
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
How to prevent gallstones: जब भी पथरी की बात आती है, तो ज्यादातर लोगों को ध्यान गुर्दे की पथरी (Kidney Stones) की तरफ ही जाती है। लेकिन शरीर के कई अन्य अंग भी ऐसे हैं, जिनमें पथरी बन सकती है। पित्त में होने वाली पथरी भी किडनी स्टोन के जितनी ही गंभीर होती है और इसे निकालना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। पित्त में होने वाली पथरी को अक्सर शुरुआत में इग्नोर कर दिया जाता है, क्योंकि इससे होने वाला दर्द शुरुआत में गैस के आम दर्द जैसा लगता है। यही कारण है कि शुरुआत में इसे इग्नोर कर दिया जाता है और बाद में इसका आकार बड़ा होने के बाद इसके कारण पेनक्रिएटिक डक्ट्स में ब्लॉकेज पैदा कर देता है। इसके कारण होने वाली स्थिति को पैन्क्रियाटाइटिस कहा जाता है, जिससे होने वाला दर्द बहुत तेज होता है और मरीज को तुरंत अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है।
पित्त की पथरी से बचने के लिए इसके होने के कारण का पता लगाना बहुत जरूरी है। पित्त की पथरी के प्रमुख कारणों को जानने के लिए हमने पटपड़गंज के मैक्स हॉस्पिटल में जनरल, लैपरोस्कोपिक एंड रोबोटिक सर्जरी के स्पेशलिशट डॉक्टर आशीष गौतम से बात की और उन्होंने इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी।
डॉक्टर आशीष गौतम के अनुसार यदि आपके बाइल (पित्तरस) में ज्यादा मात्रा में कोलेस्ट्रॉल जमा हो गया है, तो यह पित्ताशय में पथरी का कारण बन सकता है। यदि बाइल में बिलीरुबिन की मात्रा ज्यादा है और बाइल साल्ट कम है, तो भी पित्त की पथरी बन सकती है। डॉक्टर आशीष के अनुसार मोटापा भी पित्त की पथरी पैदा करने वाले सबसे बड़े कारणों में से एक है। गर्भवती महिलाओं में भी पित्त की पथरी होने का खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टर ने बताया गाल ब्लैडर हाइपोकाइनेजिया भी एक ऐसी समस्या है, जिसे अक्सर इग्नोर कर दिया जाता है, लेकिन यह पित्त में पथरी होने का खतरा बढ़ाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें खाना खाने के बाद पित्ताशय की थैली पूरी तरह से खाली नहीं हो पाती है और इस कारण से पथरी बनने लगती है।
पित्त की पथरी की रोकथाम काफी हद तक आपकी डाइट और लाइफस्टाइल पर निर्भर करती है जो इस प्रकार है -
डाइट में हेल्दी चीजें शामिल करें - अपनी डाइट में खूब मात्रा में फल व सब्जियों को शामिल करें। आप जितनी फल व सब्जियों को शामिल करेंगे पित्त की पथरी होने का खतरा उतना ही कम हो जाएगा। हालांकि, कुछ लोग पित्त की पथरी के डर के कारण ड्राई फ्रूट्स का सेवन करना बंद कर देते हैं। लेकिन एनएचएस की एक रिपोर्ट के अनुसार अभी तक ड्राई फ्रूट्स से पित्त की पथरी होने से जुड़े किसी प्रकार के सबूत नहीं पाए गए हैं।
हेल्दी लाइफस्टाइल - एक्सपर्ट्स का मानना है कि एक सही लाइफस्टाइल की मदद से पित्ताशय से जुड़ी कई समस्याओं के खतरे को कम किया जा सकता है और इनमें से एक पित्त की पथरी भी है। सुबह समय से उठकर वॉकिंग करना और हफ्ते में कम से कम 5 दिन हल्की एक्सरसाइज करना आदि पित्ताशय की थैली से जुड़ी समस्याओं के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है।