
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Medically Verified By: Dr. Raman Kumar
unhealthy foods (AI Generated)
क्या आपको भी ऐसा लगता है कि दूषित खाना खाने से सिर्फ फूड पॉइजनिंग होती है? अगर हां, तो आप गलत सोच रहे हैं। दूषित भोजन सिर्फ फूड पॉइजनिंग तक सीमित नहीं है। बल्कि, यह दुनियाभर में एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की नई रिपोर्ट के अनुसार, असुरक्षित या दूषित भोजन खाने से हर साल लगभग 86.6 करोड़ लोग बीमार पड़ते हैं और 15 लाख लोगों की मौत हो जाती है। चिंताजनक बात तो यह है कि इससे सबसे ज्यादा छोटे बच्चे प्रभावित होते हैं।
WHO के अनुसार, 5 साल से कम उम्र के बच्चों में दूषित भोजन से बीमार पड़ने का जोखिम ज्यादा रहता है। दूषित भोजन से होने वाला डायरिया छोटे बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इसके अलावा, भोजन में मौजूद लेड, मिथाइलमरकरी और अन्य रसायन बच्चों के मस्तिष्क के विकास को प्रभावित कर सकते हैं।
WHO के मुताबिक, भोजन जैविक और रासायनिक कारकों से दूषित हो सकता है जैसे-
विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2021 में लगभग 86 करोड़ फूडबोर्न बीमारियां बैक्टीरिया, वायरस और परजीवियों से हुई थीं। वहीं, दूषित भोजन से होने वाली 73% मौतों के पीछे रासायनिक कारण जिम्मेदार थे। रिपोर्ट में बताया गया है कि दूषित भोजन में मौजूद आर्सेनिक और लेड से हृदय रोग और कैंसर का खतरा बढ़ जा सकता है। आपको बता दें कि फूडबोर्न बीमारियों का सबसे ज्यादा असर अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया में देखा गया है।
WHO ने सरकारों और स्वास्थ्य एजेंसियों से फूड सेफ्टी सिस्टम मजबूत करने की अपील की है। इसके लिए जरूरी है-
चेयरमैन अकेडमी ऑफ फैमिली फिजिशियंस ऑफ इंडिया डॉ. रमन कुमार से जानते हैं दूषित खाना खाने से कैसे बचा जा सकता है।
Disclaimer: दूषित खाना बच्चों की सेहत को सबसे ज्यादा प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर है, उनकी सेहत को ज्यादा नुकासन पहुंच सकता है। इसलिए आपको दूषित भोजन खाने से बचना चाहिए।