
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 17, 2020 10:57 PM IST
Common Cold: सर्दियों के मौसम को वायरल बीमारियों के मौसम के तौर पर भी जाना जाता है क्योंकि, सर्दियों की शुरुआत के साथ ही खांसी-ज़ुकाम, फ्लू, कॉमन कोल्ड और अन्य प्रकार की वायरल बीमारियों के मरीज़ बढ़ने लगते हैं। इसके कई कारण होते हैं। जैसे, ठंड के मौसम में हवा में रूखापन बढ़ जाता है जिससे सांस लेने में परेशानी होने लगती है और सर्दी-खांसी की यह समस्या महसूस होने लगती है। इसके साथ ही कॉमन कोल्ड या फ्लू होने पर लक्षणों (Common Cold Symptoms) के तौर पर ये समस्याएं भी होने लगती हैं-
वायु प्रदूषण भी सर्दियों के मौसम में कॉमन कोल्ड बीमारियां बढ़ने का एक बड़ा कारण (Common Cold Causes) है। स्मॉग, कोहरा और धूल-मिट्टी सहित अन्य प्रदूषक बढ़ जाते हैं। इस प्रदूषित हवा में सांस लेने से भी श्वसन मार्ग से में तकलीफें होने लगती हैं। जिससे, श्वसन मार्ग में सूजन और अस्थमा जैसी कई प्रकार की समस्याएं होने लगती हैं।
एक्सपर्ट्स के अनुसार सर्दियों में होने वाली कॉमन कोल्ड की समस्या का सबसे बड़ा कारण राइनोवायरस ( Rhinoviruses) है। इसीलिए, सर्दियों में इस वायरस को फैलने से रोकना बहुत आवश्यक है। राइनोवायरस से सुरक्षित रहने के लिए बार-बार हाथ धोएं। अगर आपको सर्दी-ज़ुकाम के लक्षण दिखते हैं तो बार-बार अपनी आंखों और चेहरे को छूने से बचें। छींक आने और खांसते समय चेहरे पर हाथ रखने की बजाय टिश्यू पेपर रखें और इस्तेमाल के बाद टिश्यू पेपर को फेंक दें।
जैसा कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया कोविड-19 संक्रमण (Covid-19 Infection) से सुरक्षित रहने के लिए संघर्ष कर रही है। ऐसे में कॉमन कोल्ड की समस्या को भी नज़रअंदाज़ करना सही नहीं है। इसी तरह विटामिन डी की कमी ना होने दें। विटामिन डी से भरपूर फूड्स का सेवन भी कॉमन कोल्ड से निपटने में शरीर को सक्षम बनाता है।
आमतौर पर कॉमन कोल्ड की समस्या 10 दिनों में ठीक हो जाती है। लेकिन, अगर यह परेशानी 10 दिनों से अधिक रहे तो अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें। खासकर, बच्चों और बुज़ुर्गों में सर्दी-ज़ुकाम की परेशानी कई दिनों तक रहती है तो मेडिकल एक्सपर्ट की मदद लेना आवश्यक है। इसी तरह अगर आप हाल-फिलहाल किसी कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आए हैं तो बिना देर किए डॉक्टर को इस बारे में जानकारी दें। ताकि, जल्द से जल्द टेस्ट कराए जा सकें और सही तरीके से उपचार किया जा सके।