
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Medically Verified By: Dr. Rajeev Chowdry
Common Cold or Walking Pneumonia: सर्दी-जुकाम और खांसी जैसी समस्याएं बेहद आम हैं। ये ऐसी समस्याएं हैं, जो कभी भी हो जाती हैं। मौसम बदलने पर, थोड़ा-सा ठंडा-गर्म खाने पर या ठंड लगने पर सर्दी-जुकाम हो जाता है। इसके अलावा, सर्दी-जुकाम और खांसी कई बीमारियों का संकेत भी होते हैं। खासकर, जब फेफड़ों से जुड़ा कोई रोग होता है, तो सर्दी-जुकाम जैसी समस्याएं इसके सबसे आम संकेत होते हैं। बच्चे सर्दी-जुकाम, गले की खराश और खांसी जैसी समस्याओं से ज्यादा परेशान रहते हैं। वॉकिंगनिमोनिया की वजह से भी बच्चों को सर्दी-जुकाम हो जाता है। ऐसे में माता-पिता बच्चों में दिखने वाले इन संकेतों को पहचान नहीं पाते हैं। उन्हें समझ नहीं आ पाता है कि यह आम सर्दी-जुकाम है या फिर वॉकिंगनिमोनिया? तो आइए, यथार्थ अस्पताल, फरीदाबाद के इंटरनल मेडिसिन के निदेशक डॉ. राजीव चौधरी से इसके बारे में जानते हैं विस्तार से-
निमोनिया के हल्के मामलों को वॉकिंगनिमोनिया कहा जाता है, यह स्थिति गंभीर नहीं होती है। बच्चों में वॉकिंगनिमोनिया के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। अगर मेडिकलटर्म की बात करें तो इसे एटिपिकलनिमोनिया कहा जाता है। यह माइकोप्लाज्माबैक्टीरिया के कारण हो सकता है। वॉकिंगनिमोनिया में अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसके लक्षण काफी हल्के होते हैं। बच्चे अपनी रोज की एक्टिविटी को जारी रख सकते हैं। यही वजह है कि इसे वॉकिंगनिमोनिया कहा जाता है। यानी इस स्थिति में रोगी अपने दिनचर्या के सारे काम आसानी से कर सकता है।
वॉकिंगनिमोनिया में गंभीर सर्दी-जुकाम और खांसी हो सकती है। इस स्थिति में बच्चों को ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती है। लेकिन, अगर समय पर वॉकिंगनिमोनिया पर ध्यान नहीं दिया गया तो लक्षण बिगड़ सकते हैं।
वॉकिंगनिमोनिया का इलाज करने के लिए डॉक्टर एंटीबायोटिक्स लिख सकते हैं। वे सर्दी-जुकाम और खांसी ठीक करने के लिए दवाइयां लिख सकते हैं। साथ ही, बच्चों को पर्याप्त आराम करने की सलाह देते हैं। वॉकिंगनिमोनिया में बच्चों को खूब पानी पिलाएं और बुखार आने पर दवा खिलाएं।
वॉकिंगनिमोनिया से बचाव के लिए सबसे जरूरी है संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखना। क्योंकि जब कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो उसके पास बैठा व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है। निमोनिया से बचाव के लिए कुछ अन्य टिप्स भी आजमाएं जा सकते हैं।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।