फिलीपींस में स्वाइन फ्लू के पहले मामले की पुष्टि, जानें इसके लक्षण और उपचार

वायरस एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी का कारण बनता है जो खेतों में रहने वाले सूअरों को प्रभावित करता है और इसका मुकाबला करने के लिए कोई टीका मौजूद नहीं है।

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Written By: Yogita Yadav | Published : September 10, 2019 12:41 PM IST

फिलीपींस की सरकार ने सोमवार को देश में दर्ज किए गए स्वाइन फ्लू (swine flu) के पहले मामले की पुष्टि की है, जो एक से वायरस फैलता है और दक्षिण पूर्व एशियाई क्षेत्र की खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के अनुसार, कम से कम दो प्रांतों में बीमारी (swine flu) के कारण सैकड़ों सुअर मर गए, जिससे इनसानों के स्वास्थ्य पर तो अभी सीधा असर नहीं पड़ा है, लेकिन जिससे लाखों लोगों की आजीविका पर खतरा मंडरा रहा है।

क्‍या है ताजा मामला (swine flu)

समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, कृषि मंत्री विलियम डार ने सोमवार को मीडिया को बताया कि राजधानी मनीला के पास स्थित रिजाल और बुलाकान प्रांत में 20 में से 14 रक्त नमूनों का परीक्षण पॉजिटिव (swine flu) आया। डार ने कहा कि राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते ने वायरस के संभावित प्रकोप से लड़ने के लिए एक विशेष टीम बनाने की मंजूरी दी है, जो अब तक लगभग 7,400 सूअरों को प्रभावित कर चुकी है।

अन्‍य देश भी हैं प्रभावित (swine flu)

चीन में अगस्त 2018 में पहले मामलों में से एक का पता लगाने के बाद से, महामारी (swine flu) एशियाई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर फैल गई है और इसने मंगोलिया, कंबोडिया और लाओस को भी प्रभावित किया है। वियतनाम में, बीमारी के प्रसार को नियंत्रित करने के प्रयास में 26 लाख से अधिक सूअरों को मार दिया गया। वायरस एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी का कारण बनता है जो खेतों में रहने वाले सूअरों को प्रभावित करता है और इसका मुकाबला करने के लिए कोई टीका मौजूद नहीं है। यही वजह है कि बड़े पैमाने पर सूअरों को मारना ही इसे फैलने से रोकने का एकमात्र विकल्प है।

क्‍या है स्‍वाइन फ्लू (swine flu)

स्वाइन फ्लू एक रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन है जो H1N1 वायरस के कारण होता है| यह वायरस ज़्यादातर सूअरों में पाया जाता है पर कभी कभार इंसानों में ट्रांसफर होकर बीमारियां फैलाता है| स्वाइन फ्लू फ़ैलाने वाला इन्फ्लुएंजा वायरस इंसानों में पहली बार 2009 में पाया गया था| यह बहुत जल्दी फैलने वाली बीमारी है, उस साल बहुत लोग इसके चपेट में आ गए थे। H1N1 वायरस इंसान के नाक, गले और फेफड़ो में रहने वाली कोशिकाओं को दूषित करके शरीर में इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण पैदा करता है| यह वायरस बड़ी आसानी से आपके नाक या मुँह द्वारा शरीर में प्रवेश कर सकता है|

स्वाइन फ्लू के लक्षण (swine flu)

बुखार,  ठण्ड लगना, खांसी और ख़राब गला,  नाक का बहना, शरीर या सिर में दर्द,  हर समय थकावट, उबकाई और उल्टियां आना। ये लक्षण ज़्यादातर वायरस के शरीर में प्रवेश करने के 1 से 3 दिन के दौरान प्रकट होते है| सभी मरीजों में सभी लक्षण हों, यह भी जरूरी नहीं।

स्‍वाइन फ्लू का उपचार (swine flu)

पीसीआर टेस्ट के माध्यम से ही यह पता चलता है कि किसी को स्वाइन फ्लू है या नहीं। स्वाइन फ्लू होने के पहले 48 घंटों के भीतर इलाज शुरू हो जाना चाहिए। पांच दिन का इलाज होता है, जिसमें मरीज को टेमीफ्लू दी जाती है।

रहें सावधान (swine flu)

एच1एन1 वायरस स्टील, प्लास्टिक में 24 से 48 घंटे, कपड़े और पेपर में 8 से 12 घंटे, टिश्यू पेपर में 15 मिनट और हाथों में 30 मिनट तक एक्टिव रहते हैं। इन्हें खत्म करने के लिए डिटर्जेंट, एल्कॉहॉल, ब्लीच या साबुन का इस्तेमाल करना चाहिए। किसी भी मरीज में बीमारी के लक्षण इन्फेक्शन के बाद 1 से 7 दिन में डिवेलप हो सकते हैं। लक्षण दिखने के 24 घंटे पहले और 8 दिन बाद तक किसी और में वायरस के ट्रांसमिशन का खतरा रहता है। 5 साल से कम उम्र के बच्चे, 65 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं के लिए इसका सबसे ज्‍यादा जोखिम होता है।

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