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दवा के पत्‍ते पर बना लाल निशान इस बात की ओर करता है इशारा, डॉक्टर की सलाह पर ही लें ऐसी दवाएं

जब आप बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के केमिस्ट से दवा खरीदते हैं, तो आप में से कितने लोग MRP और एक्सपायरी डेट के अलावा दवाओं के पिछले लेबल पर अन्य विवरण देखते हैं? सच तो यह है कि हम में से ज्यादातर लोग इसे अनदेखा कर देते हैं, जबकि वहां कई जरूरी जानकारी दी गई होती हैं जिनके बारे में जानना हमारे लिए महत्वपूर्ण है।

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Written By: Atul Modi | Updated : November 23, 2021 4:14 PM IST

आज की दुनिया में औषधियों (Medicine) का मानव जीवन में बहुत महत्व माना जाता है क्योंकि आजकल व्यक्ति जब भी थोड़ा बीमार होता है तो दवा खाना पसंद करता है। हालांकि ये दवाएं आपके लिए फायदेमंद होती है, लेकिन कई बार ये आपके लिए बेहद नुकसानदेह भी हो सकती है। यह इन दवाओं के प्रिस्क्रिप्शन (Medical Prescription) पर निर्भर करता है। दवाओं के प्रिस्क्रिप्शन (औषधनिर्देश पत्र) का मतलब है कि केवल डॉक्टर जिनके पास लाइसेंस है, वे ही दवा लेने की सलाह दे सकते हैं। कभी-कभी हम जल्दबाजी में कोई ऐसी दवा खा लेता है जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इस लेख में हम आपको दवाओं के प्रिस्क्रिप्शन से जुड़ी कुछ ऐसी बातों के बारे में बता रहे हैं, जिनके बारे में हमें पता होना जरूरी है।

1. दवाओं के पीछे लाल स्ट्रिप का क्या मतलब है?

क्या आपने कभी अपनी दवाइयों के पैकेट के पीछे लाल पट्टी या स्ट्रिप को नोटिस किया है? दरअसल, ये रेड लाइन इशारा करती है की इन दवाइयों का दवाओं का सेवन डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन से ही करना चाहिए। ये दवाएं केवल मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन के साथ बेची जाती हैं जैसे : एंटीबायोटिक्स, एंटी एलर्जेनिक्स, एंटी इंफ्लेमेटरी और अन्य दवाएं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी दवाइयों की पैकेजिंग पर लाल रेखा के महत्व को लेकर जानकारी दी है। लाल स्ट्रिप वाले टैबलेट पैक इंगित करते हैं कि इन्हें डॉक्टर के पर्चे के बिना नहीं खरीदा जा सकता है। फार्मेसी को इन दवाओं को बेचने की अनुमति तभी दी जाती है, जब इसके लिए मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन दिया जाता है।

2. दवाइयों की स्ट्रिप पर Rx क्यों लिखा होता है?

कुछ दवाओं की स्ट्रिप पर Rx लिखा होता है, जिसका अर्थ है कि वह दवा डॉक्टर की सलाह पर ही ली जानी चाहिए। एक प्रिस्क्रिप्शन, जिसे अक्सर संक्षिप्त रूप में ℞ या Rx कहा जाता है, एक चिकित्सक या अन्य हेल्थकेयर प्रोफेशनल से एक फार्मासिस्ट के बीच एक औपचारिक संचार है, जो उन्हें एक विशिष्ट रोगी के लिए एक विशिष्ट प्रिस्क्रिप्शन वाली दवा देने के लिए अधिकृत करता है। ऐतिहासिक रूप से, यह एक चिकित्सक का निर्देश है जो एक उपचार में मिश्रित होने वाली सामग्रियों को सूचीबद्ध करता है

3. NRx का क्या मतलब है?

NRx को शब्द या सिंबल के रूप में भारत में शेड्यूल एच (Schedule H) नारकोटिक्स दवाओं के लिए प्रयोग किया जाता है। इसका फुल फॉर्म “न्यू ड्रग प्रिस्क्रिप्शन” है। इसमें Rx से अंतर यह है कि Rx के प्रिस्क्रिप्शन को फार्मासिस्ट उचित संख्या में बार-बार भर सकते हैं। लेकिन NRx दवाओं के लिए रिफिल से पहले हर बार हाल की तारीख का प्रिस्क्रिप्शन मांगा जाना चाहिए। Rx सिंबल इंगित करता है कि प्रिस्क्रिप्शन में H और H1 नॉन-नारकोटिक्स दवाएं हैं। इस तरह की दवाओं को सिर्फ वही डॉक्टर सजेस्ट कर सकते हैं जिनके पास नशीली दवाओं का लाइसेंस प्राप्त है। बिना नशीली दवाओं के लाइसेंस वाले डॉक्टर या मेडिकल स्टोर वाले इस तरह की दवाएं बिल्कुल नहीं बेच सकते।

4. दवाइयों की स्ट्रिप पर XRx का क्या मतलब है?

कुछ दवाइयों की स्ट्रिप पर XRx भी लिखा होता है और इसका मतलब है कि वह दवा केवल डॉक्टर से ही ली जा सकती है। यह दवा सीधे डॉक्टर के द्वारा मरीज को दी जा सकती है। रोगी इसे मेडिकल स्टोर से नहीं खरीद सकता, भले ही उसके पास डॉक्टर द्वारा लिखी गई पर्ची क्यों न हो।

सही मायने में कोई भी दवा बिना डॉक्टर की सलाह नहीं लेनी चाहिए, अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको दवाइयों के दुष्प्रभाव का भी सामना करना पड़ सकता है।

(Inputs: Arushi Jain, Executive Director Stayhappi Pharmacy)