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अगर आप भी हर रोज सुबह पेट साफ न होने की समस्या से परेशान हैं, तो आप पहले नहीं हैं, जिसे यह समस्या इस तरह परेशान कर रही हैं। दुनिया भर में करोड़ों लोग पेट की इस जटिल स्थिति से परेशान हैं। इतना ज्यादा कि कुछ लोग तो कब्ज के कारण अपने दैनिक कार्यों में भी बाधा और असहजता महसूस करने लगे है।
चौंकाने वाले हैं आंकड़ें
भारत में हर पांच में से एक व्यक्ति कब्ज से परेशान है। हाल ही में हुए एक सर्वे के अनुसार भारत की 14% शहरी आबादी कब्ज़ से पीड़ित है। इससे आज भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में करोड़ों लोग परेशान हैं। कब्ज की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 70 से 80 फ़ीसदी बीमारियों की शुरुआत पेट या पाचन क्रिया में असंतुलन से होती है।
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क्यों हो जाती है कब्ज
भारत में हर पांच में से एक व्यक्ति कब्ज़ से परेशान है। इसकी वजह जंक फ़ूड, शराब, धूम्रपान, तनाव, ग़लत आहार, ग़लत दवाएं, अनियमित सुस्त जीवनशैली है। व्यस्त दिनचर्या के कारण ज्यादातर लोग ताजा पका हुआ भोजन नहीं कर पाते। जंक और प्रोसेस्ड फूड में शामिल प्रीजर्वेटिव मेटाबॉलिज्म को खराब करते हैं जिससे कब्ज बनने लगती है।
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कब्ज की वजह से एसिडिटी, सिर में दर्द, बवासीर, आंखों की समस्याएं, जी घबराना, अनिंद्रा, आंतों और पेट में दर्द की समस्या हो सकती है। © Shutterstock[/caption]
कब्ज के दुष्परिणाम
अक्सर कब्ज़ को हम हल्के में लेते हैं और इसे नज़रअंदाज़ कर देते हैं। पर यह इतनी सामान्य बात नहीं है। कब्ज की वजह से एसिडिटी, सिर में दर्द, बवासीर, आंखों की समस्याएं, जी घबराना, अनिंद्रा, आंतों और पेट में दर्द की समस्या हो सकती है। कब्ज़ के कारण व्यक्ति चिड़चिड़ा हो जाता है, उसका मन काम में नहीं लगता, तनाव बढ़ जाता है।
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कब्ज से बचने के घरेलू उपाय
त्रिफला चूर्ण - यह एक आयुर्वेदिक चूर्ण है जो आंवला, हरड़ और बहेड़ा से बना होता है। इसलिए इसे त्रिफला यानी तीन फलों से बना कहा जाता है। इसमें ग्लाइकोसाइड नामक तत्व होता है, जो पाचन में मदद करता है। तांबे के बरतन में रातभर रखे पानी में छोटा चम्मच त्रिफला चूर्ण मिलाकर पीने से कब्ज़ में जल्द राहत मिलती है।
ईसबगोल - इसमें लैक्सटिव गुण पाया जाता है और यह फ़ाइबर से भरपूर होता है। यह कब्ज़ और दस्त दोनों में लाभकारी होता है। रात को दो छोटे चम्मच ईसबगोल पानी या दूध में भिगोएं और सुबह इसमें गुड़ या शक्कर डालकर पीने से कब्ज़ की समस्या दूर होती है।
अलसी - अलसी में प्रचुर मात्रा में ओमेगा फ़ैटी एसिड होता है, जो पाचन के लिए काफी अच्छा माना जाता है। अलसी को पीसकर पाउडर बना लें और इस पाउडर को एक गिलास पानी में पूरी रात डाल कर कुछ घंटों के लिए छोड़ दें। सुबह इसे छानकर ख़ाली पेट पिएं। यह कब्ज़ में राहत पहुंचाने का काम करेगी।