सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल के मुताबिक भारत में ऑटिज़्म (Autism) आम तौर पर हर 500 बच्चों में से एक बच्चे में देखा जाता है। या यूं कहें कि 0.20% या 2,160,000 से ज्यादा लोगों में यह देखा जाता है। लड़कियों की तुलना में लड़कों में यह 4 गुणा अधिक देखा जाता है। कई नए अध्ययनों से पता चला है कि ऑटिज्म वाले बच्चों का केवल एक बार निदान होता है जब वे स्कूल जाना शुरु करते हैं, जो कि आमतौर पर 4-5 वर्ष की उम्र में होता है। ज्यादातर लोगों का मानना है कि 12 से 18 महीने की उम्र के बच्चों में ऑटिज़्म के गम्भीर लक्षणों का पता लगाना संभव नहीं होता, जो कि सच नहीं है। इसीलिए हमने बात की श्री विद्यासागर कांचपुर से, जो कॉर्नर स्टोन थेरपी सॉल्यूशंस के संस्थापक और निदेशक हैं। जिन्होंने कुछ सामान्य लक्षणों के बारे में बताया जो संकेत देते हैं कि आपका बच्चा ऑटिज़्म से पीड़ित हो सकता है।
यदि आपका बच्चा देखभाल करनेवाले एक वयस्क के जवाब में 12 महीने से स्वर और व्यंजन संयोजनों में से "बा" "मा" "गु" और "दा" (बड़बड़ाना) बनने में सक्षम नहीं है, तो आपको चिंता करने की ज़रूरत है।
यदि आपका बच्चा ठीक तरीके से इशारे करने या समझने में ख़राब है, जैसे- वह किसी वयस्क व्यक्ति को कुछ दिखाने के लिए इशारे नहीं कर सकता, तो आपको उसे गंभीरता से लेना चाहिए। इसके अलावा, यदि कोई बच्चा "हां" या "नहीं" के रूप में प्रतिक्रिया देते समय सिर को झुका या सिर हिला नहीं सकता तो उसपर ध्यान दें।
यदि वह अपनी देखभाल करने वाले व्यक्ति के साथ खेलता नहीं या उसे देखकर मुस्कुराता या हंसता नहीं है, तो यह चिंता का बात हो सकती है। इसके अलावा, अगर बच्चा देखभालकर्ताओं की आंखों में नहीं देखता या बातचीत या खेलते समय के दौरान आई कॉन्टैक्ट बनाने में विफल रहता है, तो यह ऑटिज़्म का संकेत हो सकता है।
यदि कोई बच्चा खिलौनों के साथ खेलने के लिए खिलौनों में कोई रूचि नहीं दिखाता है या किसी अनुचित तरीके से खिलौने का उपयोग करता है (जैसे उसका इस्तेमाल नहीं किया जाता है), तो यह एक लक्षण हो सकता है जिसे आपको एक बाल रोग विशेषज्ञ पेडियाट्रिक्स या डेवलपमेंट स्पेशलिस्ट से बात करें।
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यदि कोई बच्चा अपना नाम पुकारने के बाद जवाब नहीं देता है, तो माता-पिता अक्सर सोचते हैं कि बच्चे को सुनने में तकलीफ होती है या वह सुनकर अनसुना करता है, तो यह वास्तव में ऑटिज़्म का संकेत हो सकता है।
यदि कोई बच्चा किसी काम को बार-बार और लगातार करता है, जैसे कि अपनी खिलौनेवाली कार के पहिये को काफी समय तक घुमाता रहता है या देर ताक ताली बजाता है, तो यह ऑटिज़्म का संकेत हो सकता है।
जब माता-पिता या डॉक्टर इन लक्षणों को देखते हैं, तो बच्चे को तत्काल किसी डेवलपमेंट स्पेशलिस्ट से बात करनी चाहिए। जो सही जांच की मदद से समस्या की पहचान और उचित निदान का फैसला कर सकता है।
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