वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन स्टडी पहुंचा रही है लोगों की आंखों को नुकसान, बढ़ रही है कम्प्यूटर विज़न सिंड्रोम की समस्या
कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम आंखों से जुड़ी समस्या है। जो, बहुत अधिक स्क्रीन टाइम की वजह से होती है। फोन, टीवी और कम्प्यूटर के सामने बहुत अधिक समय बिताने से आंखों पर बुरा असर पड़ता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, कोरोना वायरस के बाद बनी स्थितियों की वजह से ऑनलाइन रहने वालों की संख्या में 75 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। इसीलिए, लॉकडाउन के दौरान इस समस्या से परेशान लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
Computer Vision Syndrome: लॉकडाउन के दौरान लोगों ने अपनी ज़िंदगी अपने कमरे और अपने घर तक ही सीमित कर ली है। अब लोग वर्क फ्रॉम होम करते हैं और घर पर ही कम्यूटर की मदद से अपने दफ्तर के काम और कारोबार को आगे बढ़ाते हैं, लोग ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई करते हैं। साथ ही मनोरंजन के लिए मल्टीप्लेक्स जाना संभव ना होने की वजह से लोग घर टीवी और आनलॉइन प्लेटफॉर्म्स पर फिल्में देख रहे हैं। इस सबकी मदद से सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना से सुरक्षित रहने में तो मदद हो रही है। लेकिन, इतनी देर ऑनलाइन रहने से लोगों को कम्प्यूटर विज़न सिंड्रोम (Computer Vision Syndrome )जैसी समस्याएं होने लगी हैं।
क्या है कम्प्यूटर विज़न सिंड्रोम ?
कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम आंखों से जुड़ी समस्या है। जो, बहुत अधिक स्क्रीन टाइम की वजह से होती है। फोन, टीवी और कम्प्यूटर के सामने बहुत अधिक समय बिताने से आंखों पर बुरा असर पड़ता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, कोरोना वायरस के बाद बनी स्थितियों की वजह से ऑनलाइन रहने वालों की संख्या में 75 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। इसीलिए, लॉकडाउन के दौरान इस समस्या से परेशान लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
क्या हैं कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम के लक्षण (Computer Vision Syndrome Symptoms):
- आंखों में लाली और जलन महसूस होना
- आंखों में तकलीफ, दर्द और तनाव
- भारी सिर दर्द या लगातार धीरे-धीरे महसूस होने वाला दर्द
- नज़र में धुंधलापन
- ड्राई आईज़ (आंखों में सूखापन महसूस होना)
- बैक पेन
- गर्दन और कंधों में दर्द और भारीपन
- ध्यान केंद्रित करने में दिक्कतें
ऐसे रखें आंखों का ध्यान
- जब भी कम्प्यूटर, मोबाइल और लैपटॉप के सामने जब भी काम करें तो, एंटी-ग्लेयर चश्में पहनें। अपने लैपटॉप की स्क्रीन को थोड़ा दूर ही रखें ताकि, आंखों पर लैपटॉप की रोशनी कम से कम पड़े।
- आंखों को बार-बार पलकें झपकाएं। इस तरह पलकें झपकाने से ड्राई आइज़ की समस्या कम होती है।
- जितना ज़रूरी हो उतनी ही देर कम्प्यूटर का प्रयोग करें।
- कम्प्यूटर के सामने बैठते समय अपने बॉडी पॉश्चर का भी ध्यान रखें।
- काम करते समय एक बार में 30-35 मिनट के लिए ही लगातार स्क्रीन पर देखें। उसके बाद 3-4 मिनट का ब्रेक लें।
- 2 घंटे लगातार स्क्रीन पर देखने के बाद खुद को15 मिनट का आराम अवश्य दें।
- काम के दौरान बीच-बीच में थोडी देर उठें और आसपास टहलें। बाल्कनी के बाहर पेड़-पौधों को देखें।