
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Medically Verified By: Dr. Nikita Trehan
पीरियड्स में होने वाले दर्द को सामान्य नहीं समझना चाहिए।
शायद गैस होगी, पीरियड आने वाले हैं, कब्ज की वजह से पेट दर्द हो रहा होगा। हम महिलाएं अक्सर पेट के निचले हिस्से के दर्द को ऐसे ही टाल देती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही दर्द कोलन कैंसर यानी बड़ी आंत के कैंसर का शुरुआती संकेत भी हो सकता है? नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट द्वारा की गई रिसर्च बताती है कि कोलन कैंसर के कई लक्षण पीरियड के क्रैम्प्स, IBS या पाइल्स से इतने मिलते-जुलते हैं कि लोग महीनों तक इसे नजरअंदाज कर देते हैं। दिल्ली के सनराइज हॉस्पिटल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. निकिता त्रेहन बताती हैं कि महिलाओं को होने वाले कोलन कैंसर शुरुआती स्टेज में पीरियड्स के दर्द जैसा होता है। तो चलिए देर किस बात की है डॉक्टर से जानते हैं कि कोलन कैंसर का दर्द कैसा होता है, इसके दूसरे लक्षण क्या हैं और समय पर पकड़ में आने पर इसका इलाज कितना संभव है।
इस सवाल का जवाब देते हुए डॉ. निकिता त्रेहन कहती हैं- हमारी बड़ी आंत यानी Colon पेट के निचले हिस्से में ही होती है। वहीं गर्भाशय और अंडाशय भी होते हैं। जब कोलन में ट्यूमर बढ़ता है तो वो आंत को ब्लॉक करने लगता है। इससे गैस, ऐंठन और मरोड़ वाला दर्द होता है। ये दर्द बिल्कुल पीरियड के समय होने वाले क्रैम्प्स जैसा लगता है। फर्क सिर्फ इतना है कि पीरियड का दर्द 3-5 दिन में ठीक हो जाता है, लेकिन कोलन कैंसर का दर्द आता-जाता रहता है और धीरे-धीरे बढ़ता जाता है। अमेरिकन कैंसर सोसायटी द्वारा की गई स्टडी बताती है कि महिलाओं के पेट दर्द और ऐंठन कोलन कैंसर के सबसे आम शुरुआती लक्षणों में से एक हैं।
पीरियड्स के अलावा पेट के निचले हिस्से में दर्द हो रहा है तो इसे इग्नोर न करें।
डॉ. निकिता त्रेहन बताती हैं कि कोलन कैंसर के शुरुआती लक्षण एक नहीं बल्कि कई होते हैं। इन लक्षणों को समय रहते पहचानना बहुत जरूरी है। कोलन कैंसर के शुरुआती लक्षणों में मुख्य रूप से शामिल हैः
50 की उम्र के बाद कोलन कैंसर का खतरा रहता है।
कोलन कैंसर किसी एक कारण से नहीं होता है। किसी महिला को कोलन कैंसर होने के पीछे कई कारण होते हैं। इसमें मुख्य रूप से शामिल है-
डॉक्टर बताती हैं कि महिलाओं में अगर ऊपर बताए गए लक्षण 2 सप्ताह से ज्यादा समय तक बने रहते है तो उन्हें तुरंत मेडिकल एक्सपर्ट से बात करनी चाहिए। डॉक्टर कोलन कैंसर का पता लगाने के लिए विभिन्न प्रकार के मेडिकल टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं-
इस बारे में दिल्ली के आर्ट ऑफ हीलिंग कैंसर के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. मनदीप सिंह मल्होत्रा कहते हैं- हां, किसी भी महिला को अगर कोलन कैंसर का पता शुरुआती स्टेज में चल जाए तो यह 90% तक पूरी तरह से ठीक हो सकता है।
इस कैंसर का इलाज पूरी तरह से बीमारी के स्टेज और इसका इलाज कैसे किया जा रहा है, इस बात पर निर्भर करता है।
कोलन कैंसर के इलाज में मुख्य रूप से सर्जरी की जाती है। इसमें सर्जन ट्यूमर वाले हिस्से और उसके आसपास की आंत को काटकर निकाल देते हैं। शुरुआती स्टेज में यही काफी है।
डॉ. मनदीप सिंह मल्होत्रा कहते हैं कि सर्जरी के बाद या एडवांस केस में कैंसर की कोशिकाओं को मारने के लिए दवाएं दी जाती हैं।
कोलन कैंसर से पहले ट्यूमर को छोटा करने के लिए रेडिएशन थेरेपी दी जाती है। ट्यूमर का साइज छोटा होने पर सर्जरी आसान हो जाती है।
डॉ. मनदीप सिंह मल्होत्रा बताते हैं कि कोलन कैंसर से बचाव के लिए रोजमर्रा की लाइफस्टाइल में खानपान और एक्सरसाइज को शामिल करना बहुत जरूरी है। कोलन कैंसर से बचाव के लिए नीचे बताई गई चीजों को जरूर अपनाएं।
कोलन कैंसर को Silent Killer कहा जाता है क्योंकि शुरुआती लक्षण बहुत आम होते हैं। पेट दर्द को हमेशा गैस या पीरियड समझकर दवा मत खाएं। अपने शरीर की सुनें। अगर कुछ अलग लग रहा है तो जांच जरूर करवाएं।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। अगर आपको अपने अंदर किसी प्रकार का लक्षण नजर आ रहा है तो इस बारे में तुरंत अपने डॉक्टर से बात करें।