
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : April 21, 2026 5:32 PM IST
Is Vape Safer Than Cigarettes: आपने भी कभी न कभी स्मोकिंग जरूर की होगी, अब कुछ लोग मन में सोच रहे होंगे कि उन्होंने जिंदगी में कभी सिगरेट, बीड़ी, हुक्का, वेप या कोई भी स्मोकिंग प्रोडक्ट का इस्तेमाल ही नहीं किया तो यह कैसे संभव हो सकता है। लेकिन यह फिर भी संभव है, क्योंकि स्मोकिंग भी दो प्रकार की होती है, एक्टिव स्मोकिंग और पैसिव स्मोकिंग। एक्टिव स्मोकिंग वह होती है, जो लोग खुद स्मोकिंग करते हैं। वहीं पैसिव स्मोकिंग वह है, जब कोई स्मोकिंग न करने वाला व्यक्ति स्मोकिंग कर रहे व्यक्ति के मुंह से निकल रहे धुएं को सांस के साथ अंदर खींच रहा है। जी हां! यह भी स्मोकिंग है, जो हेल्थ कैंसर से लेकर अन्य कई बीमारियों का खतरा बन सकती है। आजकल सिगरेट से ज्यादा वेप का क्रेज बढ़ता जा रहा है, जिसके बारे में भी लोग अलग-अलग राय देते हैं। कुछ लोग वेप को सिगरेट से सेफ मानते हैं, जबकि कुछ लोग वेप को सिगरेट से भी ज्यादा खतरनाक मानते हैं।
वेप को ई-सिगरेट भी कहा जाता है, जो लाइटर या उससे थोड़े से बड़े आकार का एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है। जिसे सिगरेट की तरह इस्तेमाल किया जाता है और यह भी निकोटिन प्रदान करता है। बैटरी से चलने वाला यह डिवाइस आजकल की जनरेशन में काफी चल रहा है। ज्यादातर प्रकार की वेप में तंबाकू का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, लेकिन इनमें निकोटिन होता है।
बहुत ही कम लोग यहां तक कि जो लोग वेप का इस्तेमाल भी करते हैं, शायद उन्हें भी पता नहीं होगा कि वेप धुआं नहीं छोड़ता है। दरअसल, वेप में कोई तंबाकू नहीं होता है, बल्कि एक खास तरह का लिक्विड होता है, जिसमें निकोटिन मिला होता है। वेप में मौजूद बैटरी पावर की मदद से इस लिक्विड को गर्म किया जाता है, जिससे निकली भाप का सेवन किया जाता है और इसी भाप में निकोटिन मिला होता है जो शरीर के अंदर जाता है। लेकिन अगर धुएं की बात करें तो वेपिंग डिवाइस भाप पैदा करते हैं ना कि सिगरेट की तरह धुआं पैदा करते हैं।
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वेप में धुआं नहीं होता है और ज्यादातर वेप में सिगरेट की तुलना में निकोटिन भी कम मात्रा में पाया जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वेप सेफ आपके लिए सेफ है। हालांकि, अगर इसकी सिगरेट से तुलना की जाए तो कई रिसर्च बताते हैं कि वेप की तुलना में सिगरेट ज्यादा खतरनाक है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप वेप का इस्तेमाल कर सकते हैं, इससे भी हेल्थ को कई नुकसान हो सकते हैं जैसे -
हालांकि, वेप का इस्तेमाल करने से सीधे कैंसर होता है या नहीं आदि पर अभी भी रिसर्च चल रहे हैं। लेकिन वेप में भी कई हानिकारक केमिकल और हेवी मेटल होती हैं, जिनके कारण कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
हां, कुछ स्टडीज के अनुसार इंफर्टिलिटी का एक बड़ा कारण स्मोकिंग भी है। स्मोकिंग करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ी समस्याएं आती हैं और यह इंफर्टिलिटी का रिस्क बढ़ा सकता है।
नहीं, इनमें भी निकोटिन और कई अन्य हानिकारक केमिल होते हैं, जो फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए इससे भी आपको बचना चाहिए।
अगर आप सिगरेट की लत को छोड़ना चाहते हैं, तो उसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी मानसिक रूप से तैयार होना है।
सिगरेट पीने से फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां जैसे कैंसर, हार्ट से जुड़े रोग और अन्य बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है।
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