30 की उम्र के बाद आंखों से जुड़ी कौन सी प्रॉब्लम होती हैं?
30 की उम्र के बाद शरीर में कोलेजन प्रोटीन और एंटीऑक्सिडेंट्स का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है। इसलिए हम सबका ये जानना जरूरी है कि 30 की उम्र के बाद आंखों से जुड़ी कौन सी परेशानी हो सकती हैं।
30 की उम्र पार करने के बाद शरीर में कई प्रकार के प्राकृतिक बदलाव आने लगते हैं। जहां इस उम्र में लोग अपने करियर और परिवार पर ज्यादा ध्यान देते हैं, वहीं स्वास्थ्य की देखभाल को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। खासकर 30 की उम्र के बाद आंखों की सेहत पर ध्यान न देना एक बड़ी गलती साबित हो सकती है। आंखें हमारे शरीर का वो हिस्सा हैं जिनकी मदद से हम दुनिया को देख पाते हैं, और उम्र बढ़ने के साथ इन पर असर पड़ना स्वाभाविक है। 30 साल की उम्र के बाद आंखों से जुड़ी कई सामान्य और गंभीर समस्याएं उभरने लगती हैं जिन्हें समय पर पहचान और रोकथाम करना बेहद जरूरी है।
इसलिए आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बताने जा रहे हैं, 30 की उम्र के बाद आंखों से जुड़ी कौन सी परेशानियां होती हैं। इस विषय पर अधिक जानकारी दे रहे हैं नई दिल्ली के लाजपत नगर स्थित आई 7 हॉस्पिटल के वरिष्ठ मोतियाबिंद एवं रेटिना सर्जन डॉ. पवन गुप्ता।
30 के बाद आंखों में बदलाव क्यों आने लगते हैं?
डॉ. पवन गुप्ता के अनुसार, 30 की उम्र के बाद शरीर में कोलेजन प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है। इसी के साथ आंखों की मांसपेशियां (eye muscles) और लेंस की लचीलापन (flexibility) भी घटने लगती है। इससे आंखों की फोकस करने की क्षमता कमजोर हो सकती है। इसके अलावा 30 की उम्र के बाद आंखों में बदलाव आने के प्रमुख कारण हैंः
- मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल करना
- नींद की कमी
- खाने में पोषण की कमी
- मानसिक तनाव
- हार्मोनल बदलाव
- प्रदूषण और UV किरणें
30 की उम्र के बाद आंखों से जुड़ी कौन सी प्रॉब्लम होती हैं?
1. आंखों का सूखापन (Dry Eyes)
डॉ. पवन के अनुसार, 30 के बाद कई लोगों को आंखों में जलन, खुजली और रूखेपन की समस्या होने लगती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इस उम्र में टियर फिल्म (tear film) यानी आंसुओं की प्राकृतिक परत कमजोर हो जाती है। किसी व्यक्ति को आंखों में सूखापन होने की समस्या होने पर आंखों में जलन या चुभन, धुंधला दिखना, लालपन या भारीपन जैसे लक्षण नजर आते हैं।
2. प्रेसबायोपिया (Presbyopia)
30 के बाद आंखों का लेंस धीरे-धीरे सख्त होने लगता है। इससे पास की वस्तुओं पर फोकस करना मुश्किल हो जाता है। इसे प्रेसबायोपिया कहा जाता है। अगर आप 30 की उम्र पार कर चुके हैं और आपको पास की चीज देखने या पढ़ने में किसी प्रकार की परेशानी हो रही हो। आंखों और सिर में तनाव महसूस हो रहा हो, तो ये प्रेसबायोपिया का लक्षण है। इस विषय पर तुरंत डॉक्टर से बात करें और अपना इलाज करवाएं।
3. आंखों की थकान (Eye Strain)
आंखों की मांसपेशियां भी शरीर की अन्य मांसपेशियों की तरह थक सकती हैं। 30 की उम्र के बाद कई लोग ऑफिस में लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करते हैं जिससे आंखों में तनाव बढ़ जाता है। आंखों में भारीपन या दर्द, सिरदर्द और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी आंखों की थकान के लक्षण हैं।
4. मोतियाबिंद
मोतियाबिंद में आंखों के लेंस में धुंधलापन आ जाता है। यह आमतौर पर 40 या 50 की उम्र में अधिक होता है, लेकिन कई मामलों में 30 के बाद भी शुरू हो सकता है। स्क्रीन देखने वाले लोग जिन्हें धुंधला नजर आ रहा है, तो ये मोतियाबिंद हो सकता है। इस स्थिति में तुरंत अपने डॉक्टर से बात करें और इलाज करवाएं।
Highlights
- 30 की उम्र के बाद आंखों की समस्या होना आम बात है।
- 30 की उम्र के बाद आंखों में ड्राईनेस की परेशानी होती है।
- स्क्रीन देखने के कारण आंखों की परेशानी बढ़ती है।