी प्रक्रिया आमतौर पर 10 से 15 मिनट में पूरी हो जाती है। इसमें न तो किसी डाई की जरूरत होती है और न ही अस्पताल में भर्ती होने की। इसलिए यह एक आसान और अपेक्षाकृत सुरक्षित जांच मानी जाती है।

कैसे पता चलता है हार्ट अटैक का खतरा?

जैसा कि हमने ऊपर भी बताया कि यह स्कैन बताता है कि धमनियों में कितना कैल्शियम जमा है, तो इसमें कैल्शियम स्कोर का पता लगता है। इस जांच के बाद मरीज को एक कैल्शियम स्कोर मिलता है। अगर स्कोर शून्य है, तो इसका मतलब है कि धमनियों में कैल्शियम नहीं मिला और निकट भविष्य में हार्ट अटैक का खतरा काफी कम माना जाता है। वहीं स्कोर जितना ज्यादा होगा, धमनियों में प्लाक जमा होने और हृदय रोग का जोखिम उतना ही अधिक माना जाता है। डॉक्टर इसी स्कोर के आधार पर यह तय करते हैं कि मरीज को केवल जीवनशैली में बदलाव की जरूरत है या फिर कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाओं जैसे उपचार शुरू करने चाहिए।

कितने सालों में हार्ट अटैक रिस्क का पता लग सकता है?

CAC स्कैन भविष्य में होने वाले हार्ट अटैक या अन्य हृदय संबंधी घटनाओं के जोखिम का अनुमान लगाने में काफी मददगार साबित हुआ है। खासकर यदि किसी व्यक्ति का कैल्शियम स्कोर शून्य आता है, तो अगले 5 से 10 वर्षों तक उसके हार्ट अटैक का खतरा अपेक्षाकृत कम माना जाता है। वहीं जिन लोगों का स्कोर अधिक होता है, उनमें आने वाले वर्षों में हार्ट अटैक या ब्लॉकेज की संभावना ज्यादा हो सकती है।

हालांकि, इस बात का ध्यान रखना होगा कि यह टेस्ट कोई भविष्यवाणी नहीं करता है, बल्कि इस टेस्ट की मदद से जो स्कोर मिलता है उसका आकलन करके और व्यक्ति के लाइफस्टाइल व डाइट आदि के आधार पर खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है।

किन्हें कराना चाहिए ये टेस्ट

आमतौर पर 40 की उम्र के बाद यह जांच कराने की सलाह दी जाती है और अगर व्यक्ति स्वस्थ है तो भी एक बार यह टेस्ट कराना अच्छा और सुरक्षित विकल्प माना जाता है। इसके अलावा अगर कम उम्र के व्यक्ति को निम्न में से कोई भी क्रोनिक डिजीज है, तो भी यह टेस्ट करा लेना चाहिए -

  • जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर
  • डायबिटीज
  • हाई कोलेस्ट्रॉल
  • मोटापा

इसके अलावा जिन लोगों की उम्र कम है और अभी तक स्वास्थ्य से जुड़ी कोई बीमारी भी नहीं है, लेकिन परिवार में पहले किसी को हार्ट से जुड़ी समस्याएं हो चुकी हैं तो भी यह टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है। धूम्रपान व शराब का सेवन करने जैसी हार्ट को डैमेज करने वाली आदतें आदि हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा देती हैं, इसलिए उन्हें भी एक बार यह टेस्ट जरूर कराकर देखना चाहिए। अगर आप सीएसी स्कैन कराने की सोच रहे हैं, तो आपको डॉक्टर से इस बारे में एक बारे में सलाह जरूर लेनी चाहिए।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल हार्ट डिजीज और सीएसी स्कैन से जुड़ी जरूरी जानकारी देना है और इसमें दी गई जानकारी ऑनलाइन खबरों से दी गई है। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।