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क्या आपको अपने बच्चे के वैक्सीनेशन शेड्यूल पर बार-बार नजर डालने की जरूरत पड़ती है? क्या आप अपने बच्चे को समय पर वैक्सीन लगवाना भूल जाते हैं? किसी भी बच्चे के शुरुआती दो साल में वैक्सीनेशन बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है और इस भागदौड़ भरी जिंदगी में सभी चीजों को याद रख पाना मुश्किल होता है। इसमें कोई दो राय नहीं कि कॉम्बिनेशन वैक्सीन माता-पिता के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं और हेल्थ एक्सपर्ट भी दो या उससे वैक्सीन को मिलाना काफी हद तक सही मानते हैं। कई बीमारियों के खिलाफ सुरक्षा के लिए वैक्सीन कॉम्बिनेशन के इस तरीके की शुरुआत डिप्थीरिया, टेटनस और पेरटुसिस (डीटीपी) के कॉम्बिनेशन से हुई थी।
इस वैक्सीन को 1948 में बच्चों और नवजातों को दिया गया था और ये अपने आप में पहली वैक्सीन थी, जो तीन बीमारियों से एक साथ सुरक्षा दे सकती है।
इस वैक्सीन में DTaP + Hep B + IPV+Hib एक साथ होता है, जो बच्चों को डिप्थीरिया, टेटनस, पेरटुसिस, हेपेटाइटिस बी, हीमोफेलस इंफ्लुएंजा और पोलियों से सुरक्षित रखता है।
ये वैक्सीन बच्चों को डिप्थीरिया, टेटनस, हीमोफेलस और पोलियो से सुरक्षित रखने का काम करती है।
MMR + varicella का ये कॉम्बिनेशन आपको 4 बीमारियों से सुरक्षित रखने में मदद करता है, जिसमें खसरा, मंप्स, रूबेला और वैरिकाला शामिल होता है।
इन वैक्सीन को एक्सपर्ट की सलाह के बाद ही प्रयोग में लाया जाना चाहिए और जब बात बच्चों की हो तो वैक्सीनेशन को भूलना नहीं चाहिए।
हर किसी को वैक्सीन लगाना पसंद नहीं होता है और सभी चाहते हैं कि उन्हें कम से कम इंजेक्शन लगें। कम इंजेक्शन का मतलब कम दर्द और कम परेशानी लेकिन सुरक्षा पूरी। ये कॉम्बिनेशन वैक्सीन सभी बच्चों को दी जाती है। माता-पिता के लिए ये वैक्सीन इसलिए भी फायदेमंद है क्योंकि आपको डॉक्टर के पास कम चक्कर लगाने पड़ेंगे। इसके साथ ही आपको अपना समय बचाकर परिवार के साथ बिताने में मदद मिलेगी।
किसी भी कॉम्बिनेशन वैक्सीन को प्रयोग के लिए मंजूरी मिलने से पहले उसकी दक्षता और सुरक्षा को ध्यानपूर्वक जांचने की जरूरत होती है। वैक्सीन से होने वाले रिएक्शन को रिकॉर्ड किया जाता है और वैक्सीन के हर पैमाने पर खरा उतरने के बाद ही इन्हें यूज किया जाता है।