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Common Medication Mistakes Parents Make With Kids : बच्चों की सेहत हर माता-पिता के लिए चिंता का विषय होती है। जब बच्चा बीमार पड़ता है, तो हर माता-पिता की कोशिश करते हैं कि वह जल्द स्वस्थ हो जाए। लेकिन कई बार बच्चों को दवा देने में कुछ छोटी-छोटी गलतियां बड़ी परेशानी का कारण बन सकती हैं। बच्चों को दवा देना बड़ों की तुलना में अधिक सावधानी का काम है। क्योंकि बच्चों का शरीर नाजुक होता है, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और उनकी दवाओं की मात्रा (dosage) भी उम्र और वजन के अनुसार बदलती है।
दिल्ली के जनरल फिजिशियन और एमबीबीएस डॉ. सुरिंदर कुमार के अनुसार, अगर बच्चों को दी जाने वाली दवा सही मात्रा में, सही समय पर और सही तरीके से न दी जाए तो बीमारी बढ़ जाती है। डॉ. सुरिंदर कुमार बताते हैं कि माता-पिता बच्चों को दवा देते समय में कुछ कॉमन गलतियां करती हैं, जिनके बारे में जानना जरूरी है।
डॉक्टर के अनुसार कई पेरेंट्स बच्चों को सर्दी, खांसी और बुखार जैसी परेशानियों में खुद ही पुरानी दवा या घर में रखी दवा दे देते हैं। माता-पिता का बच्चे को खुद से दवा देना खतरनाक है क्योंकि हर बीमारी, हर बच्चे और हर उम्र के लिए दवा की मात्रा अलग होती है। कई बार बच्चों में सामान्य से दिखने वाली बीमारी फ्लू हो सकती है। इस स्थिति में दवा बिना डॉक्टरी की सलाह के दी जाए, तो बच्चे की परेशानी बढ़ सकती है।
कुछ दवाएं खाने से पहले और कुछ खाने के बाद दी जाती हैं। गलत समय पर बच्चों को दवा देने से पेट खराब हो सकता है या दवा असर नहीं करती। बच्चों को दवा देते समय माता-पिता को डॉक्टर की बताई टाइमिंग (जैसे हर 8 घंटे, दिन में 2 बार आदि) सटीक रूप से फॉलो करनी चाहिए। टाइमिंग सही न होने पर बच्चे पर दवा का असर गलत पड़ सकता है।
अक्सर माता-पिता सोचते हैं कि अगर बड़ी बहन या भाई को वही दवा दी गई थी तो छोटे बच्चे को भी दे सकते हैं। लेकिन ऐसा करना गलत है। हर बच्चे का वजन, रोग की स्थिति और प्रतिरक्षा प्रणाली अलग होती है। इसलिए हर बच्चे को डॉक्टर की सलाह पर अलग-अलग ही दवा दें।
दवा का स्वाद कड़वा होने के कारण कई बार छोटे बच्चे इसे पीने से बचते हैं। ऐसे में पेरेंट्स दवा का स्वाद छिपाने के लिए बच्चों को दवा को जूस, दूध या खाने में मिला देते हैं। दूध या किसी अन्य चीज में मिलाकर देने से दवा का असर कम या खत्म हो सकता है। बीमार पड़ने पर बच्चे को दवा उसी रूप में दें जैसा डॉक्टर ने बताया है।
- बच्चों को हमेशा दवा को खेल या कहानी का हिस्सा बनाएं ताकि बच्चा रोए नहीं।
- बच्चे को दवा लेने पर सरप्राइज, ताली बजाकर प्रोत्साहित करना जैसे काम करें।
- दवा देते समय बच्चे से धीरे-धीरे और प्यार से बात करें।
- अगर दवा का स्वाद कड़वा है, तो दवा पिलाने के बाद उसे जूस या कोई मिठाई दें।