hamburger icon
A
Read in English

भांग के सेवन से बढ़ जाता है सिजोफ्रेनिया का खतरा : शोध

नए शोध में न्‍यूरो कैमिस्‍ट्री पर हुए विस्‍तृत अध्‍ययन में यह बात सामने आई है कि भांग का लगातार इस्‍तेमाल (Cannabis Hazards) ब्रेन के फंक्‍शन को प्रभावित करता है। यह कार्टिसोल और डोपामाइन की सिगनलिंग को प्रभावित करता है।

WrittenBy

Written By: Yogita Yadav | Updated : August 8, 2019 1:55 PM IST

दुनिया भर में भांग को दवा के तौर पर इस्‍तेमाल किए जाने और कानूनन वैध बनाए जाने की मांग उठ रही है। इसी बीच एक नया शोध आया है। जिसमें दावा किया गया है कि भांग के अत्‍यधिक इस्‍तेमाल से युवाओं में सिजोफ्रेनिया (Cannabis Hazards) का जोखिम बढ़ जाता है। यह शोध उन मांगों पर फि‍र से विचार करने के लिए तथ्‍य उपलब्‍ध करवाती हैं, जो भांग को वैध बनाने का आग्रह कर रहे हैं।

क्‍या कहता है शोध (Cannabis Hazards)

नए शोध में न्‍यूरो कैमिस्‍ट्री पर हुए विस्‍तृत अध्‍ययन में यह बात सामने आई है कि भांग का लगातार इस्‍तेमाल (Cannabis Hazards) ब्रेन के फंक्‍शन को प्रभावित करता है। यह कार्टिसोल और डोपामाइन की सिगनलिंग को प्रभावित करता है। जिसका संबंध मस्तिष्‍क में तनाव के संकेत से है। खासतौर से जिन युवाओं ने लगातार भांग का सेवन (Cannabis Hazards) किया, उनका मस्तिष्‍क उतना ही क्षीण होता गया।

और भी हैं भांग के नुकसान

भांग का नशा युवाओं में एक बार फि‍र से लोकप्रिय हो रहा है। वे चोरी छिपे इसका सेवन करते हैं। साथ ही ग्‍लोबल लेवल पर भी इस पेन किलर बताकर इसे वैध करने की मांग की जा रही है। जबकि सच्‍चाई इससे उलट है।

cannabis-brain-hazards भांग का नशा दिमाग को सबसे ज्‍यादा प्रभावित करता है। इससे दिमागी क्षमता कमजोर होने लगती है। उसे अपने आसपास संदेह उत्‍पन्‍न होता है और वह किसी भी स्थिति पर विश्‍वास नहीं कर पाता। लॉन्‍ग टर्म में इससे मेमोरी लॉस होने लगती है। ©Shutterstock.

सेहत को होता है नुकसान

भांग का  सेवन करने से सेहत को तात्‍कालिक नुकसान होता है। जो प्रत्‍यक्ष तौर पर नजर भी आता है। भारत में कुछ त्‍योहारों पर भांग का सेवन करने का रिवाज रहा है। ज‍बकि इससे सिर दर्द, चक्‍कर आना, उल्‍टी और मतली की समस्‍या हो जाती है।

नहीं रहता मानसिक संतु‍लन

भांग का नशा दिमाग को सबसे ज्‍यादा प्रभावित करता है। इससे दिमागी क्षमता कमजोर होने लगती है। उसे अपने आसपास संदेह उत्‍पन्‍न होता है और वह किसी भी स्थिति पर विश्‍वास नहीं कर पाता। लॉन्‍ग टर्म में इससे मेमोरी लॉस होने लगती है।

प्रजनन क्षमता पर पड़ता है असर

पुरुषों द्वारा भांग का सेवन करने से उनकी प्रजनन क्षमता पर असर पड़ता है। जो लोग लगातार भांग का सेवन करते हैं, उनमें स्‍पर्म काउंट कम होने लगता है, जिससे इनफर्टिलिटी और इरेक्‍टाइल डिस्‍फंक्‍शन की समस्‍या भी हो सकती है।

गर्भस्‍थ शिशु को नुकसान

ऐसा नहीं है कि आप ज्‍यादा मात्रा में लेंगी तभी भांग आपको नुकसान देगी। वास्‍‍तविकता यह है कि भांग की थोड़ी सी भी मात्रा आपके गर्भस्‍थ शिशु की मृत्‍यु का कारण बन सकती है। यह पुरुषों की ही तरह महिलाओं की भी प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है।

अधेड़ उम्र में तनावपूर्ण जीवन जीने वाली महिलाओं में बढ़ जाता है मस्तिष्‍क विकार का जोखिम

उम्र के साथ कम करना है डिमेंशिया का जोखिम, तो दोस्‍तों से मिलते रहें

सिजोफ्रेनिया : रोगी को उपचार के साथ है प्‍यार की भी जरूरत