
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
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कीवी एक रसीला खट्टा-मीठा फल है जो अब भारत में भी काफी लोकप्रिय हो रहा है। यह गोल-मटोल फल हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद है और हमारे पेट के लिए भी। दरअसल किवी कब्ज़ या कॉन्स्टिपेशन जैसी पेट से जुड़ी समस्याओं से राहत दिलाता है। पेट की समस्याओं से आपकी पूरा शरीर प्रभावित होता है। इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम या आईबीएस एक ऐसी ही बीमारी है जो न सिर्फ आपके शारारिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है बल्कि इसकी वजह से डिप्रेशन तक हो जाता है। लेकिन पेट दर्द, मरोड़ और कब्ज़ या दस्त जैसे एकाधिक लक्षणों का कोई विशेष उपचार नहीं है। चूंकि पेट की समस्याएं लाइफस्टाइल से ही जुड़ी हुई होती हैं, इसलिए इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम से बचने के लिए आपकी डायट में कीवी शामिल कर सकते हैं। जी हां, जिन लोगों को इरिटेबल बोलेस सिंड्रोम हो वो पेट दर्द, दस्त, कब्ज़ और पेट की अन्य बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए अपने भोजन में कीवी शामिल कर सकते हैं।
विभिन्न रिसर्च में यह पाया गया है कि रोज़ाना दो कीवी खाने से आईबीएस से पीड़ित लोगों को फायदा होता है। इसीलिए आईबीएस और कब्ज़ के मरीज़ों को कीवी खाने की सलाह दी जा सकती है। दरअसल कीवी फाइबर का अच्छा स्रोत है। एक कीवी में 1.7 ग्राम फाइबर होता है। और कब्ज़ के मरीज़ों के लिए फाइबर बहुत ज़रूरी होता है।
इसी तरह 54 आईबीएस मरीज़ों पर आधारित एक रिसर्च में 41 मरीज़ों को 4 हफ्तों तक कीवी फल खिलाया गया, और बाकियों को प्लेसेबो पिल दी गई। इस रिसर्च के नतीज़ों में देखा गया कि कीवी खाने वाले लोगों का बोवेल ठीक तरह से काम करने लगा है और उनकी पाचन क्रिया में सुधार हो रहा है।
यानि ऐसा कहा जा सकता है कि कीवी एक ऐसा फाइबर-रिच फल है जिसे अगर आप अपनी डायट में शामिल करते हैं तो आपको कब्ज़ से राहत मिल सकती है।